
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ऑथराइज्ड डीलर बैंकों के लिए अनिवासी बैंकों के खातों से जुड़े दो पुराने रिपोर्टिंग नियमों को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है।
मुख्य बातें
- भारतीय रिज़र्व बैंक ने 02 सितंबर 2026 को नया सर्कुलर जारी किया है।
- दिसंबर के अंत तक की शाखाओं की सूची भेजने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
- पाँच दिनों में ओवरड्रॉअल समायोजन की रिपोर्टिंग आवश्यकता भी हटाई गई है।
- यह निर्देश विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के तहत जारी किए गए हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक का बड़ा फैसला
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अनिवासी बैंकों के खातों को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस कदम से बैंकिंग प्रणाली में अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है। देश के केंद्रीय बैंक ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
अनिवासी बैंकों के खातों और उनसे जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर नियमों की समीक्षा की गई थी। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने कुछ खास सूचियों और ओवरड्रॉअल की जानकारी भेजने के प्रावधानों को पूरी तरह से हटा दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत यह निर्देश सभी अधिकृत डीलर श्रेणी-I बैंकों को भेजे गए हैं।
कौन से नियम हुए समाप्त
जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दो मुख्य रिपोर्टिंग दायित्वों को समाप्त किया है। पहला नियम हर साल 15 जनवरी से पहले दिसंबर अंत तक के आंकड़े देने से संबंधित था। इसके तहत बैंक उन सभी कार्यालयों और शाखाओं की अद्यतन सूची भेजते थे जो अनिवासी बैंकों के रुपये खाते मेंटेन करते थे।
दूसरा नियम विदेशी शाखाओं या संवाददाताओं द्वारा अनुमत सीमा से अधिक अस्थायी ओवरड्रॉअल से जुड़ा था। यदि ओवरड्रॉअल पांच दिनों के भीतर समायोजित नहीं होता था, तो उसकी रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को देनी होती थी। अब भारतीय रिज़र्व बैंक ने इन दोनों ही पुरानी प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्देश
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा यह कदम विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 की धाराओं 10(4) और 11(1) के अंतर्गत उठाया गया है। केंद्रीय बैंक के मुख्य महाप्रबंधक एन. सेंथिल कुमार के हस्ताक्षर से यह सर्कुलर जारी किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से बैंकों के दैनिक संचालन में आसानी होगी और अनावश्यक कागजी कार्रवाई में कमी आएगी।
यह निर्णय अप्रैल 2003 के पुराने सर्कुलर की समीक्षा के बाद लिया गया है। हालांकि, यह छूट किसी अन्य कानून के तहत आवश्यक अन्य अनुमोदनों या अनुमतियों को प्रभावित नहीं करेगी। बैंकों को अन्य विनियामक अनुपालन का पालन करना जारी रखना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भारतीय रिज़र्व बैंक ने कौन से नियम खत्म किए हैं?
उत्तर। भारतीय रिज़र्व बैंक ने अनिवासी बैंकों के रुपये खातों की वार्षिक सूची और अस्थायी ओवरड्रॉअल की रिपोर्टिंग आवश्यकताओं को समाप्त किया है।
प्रश्न? यह नया सर्कुलर कब से प्रभावी हुआ है?
उत्तर। यह निर्देश 02 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






