
नई दिल्ली में आयोजित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सरकारी कामकाज को सरल और जन-सुलभ बनाने पर जोर दिया।
मुख्य बातें
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की उच्च स्तरीय बैठक 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित की गई।
- बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने की।
- यह बैठक नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 परिसर में संपन्न हुई।
- राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा में डिजिटल संचार और पत्राचार में सुधार देखा गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 में आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय सत्र की अध्यक्षता केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने की, जिसमें मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, मनोनीत संसद सदस्य और गैर-सरकारी सदस्य शामिल हुए। राजभाषा के सुचारू उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।
हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में क्या हुआ खास?
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में सरकारी कामकाज के हर स्तर पर हिंदी के प्रयोग की गहन समीक्षा की गई। मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हिंदी मात्र संवाद का साधन नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सुशासन की धुरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासनिक भाषा हमेशा सरल और सहज होनी चाहिए।
बैठक में यह सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक नीतियां आसानी से समझ आ सकें। इसके लिए प्रशासनिक दस्तावेजों, पत्रों और डिजिटल माध्यमों में कठिन शब्दों के बजाय आम बोलचाल के करीब की शब्दावली का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, बैठक के दौरान मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों, सांविधिक निकायों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पिछले महीनों में हुए कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
- मंत्रालय के आधिकारिक पत्राचार में हिंदी के प्रयोग में वृद्धि दर्ज की गई।
- डिजिटल संचार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर द्विभाषी (Bilingual) सामग्री को प्राथमिकता दी जा रही है।
- आधिकारिक वेबसाइटों पर सूचनाएं हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- समिति के सदस्यों ने राजभाषा के प्रसार के लिए कई नए और व्यावहारिक सुझाव दिए।
हिंदी सलाहकार समिति और प्रशासनिक कामकाज
भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में राजभाषा विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत हिंदी सलाहकार समितियों का गठन किया जाता है। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य यह निगरानी करना होता है कि सरकारी कार्यालयों में संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं, विशेषकर हिंदी, के प्रयोग से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। संसद सदस्यों और गैर-सरकारी विशेषज्ञों को इन समितियों में शामिल किए जाने का मकसद जनता की अपेक्षाओं को प्रशासनिक मशीनरी तक पहुंचाना है।
डिजिटल युग में ई-गवर्नेंस के बढ़ने के साथ ही सरकारी पोर्टल्स और मोबाइल ऐप्स पर भी हिंदी की उपलब्धता अनिवार्य की जा रही है ताकि देश के किसी भी कोने का नागरिक अपनी मातृभाषा में सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता किसने की? उत्तर। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने की।
प्रश्न? यह उच्च स्तरीय बैठक कहाँ आयोजित की गई थी? उत्तर। यह बैठक नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? बैठक में मुख्य रूप से किस बात पर जोर दिया गया? उत्तर। बैठक में सरकारी कामकाज में प्रयुक्त होने वाली हिंदी को सरल, सहज और आम जनता के लिए बोधगम्य बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






