
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने विमान पट्टे पर लेने और वित्तपोषण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्य बातें
- पीआईबी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने विमान लीजिंग और वित्तपोषण समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
- भारत में आईएफएससी के माध्यम से अब तक 250 विमानों और 87 इंजनों सहित कुल 422 परिसंपत्तियां लीज पर दी गई हैं।
- भारतीय विमानन कंपनियों के बेड़े में 85 प्रतिशत से अधिक विमान पट्टे पर लिए गए हैं।
- बैठक में कराधान, नियामकीय ढांचे, वित्त की उपलब्धता और कारोबार में सुगमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
विमान लीजिंग सेक्टर को देश में अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। पीआईबी के अनुसार, पट्टे पर विमान लेने और भुगतान के लिए धन की व्यवस्था करने संबंधी उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत में वैश्विक मानकों के अनुरूप एक मजबूत विमान लीजिंग पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
विमान लीजिंग के लिए उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक
पट्टे पर विमान लेने और वित्तपोषण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने से जुड़े कई मुद्दों पर इस उच्च स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने बैठक के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का विमानन क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और हर 45 दिन में एक नया हवाई अड्डा काम करना शुरू कर रहा है। हालांकि, विमानों की उपलब्धता अभी भी एक प्रमुख बाधा बनी हुई है, क्योंकि भारतीय एयरलाइंस के बेड़े में 85 प्रतिशत से अधिक विमान पट्टे पर लिए गए हैं।
बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा, अपर सचिव पुनीत कंसल, नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा वित्त मंत्रालय, वाणिज्य विभाग और उद्योग संघों के प्रतिनिधि भी इस उच्च स्तरीय चर्चा का हिस्सा रहे।
भारत में विमान लीजिंग की वर्तमान स्थिति और आंकड़े
सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं। विमान लीजिंग को प्रोत्साहित करने और पट्टादाताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों से इस क्षेत्र को गति मिली है।
- आईएफएससी के माध्यम से कुल 422 परिसंपत्तियों को लीज पर दिया गया है।
- इनमें 250 विमान और 87 इंजन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
- देश में अब तक कुल 474 लीजिंग समझौतों पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए हैं।
- भारतीय विमानन कंपनियों के कुल बेड़े का 85 प्रतिशत हिस्सा पट्टे पर लिए गए विमानों का है।
विमान लीजिंग एक स्थापित और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य व्यवसाय है, जिसके जोखिमों का समाधान उपयुक्त कानूनी और नियामकीय उपायों के जरिए किया जा रहा है। पिछले वर्ष गिफ्ट सिटी में आयोजित पहले विमान लीजिंग शिखर सम्मेलन के दौरान मिले सुझावों पर अमल करते हुए केप टाउन समझौते की पुष्टि की गई थी। इस वर्ष आयोजित दूसरे शिखर सम्मेलन के बाद इस उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी पहली बैठक अब संपन्न हो चुकी है।
भविष्य की योजनाएं और आर्थिक सुधार
चर्चा के दौरान विमानों के लिए रुपये में मूल्यांकित वित्तपोषण की संभावनाओं पर भी गौर किया गया। इसके अलावा सामान्य एंटी-अवॉइडेंस नियम यानी जीएएआर की प्रयोज्यता पर अधिक स्पष्टता और आयरलैंड के साथ दोहरे कराधान से बचाव समझौते के ढांचे पर पुनर्विचार करने की संभावनाओं को भी टटोला गया। मंत्री ने विमानन क्षेत्र के लिए बैंक ऋण का अधिक आवंटन तलाशने और तकनीकी कौशल विकास के लिए संयुक्त उपक्रम बनाने का सुझाव दिया।
इन तमाम सुधारों से भारत के विमानन परिदृश्य में मौलिक बदलाव आने की पूरी संभावना है। एक पूर्वानुमेय नीतिगत ढांचे से एयरलाइनों और निवेशकों के लिए कारोबार करना काफी आसान हो जाएगा। विमानों की अधिक उपलब्धता से आम यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, अधिक विकल्प और यात्रा में सुगमता का लाभ मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? विमान लीजिंग समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता किसने की।
उत्तर। इस उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने की।
प्रश्न? आईएफएससी के माध्यम से कितने विमान लीज पर दिए गए हैं।
उत्तर। आईएफएससी के माध्यम से 250 विमानों और 87 इंजनों सहित कुल 422 परिसंपत्तियों को लीज पर दिया गया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






