
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में खादी उत्पादों की बंपर बिक्री का जिक्र करते हुए कारीगरों का आभार जताया है।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में खादी की रिकॉर्ड बिक्री का जिक्र किया।
- गांधी जयंती के दिन खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई।
- केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज गोयल ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है।
- खादी और ग्रामोद्योग आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र ने देश में 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 139वीं कड़ी में देश भर में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बढ़ती बिक्री पर संतोष जताया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत आने वाले खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष मनोज गोयल ने प्रधानमंत्री के इस संबोधन पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है। सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री की ओर से लगातार मिल रहे प्रोत्साहन ने इस पारंपरिक क्षेत्र को एक नई दिशा दी है।
मन की बात में खादी की रिकॉर्ड बिक्री का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 139वें एपिसोड में खादी की बंपर बिक्री का विशेष उल्लेख किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर अकेले एक ही दिन में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई। प्रधानमंत्री ने आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए देश के नागरिकों से स्थानीय कारीगरों के बनाए गए सामान को खरीदने का आग्रह किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल सके।
केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज गोयल का बयान
खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह प्रोत्साहन देश के लाखों बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। उन्होंने याद दिलाया कि 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के अवसर पर शुरू हुए इस संवाद मंच से ही प्रधानमंत्री ने पहली बार नागरिकों से कम से कम एक खादी उत्पाद खरीदने का आह्वान किया था। तब से लेकर अब तक हर साल गांधी जयंती पर खादी की बिक्री में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के आंकड़े
- वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कुल कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
- इस सेक्टर ने देश भर में 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराया है।
- खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने आने वाले समय में इस क्षेत्र के कारोबार को 2.51 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है।
- गांधी जयंती के एक ही दिन में उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।
इसका असर और ग्रामीण आजीविका पर प्रभाव
प्रधानमंत्री के इस निरंतर समर्थन का सीधा असर देश के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं और पारंपरिक कारीगरों पर पड़ रहा है। खादी अब केवल एक वस्त्र तक सीमित न रहकर महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला माध्यम बन चुकी है। आयोग का मानना है कि गुणवत्ता में सुधार और आधुनिक डिजाइन को अपनाने से युवा पीढ़ी भी इस स्वदेशी अभियान से तेजी से जुड़ रही है। त्योहारों के मौसम में स्थानीय उत्पादों की खरीद बढ़ने से छोटे दुकानदारों और बुनकरों की आय में सीधा इजाफा होता है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का सपना जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत कब हुई थी? उत्तर। इस रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के पावन अवसर पर हुई थी।
प्रश्न? गांधी जयंती पर खादी उत्पादों की बिक्री कितनी रही? उत्तर। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गांधी जयंती के एक ही दिन में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की कुल बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई।
प्रश्न? वर्तमान में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष कौन हैं? उत्तर। श्री मनोज गोयल खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






