मंगलवार, अक्टूबर 27, 2026

शिल्प समागम मेला 2026: गुवाहाटी में सजी हस्तशिल्प और हथकरघा की अनूठी रौनक

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शिल्प समागम मेला

गुवाहाटी के खानापारा में चल रहे शिल्प समागम मेले 2026 में देश भर के 75 कारीगर अपने पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्य बातें

  • शिल्प समागम मेला 2026 का आयोजन गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट पर 21 से 28 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।
  • इस आठ दिवसीय मेले में 31 महिला कारीगरों सहित कुल 75 कारीगर भाग ले रहे हैं।
  • मेले का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है।
  • यह वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिल्प समागम श्रृंखला का दूसरा मेला है, जिसका पहला संस्करण मैसूरु में हुआ था।

शिल्प समागम मेला गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट पर आगंतुकों को लगातार आकर्षित कर रहा है और भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प की अद्भुत झलक पेश कर रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित यह आठ दिवसीय आयोजन देश के विभिन्न कोनों से आए कारीगरों को अपने स्वदेशी उत्पादों को सीधे खरीदारों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन गया है।

शिल्प समागम मेला 2026 क्या है और गुवाहाटी में कब तक चलेगा?

शिल्प समागम मेला 2026 गुवाहाटी के खानापारा में 21 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर 2026 तक संचालित हो रहा है। प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुलने वाले इस मेले में दर्शक पारंपरिक शिल्पकला का आनंद ले रहे हैं। मैसूरु के दशहरा एग्जिबिशन ग्राउंड्स में 19 अक्टूबर को पहले संस्करण के समापन के बाद, यह वित्तीय वर्ष 2026-27 की श्रृंखला का दूसरा बड़ा आयोजन है।

75 कारीगर और 40 प्रकार की विविधता

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस बार के आयोजन में उत्तर-पूर्वी राज्यों समेत देश भर से कुल 75 कारीगर शिरकत कर रहे हैं। इसमें 31 महिला कारीगर भी शामिल हैं जो लगभग 40 किस्मों के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं।

  • देशभर के हुनरमंद कारीगरों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना।
  • हथकरघा और हस्तशिल्प की लगभग 40 अलग-अलग किस्मों की बिक्री।
  • स्थानीय और उत्तर-पूर्वी सांस्कृतिक एवं संगीत प्रस्तुतियों का रोजाना आयोजन।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म और भौतिक आउटलेट के जरिए भारत-ट्यूलिप पहल को बढ़ावा।

कल्याणकारी योजनाओं के लिए समर्पित पवेलियन

मेले के प्रांगण में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की तरफ से एक विशेष मंडप बनाया गया है। इस पवेलियन में मंत्रालय के तीन प्रमुख राष्ट्रीय निगमों—राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी), और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

इसका असर और कारीगरों को मिलने वाला लाभ

इस प्रकार के आयोजनों से वंचित वर्गों, अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, सफाई मित्रों और विमुक्त जनजातियों के कारीगरों को बड़ा आर्थिक संबल मिलता है। बिचौलियों के बिना सीधे ग्राहकों से जुड़ने के कारण कारीगरों की आय में सुधार होता है और उन्हें अपनी कला को आधुनिक बाजार के अनुरूप ढालने का व्यावहारिक फीडबैक भी मिलता है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सीधा प्रसारण

हस्तशिल्प की प्रदर्शनी के अलावा यहाँ आने वाले आगंतुकों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रबंध किया गया है। उत्तर-पूर्वी राज्यों की पारंपरिक नृत्य और संगीत शैलियों को प्रदर्शित करती इन सांस्कृतिक गतिविधियों का सीधा प्रसारण भी किया जा रहा है ताकि स्थल से बाहर बैठे लोग भी इसका आनंद उठा सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? शिल्प समागम मेला 2026 कहाँ आयोजित किया जा रहा है? उत्तर। यह मेला गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट पर आयोजित हो रहा है।

प्रश्न? यह मेला किस विभाग द्वारा आयोजित किया गया है? उत्तर। इसका आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया गया है।

प्रश्न? इस मेले में कितने कारीगर हिस्सा ले रहे हैं? उत्तर। इस मेले में 31 महिला कारीगरों सहित कुल 75 कारीगर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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