
नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में एराइज़ सिटीज़ फोरम 2026 का दूसरा संस्करण शुरू हो गया है, जिसमें ग्लोबल साउथ के शहरों के सतत विकास और जलवायु लचीलेपन पर मंथन किया जा रहा है।
मुख्य बातें
- एराइज़ सिटीज़ फोरम का दूसरा संस्करण 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में शुरू हुआ।
- यह दो दिवसीय आयोजन आईसीएलईआई साउथ एशिया, राष्ट्रीय शहरी मामलों संस्थान और आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सहयोग से हो रहा है।
- सम्मेलन के दौरान ‘स्थानीय कार्यवाही द्वारा वैश्विक जलवायु लक्ष्यों हेतु दिल्ली घोषणा 2026’ तैयार की जाएगी, जिसे COP31 में प्रस्तुत किया जाएगा।
- उद्घाटन समारोह में आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और विभिन्न देशों के मेयर उपस्थित रहे।
एराइज़ सिटीज़ फोरम 2026 का नई दिल्ली में हुआ शुभारंभ
एराइज़ सिटीज़ फोरम का दूसरा संस्करण 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में शुरू हुआ। दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन आईसीएलईआई साउथ एशिया द्वारा राष्ट्रीय शहरी मामलों संस्थान (एनआईयूए) के सहयोग से और भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के समर्थन से किया जा रहा है। इस मंच का मुख्य उद्देश्य ग्लोबल साउथ क्षेत्र की स्थानीय सरकारों के शहरी लचीलेपन, सततता और निम्न-कार्बन विकास को आगे बढ़ाना है।
भारत से अंताल्या तक जलवायु प्रतिबद्धताएं
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, ‘भारत से अंताल्या तक — प्रतिबद्धता। क्रियान्वयन। परिणाम’ विषय पर आयोजित इस फोरम में तीन तकनीकी प्लेनरी सत्र और 14 तकनीकी सत्र आयोजित हो रहे हैं। इन सत्रों के माध्यम से स्थानीय कार्यवाही द्वारा वैश्विक जलवायु लक्ष्यों हेतु दिल्ली घोषणा 2026 तैयार की जा रही है। इस घोषणा को 28 अक्टूबर 2026 को अपनाया जाएगा और तुर्किये के अंताल्या में आयोजित होने वाले COP31 में प्रस्तुत किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह और प्रमुख अतिथि
फोरम के उद्घाटन समारोह में भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, यूएन वुमन इंडिया की देश प्रतिनिधि शोको इशिकावा, राष्ट्रीय शहरी मामलों संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू, आईसीएलईआई के महासचिव जीनो वैन बिगिन और आईसीएलईआई साउथ एशिया के कार्यकारी निदेशक एमानी कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा कोच्चि, फुवाहमुलाह, करजन्हा और समद्रूप जोंगखर के मेयरों ने भी दक्षिण एशिया के शहरी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हुए इसमें हिस्सा लिया।
शहरी विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रमुख बिंदु
फोरम के पहले दिन विभिन्न सत्रों में शहरी जलवायु चुनौतियों और उनके समाधानों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पहल और रिपोर्ट लॉन्च की गईं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
- सतत शहरी गतिशीलता एवं एकीकृत परिवहन केंद्र (शिखर सम्मेलन) की शुरुआत।
- जलवायु लचीले शहरों में निवेश हेतु गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जुड़ी राज्य-स्तरीय परियोजना पाइपलाइन रिपोर्ट।
- लैंगिक समानता और संवेदनशील परिवहन को समाहित करने वाला केस स्टडी संकलन।
- सार्वजनिक बस परिवहन प्रणालियों में लैंगिक समानता हेतु नीति ढांचा।
- प्रकृति-आधारित समाधानों के उपयोग द्वारा नहर पुनर्स्थापन हेतु दिशानिर्देश।
- युवाओं के लिए आयोजित यूथ फॉर क्लाइमेट हैकाथॉन 2.0 के विजेताओं को ऋतु ठाकुर स्मृति पुरस्कार से सम्मान।
यह भी जानें: क्या है एराइज़ सिटीज़ फोरम का महत्व?
एराइज़ सिटीज़ फोरम ग्लोबल साउथ के शहरों को एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ वे अपनी शहरी और जलवायु संबंधी समस्याओं के अभिनव समाधान साझा कर सकते हैं। आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने इस अवसर पर कहा कि संकल्प से योजना और योजना से क्रियान्वयन तक का यही तरीका हमारे शहरों को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के करीब ले जाता है। यूएन वुमन इंडिया की प्रतिनिधि शोको इशिकावा ने भी शहरी नियोजन और जलवायु नीतियों में लैंगिक समानता को शामिल करने पर जोर दिया ताकि महिलाएं भी भविष्य के शहरों के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एराइज़ सिटीज़ फोरम 2026 का आयोजन कहाँ हो रहा है?
उत्तर। इस सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया जा रहा है।
प्रश्न? इस फोरम का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर। इस वर्ष का मुख्य विषय ‘भारत से अंताल्या तक — प्रतिबद्धता। क्रियान्वयन। परिणाम’ है।
प्रश्न? दिल्ली घोषणा 2026 को कहाँ प्रस्तुत किया जाएगा?
उत्तर। इसे तुर्किये के अंताल्या में आयोजित होने वाले COP31 सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






