
केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सांची में महिला किसान दिवस पर महिलाओं को औपचारिक पहचान दिलाने और ग्रामीण आजीविका बढ़ाने की बात कही।
मुख्य बातें
- केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 16 अक्टूबर 2026 को सांची का दौरा किया।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 नई ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन किया गया।
- रायसेन और विदिशा में हर परिवार को आजीविका से जोड़ने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
- सांची विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025-26 के लिए 3,081 और 2024-25 के लिए 5,035 पक्के मकान स्वीकृत किए गए।
महिला किसान देश की कृषि रीढ़ हैं और उन्हें औपचारिक रूप से किसान की पहचान दिलाने के लिए सरकार पूरे प्रयास करेगी। केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र सांची के दौरे के दौरान महिला किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि खेतों में दिन-रात पसीना बहाने वाली महिलाओं को अब केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कृषि आधारित छोटे उद्योगों की दिशा में भी आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 46 नई ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन भी किया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी सुविधा मिलेगी।
महिला किसान को औपचारिक पहचान दिलाने की तैयारी
कृषि मंत्रालय के अनुसार, खेती और पशुपालन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिलाओं को अब तक जमीन के अभाव में किसान का औपचारिक दर्जा नहीं मिल पाता था। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसान की पहचान केवल जमीन के स्वामित्व से तय नहीं होनी चाहिए, बल्कि खेतों में वास्तविक मेहनत करने वाले व्यक्ति को भी यह दर्जा मिलना चाहिए। जो महिलाएं पशुपालन, चारा प्रबंधन, दूध उत्पादन, और खेतों में लगातार काम करती हैं, वे असल मायनों में महिला किसान हैं। कृषि मंत्री के रूप में वे इस मांग को सभी संबंधित मंचों पर मजबूती से उठाएंगे ताकि इन महिलाओं को उचित सम्मान और अधिकार मिल सकें।
रायसेन और विदिशा से शुरू होगा आजीविका अभियान
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रायसेन और विदिशा जिलों में एक विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य हर गांव के प्रत्येक परिवार को कम से कम एक स्थायी आजीविका के साधन से जोड़ना है। इस योजना के तहत खेती-किसानी, पशुपालन, मछली पालन, बकरी पालन और कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य गांवों को पूरी तरह गरीबी मुक्त बनाना है, जिसके लिए महिलाओं की सहभागिता को सबसे अहम माना गया है।
यह भी जानें: ग्रामीण सड़कों और आवास योजनाओं का विवरण
सांची दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बुनियादी ढांचे और आवास योजनाओं के आंकड़े भी साझा किए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कुल 46 सड़कों का शिलान्यास किया गया है, जिनका निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण आवास को लेकर सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की गई है:
- सांची विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025-26 के लिए 3,081 पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं।
- वर्ष 2024-25 के दौरान इसी क्षेत्र में 5,035 मकान मंजूर हुए थे।
- प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 218 और धरती आबा योजना के अंतर्गत 246 मकानों की स्वीकृति दी गई है।
- हालिया सर्वे के अनुसार क्षेत्र में 22,477 अतिरिक्त मकानों की आवश्यकता पाई गई है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
छोटे उद्यमों से उद्यमी बनेंगी ग्रामीण महिलाएं
महिलाओं को केवल बड़े, पापड़ और अचार तक सीमित न रखकर कृषि आधारित लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में दलहन या तिलहन का उत्पादन अधिक होता है, तो वहां छोटी मिलें और प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी। इसके लिए महिलाओं को तकनीकी सहायता, उचित प्रशिक्षण और बिना जटिल गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? महिला किसान दिवस पर कौन सी मुख्य घोषणा की गई? उत्तर। महिला किसानों को औपचारिक पहचान दिलाने और उन्हें कृषि आधारित छोटे उद्योगों से जोड़ने की घोषणा की गई।
प्रश्न? सांची में कितनी ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन हुआ? उत्तर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कुल 46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन किया गया।
प्रश्न? आजीविका बढ़ाने का पायलट प्रोजेक्ट कहां से शुरू हो रहा है? उत्तर। यह प्रोजेक्ट रायसेन और विदिशा जिलों से शुरू किया जा रहा है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






