
डिजिलॉकर भारत सरकार का एक सुरक्षित डिजिटल वॉलेट है, जिसमें आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और मार्कशीट जैसे जरूरी कागजात ऑनलाइन रख सकते हैं। जानिए इसे इस्तेमाल करने का पूरा तरीका।
मुख्य बातें
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित पूर्णतः सुरक्षित और मुफ्त डिजिटल प्लेटफॉर्म।
- डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज IT Act 2000 के तहत मूल कागजात के बराबर मान्य हैं।
- अकाउंट बनाने के लिए आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर होना आवश्यक है।
- ट्रैफिक पुलिस चेकिंग, एयरपोर्ट एंट्री और सरकारी सत्यापन में बेहद उपयोगी।
डिजिलॉकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक डिजिटल पहल है, जो नागरिकों को उनके आवश्यक कागजात ऑनलाइन सुरक्षित रखने और शेयर करने की सुविधा देती है।
डिजिलॉकर क्या है?
डिजिलॉकर भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां आप अपने पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन आरसी और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की डिजिटल प्रति सुरक्षित रख सकते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत इसमें जारी किए गए दस्तावेज मूल भौतिक दस्तावेजों की तरह कानूनी रूप से मान्य हैं। इसके जरिए आप बिना कागजी फाइल साथ रखे सरकारी या निजी कार्यों के लिए अपने पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
डिजिलॉकर पर अकाउंट बनाने के लिए जरूरी चीजें
नया खाता शुरू करने से पहले आपके पास कुछ प्राथमिक जानकारियां और साधन होने चाहिए:
- आधार कार्ड: आपका 12 अंकों का आधार नंबर।
- लिंक्ड मोबाइल नंबर: आधार के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए ताकि ओटीपी (OTP) प्राप्त हो सके।
- स्मार्टफोन या कंप्यूटर: इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ एंड्रॉइड/आईओएस फोन या वेब ब्राउजर।
- सुरक्षा पिन: 6 अंकों का एक गोपनीय पिन जो आप रजिस्ट्रेशन के समय बनाते हैं।
डिजिलॉकर कैसे इस्तेमाल करें: चरण-दर-चरण प्रक्रिया
अपने फोन या कंप्यूटर पर इस सरकारी वॉलेट को सेट करने और इस्तेमाल करने का तरीका बहुत आसान है। नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
- ऐप डाउनलोड करें या पोर्टल खोलें: गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें, अथवा वेब ब्राउजर पर digilocker.gov.in खोलें।
- साइन अप पर क्लिक करें: होमपेज पर दिए गए ‘Sign Up’ बटन को चुनें।
- व्यक्तिगत विवरण भरें: अपना पूरा नाम (आधार के अनुसार), जन्म तिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और 6 अंकों का सुरक्षा पिन दर्ज करें।
- ओटीपी सत्यापित करें: आपके मोबाइल नंबर पर आए 6 अंकों के ओटीपी को भरकर ‘Submit’ बटन दबाएं।
- आधार से लिंक करें: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए दूसरे ओटीपी को प्रविष्ट करें।
- दस्तावेज खोजें और लिंक करें: ऐप में ‘Search’ या ‘Search Documents’ टैब पर जाएं, जिस संस्था का दस्तावेज चाहिए (जैसे Transport Department या CBSE) उसे चुनें।
- दस्तावेज डाउनलोड करें: संबंधित कार्ड या सर्टिफिकेट का नंबर दर्ज करें और ‘Get Document’ पर क्लिक करें। आपका दस्तावेज ‘Issued Documents’ सेक्शन में दिखाई देने लगेगा।
जारी दस्तावेज और अपलोड दस्तावेज में क्या अंतर है?
डिजिलॉकर में दो तरह के फाइल सेक्शन होते हैं। इन दोनों के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है:
| सुविधा | जारी दस्तावेज (Issued Docs) | अपलोड दस्तावेज (Uploaded Docs) |
|---|---|---|
| स्रोतः | सरकारी विभागों/संस्थानों द्वारा सीधे जारी | उपयोगकर्ता स्वयं फाइल स्कैन करके अपलोड करता है |
| कानूनी मान्यता: | मूल दस्तावेज के समान पूर्ण कानूनी मान्यता | केवल सेल्फ-अटेस्टेड प्रति, पूर्ण मान्यता नहीं |
| सत्यापन: | डिजिटल सिग्नेचर और क्यूआर कोड के साथ सत्यापित | बिना डिजिटल सत्यापन वाली साधारण फोटो या पीडीएफ |
| स्टोरेज सीमा: | कोई सीमा नहीं (विभागों द्वारा सीधे सिंक) | 1 जीबी (1 GB) तक फ्री क्लाउड स्टोरेज |
व्यावहारिक उदाहरण: ट्रैफिक पुलिस चेकिंग में डिजिलॉकर
मान लीजिए आप अपनी गाड़ी से यात्रा कर रहे हैं और रास्ते में ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी के कागजात जांचने के लिए रोकती है। ऐसी स्थिति में आपको अपना फिजिकल पर्स या गाड़ी का डैशबोर्ड टटोलने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन में डिजिलॉकर ऐप खोलें और ‘Issued Documents’ सेक्शन में जाकर अपना ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन की आरसी (RC) दिखाएं। ट्रैफिक पुलिस इसे मानने से इनकार नहीं कर सकती क्योंकि आईटी नियम 2000 के तहत यह पूरी तरह मान्य है।
डिजिलॉकर इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने योग्य बातें और आम समस्याएं
डिजिलॉकर का उपयोग करते समय कुछ उपयोगकर्ताओं को छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:
आधार से ओटीपी न आना: यदि आपको आधार ओटीपी नहीं मिल रहा है, तो जांचें कि आपका मोबाइल नंबर यूआईडीएआई (UIDAI) के साथ अपडेट है या नहीं। यदि नंबर बदल गया है, तो नजदीकी आधार केंद्र जाकर नया नंबर दर्ज कराएं।
दस्तावेज सिंक न होना: यदि आपका पैन या मार्कशीट सिस्टम में नहीं दिख रहा है, तो सुनिश्चित करें कि आपका नाम और जन्मतिथि आपके डिजिलॉकर प्रोफाइल और संबंधित विभाग के रिकॉर्ड में बिल्कुल एक समान हो। अक्षरों की वर्तनी (spelling) में अंतर होने पर डेटा फेच नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्या डिजिलॉकर में रखे दस्तावेज हवाई यात्रा के दौरान मान्य हैं?
उत्तर: हां, हवाई अड्डों पर प्रवेश के समय सीआईएसएफ (CISF) द्वारा पहचान पत्र के रूप में डिजिलॉकर में मौजूद आधार या पैन को स्वीकार किया जाता है। हालांकि पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए मूल भौतिक दस्तावेज की आवश्यकता हो सकती है।
प्रश्न: क्या डिजिलॉकर का उपयोग करने के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: नहीं, भारत सरकार नागरिकों को यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त प्रदान करती है।
प्रश्न: यदि मेरा फोन खो जाए तो क्या मेरा डेटा सुरक्षित रहेगा?
उत्तर: हां, आपका डेटा आपके 6-अंकीय सिक्योरिटी पिन और आधार ओटीपी से सुरक्षित रहता है। नया फोन लेने पर आप दोबारा लॉगिन करके अपने सभी दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।
नियम, प्रक्रियाएं और सरकारी पोर्टल के इंटरफेस में समय-समय पर बदलाव संभव हैं। किसी भी प्रक्रिया को पूरा करने से पहले आधिकारिक पोर्टल digilocker.gov.in पर जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://www.digilocker.gov.in
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






