बुधवार, सितम्बर 16, 2026

जल शक्ति मंत्रालय ने जारी किया जल संचय जन भागीदारी एंथम, शंकर महादेवन ने दी आवाज

Date:

जल संचय जन भागीदारी

जल शक्ति मंत्रालय ने वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘जल संचय जन भागीदारी – कैच द रेन’ एंथम लॉन्च किया है, जिसे प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन ने गाया है।

मुख्य बातें

  • जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 15 सितंबर 2026 को नया एंथम जारी किया गया।
  • प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन ने इस एंथम को अपनी आवाज दी है।
  • यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन – व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स’ आह्वान पर आधारित है।
  • इसका उद्देश्य जल संरक्षण को एक सरकारी कार्यक्रम से बदलकर जन-नेतृत्व वाला आंदोलन बनाना है।

जल संचय जन भागीदारी अभियान को व्यापक बनाने के लिए सरकार ने एक नया कदम उठाया है। जल शक्ति मंत्रालय ने इस राष्ट्रव्यापी पहल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष एंथम का विमोचन किया है, जो संगीत के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगा। पीआईबी के अनुसार, यह गाना देश भर के नागरिकों को वर्षा जल संचयन के प्रति प्रेरित करने के लिए तैयार किया गया है।

जल संचय जन भागीदारी एंथम और उसका मुख्य संदेश

जल संचय जन भागीदारी एंथम के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रसिद्ध मंत्र ‘कैच द रेन – व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स’ यानी बारिश के पानी को वहीं और तभी पकड़ो जब वह बरसे, प्रमुखता से शामिल है। इस ऊर्जावान और प्रेरणादायक रचना को देश के जाने-माने गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने गाया है। मंत्रालय का मानना है कि संगीत के जरिए यह संदेश आसानी से जन-जन तक पहुंच सकेगा।

इस एंथम की पंक्तियाँ ‘पकड़ें हम, पकड़ें हम, बारिश का पानी, लिखें हम, लिखें हम, एक नई कहानी’ आम जनता को यह याद दिलाती हैं कि पानी की बचत किसी एक विभाग का काम नहीं है। दीर्घकालिक जल सुरक्षा तभी हासिल की जा सकती है जब देश का हर नागरिक, परिवार, स्कूल, पंचायत और उद्योग इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।

क्यों शुरू किया गया यह राष्ट्रव्यापी अभियान?

भारत में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और मानसून के पानी को सहेजना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। पहले लोग पारंपरिक रूप से तालाबों, कुओं और जोहड़ के जरिए पानी बचाते थे, लेकिन आधुनिकता के दौर में यह व्यवस्था कमजोर हुई है। इस ऐतिहासिक कमी को दूर करने और खोई हुई संस्कृति को वापस लाने के लिए सरकार ने इस अभियान को शुरू किया है।

  • वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण करना।
  • सूखे और जल संकट वाले क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाना।
  • युवाओं और स्कूली बच्चों को जल संरक्षण का राजदूत बनाना।
  • सरकारी योजनाओं को जन-आंदोलन में तब्दील करना।

आम जनता के जीवन पर इसका क्या असर होगा?

इस तरह के अभियानों से आम लोगों के बीच भूजल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ती है। जब देश का प्रत्येक घर अपने यहाँ रूफ-टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग या छोटे रिचार्ज पिट्स बनाएगा, तो आने वाले समय में गर्मी के दिनों में होने वाले जल संकट से राहत मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में किसानों को खेती के लिए अधिक पानी मिल सकेगा, जिससे उनकी निर्भरता केवल नलकूपों पर नहीं रहेगी।

आगे की राह और नागरिकों की जिम्मेदारी

मंत्रालय ने साफ किया है कि केवल नीतियां बनाने से जल संकट हल नहीं हो सकता। इसके लिए हर व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा। नल खुला न छोड़ना, बारिश की एक-एक बूंद को जमीन के भीतर भेजना और स्थानीय जल स्रोतों को दूषित होने से बचाना ही इस अभियान की असल सफलता होगी। इस एंथम के जरिए सरकार की कोशिश है कि यह संदेश देश के हर गांव और घर तक पहुंचे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? जल संचय जन भागीदारी एंथम किसने गाया है? उत्तर। इस एंथम को प्रसिद्ध गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने गाया है।

प्रश्न? यह अभियान किस मुख्य विचार पर आधारित है? उत्तर। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन – व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स’ के आह्वान पर आधारित है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित, डॉ. मनसुख मांडविया ने की अध्यक्षता

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई।

आम बजट प्रक्रिया कैसे काम करती है?

आम बजट प्रक्रिया के तहत जानिए कैसे तैयार होता है केंद्रीय बजट, वित्त मंत्री का भाषण, संसद में पेश होने की पूरी विधि और इसके चरण।

स्पर्श पोर्टल पेंशन: वायु सेना और नौसेना के 100% मामलों का निपटारा

स्पर्श पोर्टल पेंशन के तहत रक्षा लेखा विभाग ने भारतीय वायु सेना और नौसेना के 1,45,182 पेंशन विसंगतियों को 100% सुलझा लिया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

एकलव्य मॉडल स्कूल: राजस्थान के 29 स्कूलों में बनेंगे स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब

राजस्थान के 29 एकलव्य मॉडल स्कूल में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब बनेंगे। एचपीसीएल और एनएसटीएफडीसी के समझौते की पूरी जानकारी पढ़ें।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika