
रक्षा मंत्रालय ने 300 से अधिक कर्मचारियों वाले मंत्रालयों की श्रेणी में वर्ष 2025-26 के राजभाषा कीर्ति पुरस्कार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
मुख्य बातें
- रक्षा मंत्रालय ने 300 से अधिक कार्मिक श्रेणी में राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025-26 में पहला स्थान प्राप्त किया।
- 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस पर नवी मुंबई में गृह मंत्री अमित शाह ने यह पुरस्कार प्रदान किया।
- रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव मनीष त्रिपाठी ने केंद्रीय गृह मंत्री से सम्मान स्वीकार किया।
- नवी मुंबई के सिडको एक्जीबिशन सेंटर में छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन हुआ।
- दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से लगभग 7,000 हिंदी सेवियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025-26 में रक्षा मंत्रालय ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राजभाषा विभाग ने सरकारी काम-काज में हिंदी भाषा के बेहतर और प्रभावी इस्तेमाल के लिए रक्षा मंत्रालय को इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना। 300 से अधिक कर्मचारियों वाले मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में रक्षा मंत्रालय ने यह शीर्ष रैंकिंग प्राप्त की। नवी मुंबई के सिडको एक्जीबिशन सेंटर में आयोजित विशेष समारोह के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव मनीष त्रिपाठी को यह सम्मान सौंपा।
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार और रक्षा मंत्रालय की उपलब्धि
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार भारत सरकार द्वारा आधिकारिक कामकाज में हिंदी के उत्कृष्ट प्रयोग के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। वर्ष 2025-26 के लिए 300 से अधिक कार्मिकों वाली श्रेणी में रक्षा मंत्रालय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार रक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक कार्यों, पत्राचार और दैनिक फाइलों में हिंदी भाषा के नियमित तथा गुणवत्तापूर्ण इस्तेमाल को ध्यान में रखकर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने अपने मुख्यालय और अधीनस्थ कार्यालयों में राजभाषा नीतियों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। डिजिटल माध्यमों और आधिकारिक पोर्टल पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना भी इस मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा रहा है। पीआईबी के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की यह उपलब्धि सरकारी कामकाज में मातृभाषा और राजभाषा के सम्मान को दर्शाती है।
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025-26 के प्रमुख तथ्य
सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रसार और मूल्यांकन से जुड़े मुख्य आंकड़े और विवरण निम्नलिखित हैं:
- श्रेणी: 300 से अधिक कार्मिकों वाले केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी।
- विजेता: रक्षा मंत्रालय ने पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया।
- पुरस्कार दाता: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह।
- पुरस्कार प्राप्तकर्ता: रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव मनीष त्रिपाठी।
- आयोजन स्थल: सिडको एक्जीबिशन सेंटर, नवी मुंबई (महाराष्ट्र)।
- अवसर: 14 सितंबर 2026 को आयोजित हिंदी दिवस समारोह एवं छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन।
- सहभागी: देश भर से लगभग 7,000 हिंदी सेवी, प्रशासनिक अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
नवी मुंबई में छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन
यह राष्ट्रीय पुरस्कार 14 सितंबर 2026 को नवी मुंबई में आयोजित दो दिवसीय छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के मंच से दिया गया। इस अखिल भारतीय सम्मेलन में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), राष्ट्रीयकृत बैंकों और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकास) के अधिकारियों ने भाग लिया।
समारोह के मंच पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजितदादा पवार भी उपस्थित रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा का विकास और प्रोत्साहन केवल औपचारिक कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों तक सरकारी सुविधाओं को सरल भाषा में पहुंचाने का माध्यम है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 7,000 प्रतिभागियों ने इस दो दिवसीय मंथन में हिस्सा लिया, जहां राजभाषा के तकनीकी, प्रशासनिक और व्यावहारिक पक्षों पर गंभीर चर्चा की गई।
इसका असर: आम जनता और रक्षा प्रशासन पर प्रभाव
राजभाषा हिंदी के सुदृढ़ कार्यान्वयन का सीधा असर रक्षा मंत्रालय के कामकाज और जनसामान्य से जुड़े प्रशासनिक लेन-देन पर पड़ता है। जब रक्षा विभाग में हिंदी का प्रयोग बढ़ता है, तो सैनिक कल्याण, रक्षा भर्ती प्रक्रिया, पूर्व सैनिकों की पेंशन योजनाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़ी सूचनाएं आसान भाषा में उपलब्ध हो पाती हैं।
इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाले विभिन्न बोर्डों, सैन्य छावनियों और उत्पादन इकाइयों में राजभाषा के प्रोत्साहन से अंतर-विभागीय समन्वय बेहतर होता है। केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में यह शामिल है कि नीतियां और परिपत्र ऐसी भाषा में जारी हों जिन्हें देश का सामान्य नागरिक आसानी से समझ सके। रक्षा मंत्रालय का यह शीर्ष स्थान अन्य मंत्रालयों के लिए भी एक मानक तय करता है कि किस तरह बड़े प्रशासनिक ढांचे में भी राजभाषा का सफल क्रियान्वयन किया जा सकता है।
राजभाषा विभाग और पुरस्कारों की व्यवस्था कैसे काम करती है?
भारत में सरकारी कामकाज में आधिकारिक भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने का दायित्व गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के पास है। राजभाषा विभाग की स्थापना जून 1975 में एक स्वतंत्र विभाग के रूप में की गई थी। यह विभाग देश भर के केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, उपक्रमों और बैंकों में हिंदी के उपयोग की स्थिति की निरंतर समीक्षा करता है।
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार योजना के तहत प्रतिवर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों, विभागों, स्वायत्त निकायों, बैंकों और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों को सम्मानित किया जाता है। मूल्यांकन करते समय पत्राचार का प्रतिशत, हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में देने का अनुपात, राजभाषा संबंधी बैठकों का नियमित आयोजन, कंप्यूटरों में द्विभाषी सॉफ्टवेयर की उपस्थिति और कर्मचारियों का हिंदी प्रशिक्षण जैसे कड़े मानकों को ध्यान में रखा जाता है।
इन पुरस्कारों को मुख्य रूप से तीन भाषाई क्षेत्रों (क, ख और ग क्षेत्र) तथा कर्मचारियों की संख्या (300 से अधिक और 300 से कम) के आधार पर बांटा जाता है। रक्षा मंत्रालय ने बड़े मंत्रालयों की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपना दबदबा साबित करते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: वर्ष 2025-26 के लिए राजभाषा कीर्ति पुरस्कार में प्रथम स्थान किस मंत्रालय को मिला?
उत्तर: गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा रक्षा मंत्रालय को 300 से अधिक कर्मचारियों वाले मंत्रालयों की श्रेणी में पहला स्थान दिया गया है।
प्रश्न: राजभाषा कीर्ति पुरस्कार कब और कहां प्रदान किया गया?
उत्तर: यह पुरस्कार 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर नवी मुंबई के सिडको एक्जीबिशन सेंटर में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
प्रश्न: रक्षा मंत्रालय की तरफ से यह पुरस्कार किसने प्राप्त किया?
उत्तर: रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव मनीष त्रिपाठी ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






