
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 26 अक्टूबर 2026 को नीदरलैंड में डच सरकार के मंत्रियों, सांसदों और प्रमुख कंपनियों के अधिकारियों के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं।
मुख्य बातें
- पीयूष गोयल ने 26 अक्टूबर 2026 को नीदरलैंड के मंत्रियों और सांसदों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं।
- भारत-नीदरलैंड व्यापार मंच में लगभग 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसकी सह-अध्यक्षता मंत्री गोयल ने की।
- बैठकों में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
- भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते और निवेश साझेदारियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान 26 अक्टूबर 2026 को डच सरकार के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और प्रमुख व्यावसायिक दिग्गजों के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को प्रगाढ़ करना, व्यापार एवं निवेश का दायरा बढ़ाना तथा भारतीय एवं डच उद्यमों के लिए नई साझेदारियों की संभावनाएं तलाशना था।
पीयूष गोयल नीदरलैंड दौरा: किन प्रमुख नेताओं से हुई मुलाकात?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड के विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्स्मा, आर्थिक मामलों एवं जलवायु मंत्री हीलीन हर्बर्ट, और नॉर्थ हॉलैंड प्रांत के किंग्स कमिश्नर आर्थर वान डाइक के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन वार्ताओं के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी आर्थिक संबंधों, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और भारत-यूरोपीय संघ (EU) की व्यापक आर्थिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने डच हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की विदेश व्यापार समिति तथा सीनेट की यूरोपीय मामलों की समिति के सदस्यों से भी संवाद किया।
भारत-नीदरलैंड व्यापार मंच का आयोजन
इस यात्रा के दौरान हेग में भारत-नीदरलैंड व्यापार मंच (इंडिया-नीदरलैंड बिजनेस फोरम) का मुख्य आयोजन हुआ। इस महत्वपूर्ण मंच की सह-अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और डच मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्स्मा ने संयुक्त रूप से की, जिसमें भारत और नीदरलैंड के बिजनेस जगत से लगभग 200 प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।
- भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से मिलने वाले अवसरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
- सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और रिटेल क्षेत्र की कंपनियों के सीईओ के साथ अलग बैठकें हुईं।
- भारतीय दूतावास द्वारा एचएसबीसी नीदरलैंड्स के सहयोग से 15 कंपनियों के सीएक्सओ के साथ राउंडटेबल बैठक आयोजित की गई।
- यूरोपीय बाजारों तक पहुंच के लिए नीदरलैंड को एक अहम प्रवेश द्वार बताया गया।
यह भी जानें: आर्थिक साझेदारी और इसका असर
यह उच्चस्तरीय दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और नीदरलैंड अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दे चुके हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में हो रही इन चर्चाओं का सीधा असर भारतीय उद्योगों और यूरोपीय बाजारों के बीच बढ़ते व्यापार पर पड़ेगा। सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में डच कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ने से घरेलू स्तर पर तकनीकी क्षमताओं को गति मिलने की उम्मीद है। नीदरलैंड यूरोपीय संघ के भीतर भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है, और इस प्रकार की कूटनीतिक तथा व्यावसायिक बैठकों से भारतीय निर्यातकों के लिए नए रास्ते खुलते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? पीयूष गोयल ने नीदरलैंड की यात्रा कब की? उत्तर। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 26 अक्टूबर 2026 को नीदरलैंड में उच्चस्तरीय बैठकें कीं।
प्रश्न? इस यात्रा का मुख्य एजेंडा क्या था? उत्तर। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार, निवेश संबंधों को मजबूत करना और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के अवसरों का लाभ उठाना था।
प्रश्न? भारत-नीदरलैंड व्यापार मंच में कितने लोगों ने हिस्सा लिया? उत्तर। इस मंच में भारतीय और डच बिजनेस जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों सहित लगभग 200 लोगों ने भाग लिया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






