
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सम्मिलित भूवैज्ञानिक परीक्षा, 2026 के अंतिम परिणाम की घोषणा कर दी है, जिसमें विभिन्न समूहों के पदों के लिए उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है।
मुख्य बातें
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सम्मिलित भूवैज्ञानिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित किए गए।
- चरण-I प्रारंभिक परीक्षा 8 फरवरी 2026 को और चरण-II प्रधान परीक्षा 20 व 21 जून 2026 को आयोजित हुई थी।
- व्यक्तित्व परीक्षण सितंबर 2026 में संपन्न हुआ था जिसके आधार पर योग्यता सूची तैयार की गई है।
- कुछ उम्मीदवारों के परिणाम अनंतिम (प्रोविजनल) रखे गए हैं जिन्हें 3 महीने के भीतर मूल दस्तावेज सत्यापित कराने होंगे।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित भूवैज्ञानिक परीक्षा 2026 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। पीआईबी के अनुसार, आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा, प्रधान परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण के चरणों के बाद योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भू-विज्ञानी, वैज्ञानिक, रसायनज्ञ और सहायक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। जिन उम्मीदवारों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं।
भूवैज्ञानिक परीक्षा 2026 परिणाम की मुख्य बातें और चयन प्रक्रिया
संघ लोक सेवा आयोग की सम्मिलित भूवैज्ञानिक परीक्षा 2026 का चरण-I यानी प्रारंभिक परीक्षा 08 फरवरी, 2026 को आयोजित की गई थी। इसके बाद सफल उम्मीदवारों के लिए चरण-II प्रधान परीक्षा 20 और 21 जून, 2026 को संपन्न हुई। प्रक्रिया के अंतिम चरण के रूप में सितंबर, 2026 में व्यक्तित्व परीक्षण यानी इंटरव्यू आयोजित किए गए थे। इन सभी चरणों के अंकों और प्रदर्शन के आधार पर आयोग ने विभिन्न समूहों के लिए उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश की है।
विभिन्न श्रेणियों और समूहों के पदों का विवरण
सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में भरे जाने वाले पदों के लिए रिक्तियों की संख्या और अनुशंसित उम्मीदवारों का विवरण अलग-अलग श्रेणियों के अंतर्गत तय किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के पद शामिल हैं।
- भू-विज्ञानी समूह ‘क’ के पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है।
- वैज्ञानिक ‘बी’ (जल भू-विज्ञान) और सहायक जल भू-विज्ञानी पदों पर कुल 22 उम्मीदवार अनुशंसित हुए हैं।
- भू-भौतिकविद और वैज्ञानिक ‘बी’ (भू-भौतिकी) श्रेणी में कुल 4 उम्मीदवारों के नाम तय किए गए हैं।
- रसायन समूह ‘क’ के अंतर्गत कुल 16 उम्मीदवारों को सफलता मिली है।
- वैज्ञानिक ‘बी’ (रसायन) और सहायक रसायनज्ञ के पदों पर भी योग्य अभ्यर्थियों की सिफारिश हुई है।
अनंतिम परिणाम और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, कुछ चुनिंदा अनुक्रमांक वाले उम्मीदवारों के परिणाम अनंतिम रखे गए हैं। भू-विज्ञानी, जल भू-विज्ञान, भू-भौतिकी और सहायक रसायनज्ञ श्रेणियों के इन प्रोविजनल उम्मीदवारों को अपने अपेक्षित मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। जब तक दस्तावेज सत्यापित नहीं होते, तब तक इन्हें नियुक्ति प्रस्ताव जारी नहीं किया जाएगा।
इन उम्मीदवारों की अनंतिम स्थिति अंतिम परिणाम की घोषणा की तिथि से केवल तीन महीने की अवधि तक ही वैध मानी जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित तीन महीने के भीतर अपने मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। इस संबंध में आयोग द्वारा आगे कोई पत्र-व्यवहार नहीं किया जाएगा, इसलिए संबंधित अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते औपचारिकताएं पूरी करें।
आरक्षित सूची और प्राप्तांक की जानकारी
नियम 16 के तहत आयोग ने वैज्ञानिक ‘बी’ (जल भू-विज्ञान), सहायक जल भू-विज्ञानी और भू-भौतिकी पदों के लिए एक समेकित आरक्षित सूची भी तैयार की है। जल-भू-विज्ञान और भू-भौतिकी दोनों श्रेणियों में 2-2 उम्मीदवारों को इस आरक्षित सूची में रखा गया है। सरकार द्वारा इन पदों पर नियुक्तियां उपलब्ध रिक्तियों और सभी पात्रता शर्तों को पूरा करने के अधीन होंगी।
उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्राप्तांक रिजल्ट जारी होने की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने की संभावना है। यदि किसी अभ्यर्थी को परीक्षा से जुड़ी कोई समस्या या स्पष्टीकरण चाहिए, तो वह आयोग के आधिकारिक कॉल सेंटर के दूरभाष नंबरों पर सुबह 09:00 बजे से शाम 08:00 बजे के बीच संपर्क कर सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भूवैज्ञानिक परीक्षा 2026 के परिणाम कहां देखे जा सकते हैं?
उत्तर। परिणाम संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.upsc.gov.in पर उपलब्ध हैं।
प्रश्न? अनंतिम रूप से चुने गए उम्मीदवारों को दस्तावेज कब तक जमा करने होंगे?
उत्तर। अनंतिम उम्मीदवारों को अंतिम परिणाम घोषणा की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर अपने मूल दस्तावेज सत्यापित कराने होंगे।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






