
रक्षा लेखा विभाग ने विशेष अभियान चलाकर वायु सेना और नौसेना के सभी पेंशन मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया है, जबकि सेना में 98.8% मामले सुलझ गए हैं।
मुख्य बातें
- रक्षा लेखा विभाग (DAD) ने वायु सेना के 1,12,638 और नौसेना के 32,544 विसंगतिपूर्ण पेंशन मामलों का 100% सामान्यीकरण पूरा किया।
- वायु सेना और नौसेना मिलाकर कुल 1,45,182 जटिल पेंशन विसंगतियों को पूरी तरह सुलझा लिया गया है।
- भारतीय सेना से जुड़े 3,94,779 विसंगतिपूर्ण पेंशन मामलों में से 3,90,336 यानी 98.8 प्रतिशत का निवारण किया जा चुका है।
- यह कार्य रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) और प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक (पेंशन) के प्रभावी समन्वय से संपन्न हुआ।
रक्षा लेखा विभाग (DAD) ने स्पर्श पोर्टल पेंशन प्रणाली के तहत भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना से जुड़े पेंशन मामलों की सभी विसंगतियों का शत-प्रतिशत सामान्यीकरण पूरा कर लिया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एक विशेष मिशन मोड अभियान के माध्यम से दोनों सशस्त्र बलों से जुड़े कुल 1,45,182 विसंगतिपूर्ण मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। इसके साथ ही भारतीय सेना से जुड़े पेंशन मामलों में भी 98.8 प्रतिशत सफलता हासिल की गई है।
स्पर्श पोर्टल पेंशन पर क्या है नया अपडेट?
स्पर्श पोर्टल पेंशन के तहत रक्षा लेखा विभाग ने विशेष अभियान चलाकर भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के सभी विसंगतिपूर्ण पेंशन मामलों का शत-प्रतिशत समाधान कर दिया है। इसमें वायु सेना के 1,12,638 और नौसेना के 32,544 मामले शामिल हैं। वहीं भारतीय सेना के 98.8 प्रतिशत विसंगतिपूर्ण पेंशन मामलों का निपटारा भी कर लिया गया है।
रक्षा लेखा विभाग के इस विशेष अभियान में पेंशन दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। संबंधित रिकॉर्ड कार्यालयों, बैंक शाखाओं और पेंशन वितरण एजेंसियों के बीच तालमेल बैठाकर आंकड़ों में मौजूद गड़बड़ियों और तकनीकी त्रुटियों को दूर किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बिना किसी रुकावट के सही पेंशन राशि उपलब्ध कराना है।
वायु सेना और नौसेना के आंकड़ों का पूरा विवरण
इस अभियान के दौरान वायु सेना और नौसेना के पेंशन डेटा में वर्षों से लंबित या दर्ज विसंगतियों को चिन्हित किया गया था। रक्षा लेखा विभाग ने चरणबद्ध तरीके से इन आंकड़ों का मिलान किया और अब इन दोनों बलों में शून्य विसंगति का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
- भारतीय वायु सेना: कुल 1,12,638 विसंगतिपूर्ण पेंशन मामले थे, जिनमें से सभी 1,12,638 मामलों का 100% सामान्यीकरण कर दिया गया है।
- भारतीय नौसेना: कुल 32,544 विसंगतिपूर्ण पेंशन मामले थे, जिनका 100% निवारण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
- संयुक्त आंकड़ा: दोनों रक्षा सेवाओं को मिलाकर कुल 1,45,182 मामलों का पूर्ण निस्तारण किया गया है।
भारतीय सेना में स्पर्श पोर्टल पेंशन निस्तारण की स्थिति
भारतीय सेना की विशाल संख्या को देखते हुए उसके पेंशन मामलों का आकार भी काफी बड़ा था। रक्षा लेखा विभाग ने थल सेना के विसंगतिपूर्ण पेंशन मामलों में भी महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना से संबंधित कुल 3,94,779 विसंगतिपूर्ण पेंशन मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 3,90,336 मामलों का स्पर्श प्रणाली पर सफलतापूर्वक निवारण कर लिया गया है। यह कुल दर्ज मामलों का 98.8 प्रतिशत है। शेष 1.2 प्रतिशत मामलों को भी शीघ्र सुलझाने के लिए प्रक्रिया जारी है।
इसका असर: पूर्व सैनिकों और पेंशनभोगियों को क्या लाभ मिलेगा?
