
नई दिल्ली में आयोजित युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में सरकारी कामकाज में राजभाषा के प्रयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मुख्य बातें
- बैठक भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), नई दिल्ली में 15 सितंबर 2026 को आयोजित की गई।
- केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बैठक की अध्यक्षता की।
- बैठक में खेल सचिव हरि रंजन राव और राज्यसभा सदस्य स्वाति मालिवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में सरकारी कामकाज पर चर्चा
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 15 सितंबर 2026 को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और दैनिक कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ावा देना था। बैठक में खेल सचिव हरि रंजन राव, राज्यसभा सदस्य स्वाति मालिवाल, समिति के अन्य माननीय सदस्य और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने अपने-अपने विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की।
हिंदी सलाहकार समिति क्या है और इसके क्या कार्य हैं?
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की शक्ति उसकी भाषा में भी दिखाई देती है। भारत की वैश्विक शक्ति और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में हिंदी को भी देश और दुनिया में अधिक व्यापक पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए केवल सरकार का प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसके लिए समाज में हिंदी भाषा के प्रति आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता भी उतनी ही जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत की सभी क्षेत्रीय भाषाओं का अपना महत्व है और उनका संरक्षण तथा संवर्धन आवश्यक है। अंग्रेजी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना महत्व है, लेकिन देश में सामान्य व्यवहार और सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नई शिक्षा नीति और भारतीय भाषाओं का महत्व
चर्चा के दौरान डॉ. मांडविया ने कहा कि नई शिक्षा नीति में भी भारतीय भाषाओं के महत्व पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के साथ हिंदी और अंग्रेजी का ज्ञान विद्यार्थियों को व्यापक अवसर प्रदान करता है। इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारतीय भाषाओं के संरक्षण और उनके प्रयोग को बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को भाषाओं से जोड़ना आवश्यक है। किसी भाषा की स्वीकार्यता केवल उसकी जनसंख्या या संख्या से तय नहीं होती, बल्कि उसके प्रति लोगों की प्रतिबद्धता और आवश्यकता भी महत्वपूर्ण होती है। जैसे-जैसे भारत के साथ दुनिया का व्यापार और जुड़ाव बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हिंदी सीखने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। जब दुनिया को भारत के साथ जुड़ने और भारत के साथ संवाद करने की आवश्यकता अधिक महसूस होगी, तब हिंदी सीखने की आवश्यकता भी स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी।
महात्मा गांधी और संविधान निर्माताओं के विचारों का स्मरण
केंद्रीय मंत्री ने याद दिलाया कि हिंदी को बढ़ावा देने की बात महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक तथा संविधान निर्माताओं ने भी की थी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने पर लगातार जोर देते रहे हैं। उन्होंने समिति के सदस्यों और मंत्रालय के अधिकारियों से हिंदी के अधिक से अधिक व्यावहारिक उपयोग का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदी को केवल बैठकों और चर्चाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि सरकारी कामकाज और दैनिक व्यवहार में भी इसके प्रयोग को बढ़ाया जाए। बैठक के दौरान समिति के माननीय सदस्यों ने अपने-अपने विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की दिशा में की गई प्रगति और उपलब्धियों से समिति को अवगत कराया। मंत्रालय द्वारा सरकारी पत्राचार में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों तथा इस दिशा में हुई प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
आम जनता तक योजनाओं की पहुंच और रचनात्मक सुझाव
बैठक में समिति के सदस्यों और विशेषज्ञों से राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी आम जनता तक सरल एवं सहज हिंदी में पहुंचाने के लिए रचनात्मक सुझाव भी आमंत्रित किए गए। डॉ. मांडविया ने समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना की और आश्वस्त किया कि हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस बैठक से खेल मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के उपयोग को गति मिलने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक कहां आयोजित की गई थी?
उत्तर। यह बैठक भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? बैठक की अध्यक्षता किसने की थी?
उत्तर। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की थी।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






