
वित्तीय सेवाएं विभाग 2 अक्टूबर 2026 से विशेष अभियान 6.0 शुरू करने जा रहा है, जिसमें स्वच्छता और जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर रहेगा।
मुख्य बातें
- वित्तीय सेवाएं विभाग 2 अक्टूबर 2026 से विशेष अभियान 6.0 की शुरुआत करेगा।
- विशेष अभियान 5.0 में 41,000 स्थानों की सफाई कर ₹3.20 करोड़ राजस्व जुटाया गया था।
- नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच 14,590 जन शिकायतों का निपटारा किया गया।
- इस दौरान 96,328 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई और 968 स्थानों पर सफाई अभियान चला।
विशेष अभियान 6.0 को लागू करने के लिए वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) पूरी तरह तैयार हो चुका है। केंद्र सरकार का यह विभाग अपने सम्बद्ध कार्यालयों, अधीनस्थ संगठनों और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर 2 अक्टूबर 2026 से इस अभियान की शुरुआत करेगा। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर लंबित मामलों को समाप्त करना और सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को स्थायी रूप से संस्थागत बनाना है।
विशेष अभियान 6.0 क्या है और यह कब शुरू होगा?
विशेष अभियान 6.0 भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा 2 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जा रहा एक राष्ट्रीय प्रशासनिक अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों में लंबित फाइलों, शिकायतों और अपीलों का तेजी से निपटारा करना तथा दफ्तरों में स्वच्छता को बढ़ावा देना है।
यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों की श्रृंखला का हिस्सा है। वित्तीय सेवाएं विभाग ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक आयोजित विशेष अभियान 5.0 के सफल क्रियान्वयन के बाद अब अगले चरण की रूपरेखा तैयार की है। इस बार भी देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों और बीमा कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालयों में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान और फाइलों के निस्तारण का काम किया जाएगा।
विशेष अभियान 6.0 से पहले का प्रदर्शन और आंकड़े
पिछले अभियानों की निरंतरता को बनाए रखने के लिए वित्तीय सेवाएं विभाग ने केवल वार्षिक अभियानों पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि पूरे वर्ष प्रगति की समीक्षा की है। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के दौरान मासिक आधार पर विशेष पोर्टल SCDPM के माध्यम से स्वच्छता अभियानों और लंबित मामलों के निपटान की निगरानी की गई।
पीआईबी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान हासिल किए गए परिणाम इस प्रकार हैं:
- स्वच्छता अभियान: देश के 968 स्थानों और कार्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाए गए।
- जगह को मुक्त कराना: अनावश्यक फाइलों और पुरानी वस्तुओं को हटाकर कुल 96,328 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई।
- कचरा निपटान से आय: रद्दी, पुराने उपकरण और कबाड़ के निपटान से कुल 1,02,344 रुपये का राजस्व अर्जित किया गया।
- जन शिकायतों का निपटारा: आम नागरिकों और ग्राहकों से जुड़ी 14,590 जन शिकायतों का सफलता से समाधान किया गया।
- जन शिकायत अपीलों का निपटान: पूर्व में दी गई शिकायतों पर आई 3,987 अपीलों का अंतिम निपटारा किया गया।
विशेष अभियान 6.0 की तैयारी और रोडमैप
विशेष अभियान 6.0 को सुचारू रूप से लागू करने के लिए वित्तीय सेवाएं विभाग ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
तैयारियों का जायजा लेने के लिए विभाग ने समर्पित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र आयोजित किए हैं। औपचारिक संचार के माध्यम से सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को जागरूक किया गया है ताकि 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले इस विशेष अभियान के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। सभी बैंकों और क्षेत्रीय दफ्तरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां लंबित पड़े पुराने रिकॉर्ड, कबाड़ और जन शिकायतों की सूची तैयार कर लें।
विशेष अभियान 5.0 की सफलता बनी आधार
विशेष अभियान 6.0 का खाका पिछले वर्ष आयोजित विशेष अभियान 5.0 की बड़ी सफलता के आधार पर तैयार किया गया है। 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 के बीच चलाए गए विशेष अभियान 5.0 के दौरान वित्तीय सेवाएं विभाग ने अपने सभी निर्धारित मानकों को पूरा किया था।
उस दौरान देश भर में 41,000 से अधिक अलग-अलग स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए थे। इसके अतिरिक्त, बेकार पड़े कबाड़ और पुरानी सामग्री की नीलामी तथा निपटान से विभाग ने 3.20 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इसी गति और अनुभव का उपयोग अब नए अभियान में किया जाएगा।
इसका असर: आम नागरिकों और बैंक ग्राहकों को क्या फायदा?
सरकारी दफ्तरों और बैंकों में चलने वाले इस प्रकार के विशेष अभियानों का सीधा असर आम नागरिकों की दैनिक सुविधाओं पर पड़ता है। जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और वित्तीय संस्थान अपने दफ्तरों से पुरानी अप्रयुक्त फाइलें हटाते हैं और कार्यालयों को व्यवस्थित करते हैं, तो प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तेजी आती है।
जन शिकायतों के 14,590 मामलों और 3,987 अपीलों का निपटारा यह दर्शाता है कि ग्राहकों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जा रही है। खाली कराई गई 96,328 वर्ग फुट जगह का उपयोग ग्राहकों की बेहतर बैठने की व्यवस्था और बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जा सकता है। इससे शाखाओं में आने वाले आम ग्राहकों को अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलता है।
प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा
वित्तीय सेवाएं विभाग का मानना है कि कार्यस्थलों को साफ-सुथरा रखने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। पेंडिंग फाइलों का समय पर निपटारा होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होती है। SCDPM पोर्टल के जरिए डिजिटल निगरानी ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता ला दी है।
अभियान के तहत केवल भौतिक सफाई ही नहीं होती, बल्कि डिजिटल फाइलों की समीक्षा भी की जाती है। पुराने ई-ऑफिस फाइलों को बंद करना और अनावश्यक पत्राचार को हटाना भी इसका हिस्सा है। इससे बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली अधिक चुस्त-दुरुस्त बनती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: विशेष अभियान 6.0 की शुरुआत कब से हो रही है?
उत्तर: यह अभियान वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा 2 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू किया जा रहा है।
प्रश्न: विशेष अभियान 6.0 के तहत कौन-कौन से काम किए जाते हैं?
उत्तर: इस अभियान के तहत सरकारी दफ्तरों और बैंकों में सफाई की जाती है, कबाड़ का निपटारा करके राजस्व जुटाया जाता है और पेंडिंग जन शिकायतों तथा फाइलों का त्वरित समाधान किया जाता है।
प्रश्न: क्या पिछले अभियान में कचरा निपटान से कोई आय हुई थी?
उत्तर: हां, विशेष अभियान 5.0 के दौरान कबाड़ निपटान से 3.20 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, जबकि इसके बाद के महीनों में 1,02,344 रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






