सोमवार, अक्टूबर 26, 2026

पोत निर्माण उद्योग: कोरियाई कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता

Date:

पोत निर्माण उद्योग

दक्षिण कोरिया के बुसान में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोरियाई कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता दिया। 30 अक्टूबर को मुंबई में खुलेगा KOMEA का नया कार्यालय।

मुख्य बातें

  • कोरिया समुद्री उपकरण संघ (KOMEA) 30 अक्टूबर को मुंबई में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलेगा।
  • भारत में सितंबर 2025 में स्वीकृत 7.8 अरब डॉलर के पैकेज के बाद 2026 में पोत निर्माण उत्पादन में 80% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
  • अगले 10 वर्षों में भारतीय पोत निर्माण कंपनियों के लिए लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के 400 से अधिक जहाजों के ऑर्डर मिलने की संभावना है।
  • डायरेक्ट सहायता प्राप्त 120 से अधिक जहाजों के निर्माण ऑर्डर्स में 80% से अधिक हिस्सा विदेशी निर्यात का है।

पोत निर्माण उद्योग में भारत को वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों को भारत में निवेश और विनिर्माण के लिए आमंत्रित किया है। दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित विश्व समुद्री दिवस के दौरान आयोजित एक उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक में उन्होंने भारत का पक्ष प्रस्तुत किया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत ने सभी देशों के लिए व्यावहारिक और समान रूप से लागू होने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों की जोरदार वकालत की है। केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वैश्विक नियमों का पालन कराने के दौरान विभिन्न राष्ट्रों की आर्थिक स्थिति, तकनीक की उपलब्धता और वित्तीय संसाधनों के अंतर को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।

पोत निर्माण उद्योग में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच क्या समझौता हुआ है?

पोत निर्माण उद्योग में दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग और निवेश को गति देने के लिए कोरिया समुद्री उपकरण संघ (KOMEA) 30 अक्टूबर को मुंबई में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलने जा रहा है। इस कार्यालय के जरिए HD हुंडई, हनवा ओशन और सैमसंग हेवी इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गजों सहित कोरियाई कंपनियां भारतीय जहाजों के लिए आवश्यक कलपुर्जों, इंजनों और आधुनिक नौवहन प्रणालियों का स्थानीय स्तर पर निर्माण कर सकेंगी।

कोरिया समुद्री उपकरण संघ की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी। यह संघ समुद्री उपकरण निर्माताओं, डिजाइनिंग फर्मों, पोत निर्माताओं और मरम्मत करने वाली कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। अप्रैल में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच ‘वॉयेजेस’ (Voyages) ढांचे के तहत इस रणनीतिक सहयोग पर सहमति बनी थी। इसके बाद फरवरी 2025 में KOMEA ने भारतीय कंपनियों के साथ जहाजों के डिजाइन, आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त शिक्षा कार्यक्रमों में सहयोग की पेशकश की थी।

भारतीय समुद्री क्षेत्र और पोत निर्माण उद्योग पर इसका क्या असर होगा?

पोत निर्माण उद्योग के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर 2025 में लगभग 7.8 अरब डॉलर (लगभग 65,000 करोड़ रुपये) के विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी थी। इस वित्तीय प्रोत्साहन योजना का सकारात्मक परिणाम भारतीय जहाजरानी उद्योग में देखने को मिला है। योजना लागू होने के बाद वर्ष 2025 में भारत के पोत निर्माण उत्पादन में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, वर्ष 2026 में उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक की और अतिरिक्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत प्रत्यक्ष सरकारी सहायता प्राप्त करने वाले जहाजों की संख्या 120 से अधिक पहुंच चुकी है। इन जहाजों का कुल निर्माण मूल्य 1.27 अरब डॉलर से अधिक है। सबसे ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि इन ऑर्डर्स में 80 प्रतिशत से अधिक जहाज विदेशी खरीदारों के लिए यानी निर्यात उद्देश्य से बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय जलमार्ग मंत्रालय ने भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी संस्थाओं की ओर से आने वाली जहाजों की मांग का आकलन किया है। इसके अनुसार, अगले 10 वर्षों में भारतीय पोत निर्माण कंपनियों के लिए लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के 400 से अधिक जहाजों के ऑर्डर मिलने की मजबूत संभावना है।

वैश्विक समुद्री नियमों और मानकों पर भारत का क्या रुख है?

बुसान में आयोजित गोलमेज सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज, दक्षिण कोरिया के महासागर और मत्स्य पालन उपमंत्री नाम जे-हॉन, नॉर्वे की मत्स्य पालन मंत्री मारियान सिवर्टसेन नैस और साइप्रस की उपमंत्री मारिना हाजीमानोलिस भी उपस्थित थीं। इस विशेष सत्र की अध्यक्षता दक्षिण कोरिया के पूर्व मंत्री मून सियोंग-ह्योक ने की।

इस बैठक में सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानक महत्वाकांक्षी और सार्वभौमिक होने चाहिए, लेकिन उन्हें लागू करने की समयसीमा और प्रक्रिया प्रत्येक देश की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल होनी चाहिए। उन्होंने ‘साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों’ (CBDR) के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल नियमों का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लागू करने में विकासशील राष्ट्रों की सहायता करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन देशों ने सम्मेलनों को पूरी तरह से लागू कर लिया है, वे क्षमता निर्माण में जुटे राष्ट्रों के साथ मिलकर संयुक्त कार्य समूह गठित करें। इससे निरीक्षकों और सर्वेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है।

कोरियाई कंपनियों के लिए भारत में कौन-कौन से व्यावसायिक अवसर हैं?