पेंशन आंकड़ों के इस शत-प्रतिशत सामान्यीकरण का सीधा प्रभाव देश के लाखों सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों और उनके आश्रितों पर पड़ेगा। जब पेंशन डेटाबेस में विसंगतियां होती हैं, तो पूर्व सैनिकों को हर महीने पेंशन की राशि में अंतर, बकाए (Arrears) के भुगतान में देरी या पेंशन रुकने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
डाटा का सामान्यीकरण पूरा होने के बाद अब पेंशनभोगियों को सही समय पर उनकी निर्धारित पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी। सातवें वेतन आयोग या अन्य संशोधित पेंशन आदेशों के तहत मिलने वाले बकाए की गणना भी पारदर्शी और त्रुटिरहित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त, पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन के हस्तांतरण में आने वाली प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी।
यह भी जानें: क्या है स्पर्श (SPARSH) प्रणाली और PCDA की भूमिका?
स्पर्श का पूरा नाम ‘सिस्टम फॉर पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन – रक्षा’ (System for Pension Administration – Raksha) है। यह रक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक वेब-आधारित एकीकृत प्रणाली है, जिसका उद्देश्य रक्षा पेंशन के प्रशासन, मंजूरी और वितरण को सीधे रक्षा लेखा विभाग के माध्यम से संचालित करना है।
पहले रक्षा पेंशन का वितरण विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों और बाहरी एजेंसियों के माध्यम से होता था, जिससे आंकड़ों में भिन्नता और विसंगतियां पैदा होती थीं। स्पर्श व्यवस्था लागू होने के बाद सभी पुराने और नए पेंशनभोगियों के डेटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केंद्रित किया जा रहा है। इस पूरी कवायद को रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) के दिशा-निर्देशन और प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक (पेंशन) [PCDA (Pensions), प्रयागराज] के समन्वय से अंजाम दिया जा रहा है।
आगे क्या होगा और रक्षा लेखा विभाग का रुख
रक्षा लेखा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नौसेना और वायु सेना के 100% निस्तारण के बाद अब पूरा ध्यान भारतीय सेना के शेष मामलों को निपटाने पर है। सेना के बचे हुए 4,443 मामलों की जांच की जा रही है और संबंधित रिकॉर्ड कार्यालयों के साथ मिलकर इन्हें भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
विभाग स्पर्श प्रणाली के यूजर इंटरफेस और शिकायत निवारण तंत्र को लगातार सुदृढ़ कर रहा है, ताकि किसी भी पेंशनभोगी को अपनी समस्या दर्ज कराने के लिए रक्षा कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: स्पर्श (SPARSH) पोर्टल क्या है?
उत्तर: स्पर्श (सिस्टम फॉर पेंशन एडमिनिस्ट्रेशन – रक्षा) रक्षा मंत्रालय की एक ऑनलाइन प्रणाली है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के पेंशनभोगियों को सीधे पेंशन स्वीकृत और वितरित करने का काम करती है।
प्रश्न 2: रक्षा लेखा विभाग ने वायु सेना और नौसेना के कितने पेंशन मामलों को हल किया है?
उत्तर: विभाग ने वायु सेना के 1,12,638 और नौसेना के 32,544 यानी कुल 1,45,182 विसंगतिपूर्ण मामलों का 100% समाधान पूरा कर लिया है।
प्रश्न 3: भारतीय सेना के पेंशन मामलों में कितनी प्रगति हुई है?
उत्तर: थल सेना के 3,94,779 विसंगतिपूर्ण मामलों में से 3,90,336 मामलों (98.8%) का स्पर्श पर सफलतापूर्वक निवारण किया जा चुका है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






