
कोयला मंत्रालय के तहत ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने विशेष अभियान 6 के तहत कबाड़ बेचकर 2.21 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है और कार्यालय परिसरों में जगह खाली कराई है।
मुख्य बातें
- ईसीएल ने विशेष अभियान 6 के तहत कबाड़ बेचकर 2.21 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
- अभियान के दौरान 62,720 वर्ग फुट कार्यालयी जगह को खाली कराया गया।
- कुल 413.5 मीट्रिक टन लोहे के कबाड़ का सफल निपटान किया गया।
- प्रशासनिक सुधार के तहत 647 भौतिक फाइलों और 3,098 ई-फाइलों की समीक्षा की गई।
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने अपने विशेष अभियान 6 के अंतर्गत कबाड़ सामग्री का सफल निपटान कर 2.21 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी स्वच्छता और प्रशासनिक सुधार पहल के माध्यम से कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्रों में साफ-सफाई में सुधार करने के साथ-साथ बेकार पड़ी सामग्रियों का सार्थक उपयोग भी सुनिश्चित किया है।
ईसीएल कबाड़ निपटान से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं
ईसीएल कबाड़ निपटान अभियान के तहत कोल इंडिया लिमिटेड की इस सहायक कंपनी ने कुल 850 मीट्रिक टन चिन्हित कबाड़ में से 14 अक्टूबर तक 413.5 मीट्रिक टन लोहे के कबाड़ को बेच दिया। इस बिक्री से कंपनी को कुल 2,21,31,359 रुपये की आय हुई। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में बेकार पड़ी वस्तुओं को हटाकर संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और कार्यस्थल को अधिक उपयोगी बनाना है।
यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच चलाया गया, जिसकी प्रगति रिपोर्ट हाल ही में जारी की गई है। कंपनी ने अपने विभिन्न प्रतिष्ठानों के अंतर्गत कुल 10 स्थानों पर यह सफाई अभियान संचालित किया। इस दौरान तय किए गए 2,08,052 वर्ग फुट के लक्ष्य में से 62,720 वर्ग फुट जगह को पूरी तरह से खाली करा लिया गया, जो कुल लक्षित क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा है। खाली कराई गई इस जगह का उपयोग अब अन्य प्रशासनिक और परिचालन कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
प्रशासनिक और डिजिटल फाइलों का निपटारा
केवल कबाड़ ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देने के लिए दफ्तरों में धूल फांक रही पुरानी फाइलों को भी व्यवस्थित किया गया। ईसीएल ने 1,200 वास्तविक फाइलों की समीक्षा के लक्ष्य के मुकाबले 647 भौतिक फाइलों की जांच की। इसके अलावा, 1,000 बेकार फाइलों को नष्ट करने या हटाने के लक्ष्य के विरुद्ध 567 बेकार फाइलों को हटाया गया ताकि कार्यालयों में अनावश्यक कागजात का बोझ कम किया जा सके और रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत बनाया जा सके।
डिजिटल मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इलेक्ट्रॉनिक फाइलों के प्रबंधन के तहत 3,800 ई-फाइलों की समीक्षा का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 3,098 ई-फाइलों की समीक्षा पूरी कर ली गई, जो 81 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि है। साथ ही, बंद करने के लिए चिन्हित की गई 3,600 ई-फाइलों में से 2,148 ई-फाइलों को बंद कर दिया गया, जिससे लक्ष्य का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा हुआ।
ईसीएल कबाड़ निपटान का आम कामकाज पर असर
इस तरह के विशेष अभियानों का उद्देश्य केवल वित्तीय लाभ कमाना नहीं होता, बल्कि सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्य संस्कृति को बदलना होता है। जब पुरानी और बेकार फाइलें हटती हैं तथा कबाड़ के रूप में डंप सामान बिकता है, तो परिसरों में जगह बनती है और कर्मचारियों के लिए काम करना आसान हो जाता है। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों के पास अकसर भारी मात्रा में पुराना मशीनरी कचरा और लोहा होता है, जिसका समय पर निपटान न होने से जगह घिरती है।
कोल इंडिया लिमिटेड और इसके तमाम उपक्रम हर साल इस प्रकार के स्वच्छता अभियानों में हिस्सा लेते हैं। विशेष अभियान श्रृंखला का मुख्य ध्येय शासन में पारदर्शिता लाना, कार्यालयों में लंबित मामलों को कम से कम करना और जनता के प्रति जवाबदेही को बढ़ाना है। इस बार अक्टूबर के पखवाड़े में चलाए गए इस अभियान ने निर्धारित लक्ष्यों को काफी हद तक हासिल कर लिया है, जिससे भविष्य में अन्य उपक्रमों के लिए भी एक मिसाल कायम हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? ईसीएल कबाड़ निपटान अभियान कब से कब तक चलाया गया? उत्तर। यह अभियान 2 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच संचालित किया गया था।
प्रश्न? इस अभियान के तहत कितनी राशि अर्जित की गई? उत्तर। ईसीएल ने लोहे के कबाड़ के निपटान से कुल 2,21,31,359 रुपये अर्जित किए।
प्रश्न? ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड किस संगठन के अंतर्गत आती है? उत्तर। ईसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है जो कोयला मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






