बुधवार, अक्टूबर 28, 2026

एमएसडीई ने सीपीएसई से अप्रेंटिसशिप जुड़ाव में तेजी लाने का किया आह्वान

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अप्रेंटिसशिप जुड़ाव

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने नई दिल्ली में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें अप्रेंटिसशिप को सीखने से लेकर आजीविका तक का मुख्य रास्ता बनाने पर जोर दिया गया।

मुख्य बातें

  • कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने नई दिल्ली के कौशल भवन में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
  • वित्त वर्ष 2022-23 से 22 सितंबर 2026 तक, 47,452 सक्रिय प्रतिष्ठानों के सहयोग से 44.75 लाख प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया।
  • कुल अप्रेंटिसशिप संबंधी जुड़ाव में वैकल्पिक व्यवसायों की हिस्सेदारी 76.27 प्रतिशत रही।
  • एमएसडीई सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि सफलता का पैमाना प्रशिक्षण पूरी करने, प्रमाणन और रोजगार पाने की क्षमता पर आधारित होना चाहिए।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने नई दिल्ली के कौशल भवन में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसका मुख्य उद्देश्य अप्रेंटिसशिप जुड़ाव को और अधिक मजबूत करना था। इस बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अप्रेंटिसशिप को केवल अंतिम विकल्प के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे युवाओं के लिए सीखने से लेकर आजीविका तक का एक मुख्य रास्ता बनाया जाए। भारत सरकार का यह कदम देश के युवाओं को रोजगार के लिए पूरी तरह से तैयार करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

अप्रेंटिसशिप जुड़ाव और गुणवत्तापूर्ण परिणामों पर जोर

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा आयोजित इस समीक्षा बैठक का मूल मंत्र केवल कागजी आंकड़ों को बढ़ाना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम हासिल करना था। मंत्रालय की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि अप्रेंटिसशिप इकोसिस्टम के विस्तार के साथ-साथ हमारा ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि यह युवाओं को क्या बनने में सक्षम बनाता है। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को गुणवत्तापूर्ण अवसरों का विस्तार करने, महिलाओं तथा कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों की भागीदारी बढ़ाने और सार्थक रोजगार के लिए मजबूत रास्ते तैयार करने की सलाह दी गई है। सामूहिक सफलता का आकलन अब केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षुओं के प्रमाणन, रोजगार पाने की क्षमता और कार्यस्थल पर उनके टिके रहने के आधार पर किया जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना की प्रगति और आंकड़े

राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस-2) के तहत देश में अप्रेंटिसशिप इकोसिस्टम ने उल्लेखनीय विस्तार हासिल किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से लेकर 22 सितंबर 2026 तक कुल 47,452 सक्रिय प्रतिष्ठानों के सहयोग से 44.75 लाख प्रशिक्षुओं को इस प्रणाली में शामिल किया गया है। इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि कुल अप्रेंटिसशिप संबंधी जुड़ाव में वैकल्पिक व्यवसायों की हिस्सेदारी 76.27 प्रतिशत रही है। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि नियोक्ता अब उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुसार पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर नए और व्यावहारिक रास्तों को अपना रहे हैं।

सीपीएसई के लिए नई और व्यावहारिक भर्ती योजनाएं

समीक्षा बैठक के दौरान सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निर्देश दिए गए कि वे अप्रेंटिसशिप की संभावनाओं और वास्तव में शामिल किए गए प्रशिक्षुओं की संख्या के बीच के अंतर को जल्द से जल्द पाटें। इसके लिए उद्यमों को 2.5 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक की अनिवार्य अप्रेंटिसशिप आवश्यकता के अनुरूप अपनी व्यावहारिक भर्ती योजनाएं तैयार करनी होंगी। उद्यमों को अपने श्रम बल और पोर्टल पर दर्शाए गए आंकड़ों की पुष्टि करने, समयबद्ध कार्ययोजना बनाने और आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए वरिष्ठ स्तर के नोडल अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी रहे।

यह भी जानें: क्या है अप्रेंटिसशिप और इसका महत्व

पारंपरिक शिक्षा प्रणाली अक्सर केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रह जाती है, जिसके कारण युवाओं को कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अप्रेंटिसशिप इसी कमी को दूर करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिसमें सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ कार्यस्थल का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है। इस व्यवस्था से न केवल उद्योग जगत को अपनी जरूरत के मुताबिक दक्ष और कुशल कामगार मिलते हैं, बल्कि युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के दरवाजे भी खुलते हैं। सरकार का यह प्रयास भारत को दुनिया की कौशल राजधानी के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक रणनीति का एक अहम हिस्सा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक कहाँ आयोजित की गई थी?

उत्तर। यह बैठक नई दिल्ली के कौशल भवन में आयोजित की गई थी।

प्रश्न? राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस-2) के तहत कब तक के आंकड़े जारी किए गए हैं?

उत्तर। वित्त वर्ष 2022-23 से लेकर 22 सितंबर 2026 तक के आंकड़े जारी किए गए हैं, जिसके तहत 44.75 लाख प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया है।

प्रश्न? सीपीएसई के लिए अप्रेंटिसशिप की अनिवार्य आवश्यकता का दायरा क्या तय किया गया है?

उत्तर। उद्यमों के लिए 2.5 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक की अनिवार्य अप्रेंटिसशिप की आवश्यकता तय की गई है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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