बुधवार, सितम्बर 2, 2026

विदेशी मुद्रा प्रवाह: आरबीआई की स्वैप सुविधा से देश में आया 1,36,377 मिलियन डॉलर

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विदेशी मुद्रा प्रवाह

भारतीय रिज़र्व बैंक ने विशेष यूएसडी-आईएनआर फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत विदेशी मुद्रा प्रवाह के ताजा आंकड़े जारी कर दिए हैं।

मुख्य बातें

  • आरबीआई के अनुसार 31 अगस्त 2026 तक कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह 1,36,377 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया।
  • एफएनसीआर(बी) डिपॉजिट के तहत 1,27,226 मिलियन डॉलर का प्रवाह हुआ है।
  • बाहरी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) के आंकड़े 3,891 मिलियन डॉलर रहे।
  • विदेशी मुद्रा ऋण (ओएफसीबी) के तहत 5,260 मिलियन डॉलर जुटाए गए।

देश के केंद्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, विशेष फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह 1,36,377 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। यह डेटा अधिकृत डीलर बैंकों द्वारा 31 अगस्त 2026 तक की स्थिति के आधार पर रिपोर्ट किया गया है, हालांकि यह अभी अंतिम लेखा परीक्षा और मिलान के अधीन है। रिज़र्व बैंक ने देश में विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और तरलता को प्रबंधित करने के उद्देश्य से इस विशेष व्यवस्था की शुरुआत की थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

विदेशी मुद्रा प्रवाह की प्रमुख श्रेणियां और आंकड़े

भारतीय रिज़र्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक बृज राज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में विभिन्न घटकों के तहत आए धन का विस्तृत विवरण दिया गया है। एफएनसीआर (बी) डिपॉजिट्स के जरिए सबसे बड़ा हिस्सा यानी 1,27,226 मिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज किया गया है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा ऋण यानी ओएफसीबी के माध्यम से 5,260 मिलियन डॉलर और बाहरी वाणिज्यिक उधार यानी ईसीबी के जरिए 3,891 मिलियन डॉलर देश में आए हैं। इन सभी को मिलाकर कुल आंकड़ा 1,36,377 मिलियन डॉलर हो गया है, जो देश की बाहरी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करता है।

आरबीआई की स्वैप सुविधा और समयसीमा

भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस विशेष यूएसडी-आईएनआर फॉरेक्स स्वैप सुविधा को 8 जून 2026 को शुरू किया था। इससे पहले जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एफएनसीआर (बी) जमा के लिए यह योजना 31 अगस्त 2026 तक खुली थी। वहीं, ईसीबी और ओएफसीबी के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए एक सुगम और सुरक्षित ढांचा प्रदान करना है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में पूंजी का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहे।

आर्थिक स्थिरता में विदेशी मुद्रा प्रवाह का महत्व

किसी भी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत विदेशी मुद्रा प्रवाह बेहद आवश्यक होता है। यह आयात के भुगतान, विदेशी ऋणों के निपटान और विनिमय दर में स्थिरता बनाए रखने में केंद्रीय बैंक की मदद करता है। जब देश में अधिक मात्रा में डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है, तो इससे घरेलू मुद्रा पर दबाव कम होता है और वृहद आर्थिक संकेतक मजबूत होते हैं। आरबीआई की इस तरह की पहलें वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय वित्तीय बाजारों को सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं।

आगे की प्रक्रिया और रिपोर्टिंग

वर्तमान में प्रस्तुत किए गए सभी आंकड़े अनंतिम (provisional) हैं। अधिकृत डीलर बैंकों द्वारा दी गई जानकारी के बाद इनकी अंतिम रिपोर्टिंग, लेखांकन और मिलान (reconciliation) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम आंकड़े आने के बाद इस योजना के तहत आए कुल वास्तविक धन की सटीक तस्वीर और स्पष्ट होगी। बैंक और वित्तीय विश्लेषक इन आंकड़ों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार के आगामी रुझानों का अनुमान लगाया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? विदेशी मुद्रा प्रवाह की यह विशेष सुविधा कब शुरू की गई थी? उत्तर। आरबीआई ने यह विशेष यूएसडी-आईएनआर फॉरेक्स स्वैप सुविधा 8 जून 2026 को शुरू की थी।

प्रश्न? एफएनसीआर(बी) डिपॉजिट्स के तहत कितना विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज हुआ है? उत्तर। अधिकृत बैंकों के अनुसार एफएनसीआर(बी) डिपॉजिट्स के तहत 1,27,226 मिलियन डॉलर का प्रवाह दर्ज हुआ है।

प्रश्न? ईसीबी और ओएफसीबी के लिए यह योजना कब तक खुली है? उत्तर। इन दोनों श्रेणियों के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी।

यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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