वर्तमान में भारत में बनने वाले प्रत्येक व्यापारिक या रक्षा जहाज को इंजन, प्रणोदन प्रणाली (propulsion system), डेक मशीनरी, विद्युत प्रणालियों और नौवहन उपकरणों की अत्यधिक आवश्यकता होती है। सर्बानंद सोनोवाल ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत इन उच्च मूल्य वाले जहाजरानी उपकरणों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। यही कारण है कि दक्षिण कोरियाई आपूर्तिकर्ताओं के लिए भारतीय बाजार में असीम अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

KOMEA के अध्यक्ष हो-इल कांग ने सम्मेलन में घोषणा की कि संघ के सदस्य अगले दो वर्षों के भीतर भारतीय बाजार में पूरी तरह प्रवेश करने की तैयारी कर रहे हैं। SB सनबो, डेयांग, कासेमेक (KASEMEC) और JO इंजीनियरिंग जैसी प्रमुख दक्षिण कोरियाई कंपनियों ने भारत के पोत निर्माण क्षेत्र में अपने संभावित निवेश और संयुक्त उद्यम स्थापित करने की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की है। भारत सरकार इन कंपनियों को मुंबई कार्यालय के माध्यम से लाइसेंसिंग, संयुक्त उद्यम या अपने स्वयं के कारखाने स्थापित करने के लिए पूर्ण प्रशासनिक और ढांचागत सहायता प्रदान करेगी।

यह भी जानें: भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर की वर्तमान स्थिति और सुधार

प्रेस सूचना ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अपने समुद्री ढांचे को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए कानूनी और तकनीकी स्तर पर बड़े सुधार किए हैं। साल 2025 में पारित किए गए पांच नए समुद्री कानून मार्च 2026 से प्रभावी रूप से लागू हो चुके हैं। इसके अलावा, भारत की डिजिटाइज्ड ‘समुद्री एकल खिड़की व्यवस्था’ (Maritime Single Window) में अब देश के 69 प्रमुख बंदरगाह और टर्मिनल सफलतापूर्वक जुड़ चुके हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही और क्लीयरेंस प्रक्रिया में तेजी आई है।

पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित जहाज रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में भी भारत ने वैश्विक मानक स्थापित किए हैं। वर्तमान में देश में 115 जहाज रीसाइक्लिंग सुविधाएं मौजूद हैं, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के ढांचे के तहत हांगकांग सम्मेलन (HKC) के कठोर नियमों का पूरी तरह से अनुपालन करती हैं। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, समुद्री डकैती और लाल सागर में जहाजों के आवागमन में आ रही बाधाओं के बीच भारत का यह आधुनिक बुनियादी ढांचा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: KOMEA भारत में अपना नया कार्यालय कहां और कब खोल रहा है?
उत्तर: कोरिया समुद्री उपकरण संघ (KOMEA) 30 अक्टूबर को मुंबई में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलने जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारतीय पोत निर्माण बाजार में कोरियाई कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देना है।

प्रश्न: केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत पोत निर्माण प्रोत्साहन योजना का क्या बजट है?
उत्तर: केंद्र सरकार ने सितंबर 2025 में पोत निर्माण उद्योग के लिए लगभग 7.8 अरब डॉलर (करीब 65,000 करोड़ रुपये) के प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी थी।

प्रश्न: अगले 10 वर्षों में भारतीय पोत निर्माण क्षेत्र के लिए कितने ऑर्डर्स का अनुमान है?
उत्तर: जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, अगले 10 वर्षों में भारतीय पोत निर्माण कंपनियों को सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों की ओर से लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के 400 से अधिक जहाजों के ऑर्डर मिलने की संभावना है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

नशा मुक्त क्विज़ 2026 की हुई शुरुआत, जानें भाग लेने के नियम

नशा मुक्त क्विज़ 2026 का आयोजन सामाजिक न्याय मंत्रालय कर रहा है। माई भारत पोर्टल पर 25 नवंबर तक भाग लें और ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्राप्त करें।

ब्रिक्स संसदीय मंच 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में विदेशी सांसदों से की मुलाकात

ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के सांसदों के साथ अहम बैठक की। जानिए पूरी खबर।

राष्ट्रीय संस्थान ने देश के पहले फूड टेक हैकाथॉन का किया आयोजन

एनआईएफटीईएम-कुंडली ने भारत के पहले एआई आधारित फूड टेक हैकाथॉन का आयोजन किया। जानिए वैकल्पिक प्रोटीन और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों से जुड़ी इस अनूठी पहल की पूरी जानकारी।

जहाज निर्माण में भारत बनेगा वैश्विक दिग्गज, सर्बानंद सोनोवाल पहुंचे कोरिया

जहाज निर्माण क्षेत्र को गति देने के लिए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल दक्षिण कोरिया पहुंचे। जानें भारत के 2047 विजन और वैश्विक साझेदारी की पूरी जानकारी।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika