
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत चिकित्सा उपकरणों और दैनिक देखभाल उत्पादों की आपूर्ति बढ़ाई है।
मुख्य बातें
- देशभर में 20,000 से अधिक जनऔषधि केंद्रों पर 2,110 दवाइयां और 315 सर्जिकल व मेडिकल उत्पाद उपलब्ध हैं।
- वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान ₹7,873.85 करोड़ की बिक्री से देशवासियों को ₹37,200 करोड़ की बचत हुई।
- शिशु देखभाल श्रेणी में ₹45 में 20 बेबी वाइप्स और ₹937.50 में इलेक्ट्रिकल नेबुलाइजर मशीन उपलब्ध है।
- बुजुर्गों के लिए ‘जनऔषधि स्वाभिमान’ श्रेणी में एडल्ट डायपर और ₹500 में 25 ग्लूकोमीटर स्ट्रिप्स दी जा रही हैं।
देशभर में संचालित जनऔषधि केंद्र पर अब केवल सस्ती दवाइयां ही नहीं, बल्कि नवजात शिशुओं, माताओं और बुजुर्गों की दैनिक देखभाल से जुड़े सर्जिकल और मेडिकल उत्पाद भी बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) का उद्देश्य परिवारों पर पड़ने वाले स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत मेडिकल स्टोर्स के नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है ताकि रोजमर्रा की जरूरत के स्वास्थ्य उपकरण आसानी से मिल सकें।
जनऔषधि केंद्र से आम नागरिकों को क्या फायदा मिल रहा है?
जनऔषधि केंद्र के माध्यम से आम नागरिकों को बाजार मूल्य से बेहद कम दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां और मेडिकल सर्जिकल सामान उपलब्ध कराए जाते हैं। इस नेटवर्क से जुड़कर परिवार बच्चों के डायपर, नेबुलाइजर मशीन, ग्लूकोमीटर स्ट्रिप्स और बुजुर्गों की देखभाल के उपकरण 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट पर खरीद सकते हैं।
जनऔषधि केंद्र पर मिल रहे शिशु देखभाल उत्पाद और उनकी कीमतें
छोटे बच्चों के जन्म के साथ ही परिवारों के दैनिक बजट में नए खर्चे जुड़ जाते हैं। इसमें बेबी डायपर, वाइप्स, डॉक्टर के चक्कर और दवाओं का खर्च प्रमुख होता है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार ने ‘जनऔषधि बचपन’ श्रृंखला पेश की है। इस श्रृंखला के तहत जनऔषधि केंद्रों पर शिशु देखभाल के आवश्यक सामान उपलब्ध हैं:
- बेबी वाइप्स: 20 वाइप्स का एक पैक मात्र ₹45 में उपलब्ध है।
- इलेक्ट्रिकल नेबुलाइजर मशीन: बच्चों में सांस से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए उपयोगी नेबुलाइजर मशीन ₹937.50 में मिलती है।
- नेबुलाइजर मास्क: बच्चों की ट्यूबिंग वाला मास्क ₹200 में उपलब्ध कराया जा रहा है।
- अन्य सामान: 250 मिलीलीटर की बेबी फीडिंग बोतल, मैनुअल ब्रेस्ट पंप, हॉट वाटर बैग और इन्फैंट फीडिंग ट्यूब भी केंद्रों पर मिल रहे हैं।
इन उत्पादों की कम दरों से युवा दंपतियों को नवजात शिशु के लालन-पालन के शुरुआती महीनों में वित्तीय राहत मिलती है।
प्रसवोत्तर देखभाल और बुजुर्गों के लिए ‘जनऔषधि स्वाभिमान’
बच्चे के जन्म के बाद माताओं की सेहत और शारीरिक रिकवरी के लिए विशेष उपकरणों की जरूरत होती है। योजना के तहत महिलाओं की सहायता के लिए एब्डोमिनल बेल्ट और ₹525 की कीमत में सर्वाइकल पिलो उपलब्ध कराया गया है। यह तकिया गर्भावस्था के दौरान और बाद में भी गर्दन तथा पीठ को आराम देने में उपयोगी साबित होता है।
दूसरी तरफ, घर के बुजुर्गों और आश्रित सदस्यों की देखभाल के लिए स्वच्छता और आराम का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए सरकार ने ‘जनऔषधि स्वाभिमान’ नाम से एडल्ट डायपर की विशेष श्रेणी तैयार की है। इसके अलावा नियमित स्वास्थ्य निगरानी के लिए 25 ग्लूकोमीटर टेस्ट स्ट्रिप्स ₹500 की दर पर दी जा रही हैं। शरीर में ऑक्सीजन का स्तर जांचने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर भी इन केंद्रों पर बेचे जा रहे हैं। लंबी बीमारी या बुढ़ापे में बार-बार खरीदे जाने वाले इन सामानों की कम कीमत से परिवारों को हर महीने बड़ी बचत होती है।
जनऔषधि केंद्र नेटवर्क का विस्तार और वित्तीय आंकड़े
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 तक इस योजना की आधिकारिक सूची में 2,110 जेनेरिक दवाइयां और 315 सर्जिकल व मेडिकल उपकरण शामिल किए जा चुके हैं। इनमें दिल की बीमारी, कैंसर, मधुमेह, इंफेक्शन, एलर्जी और पेट से जुड़ी बीमारियों की दवाओं के साथ न्यूट्रास्युटिकल्स भी शामिल हैं।
वित्तीय आंकड़े दर्शाते हैं कि देश भर में फैले 20,000 से अधिक जनऔषधि केंद्रों ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों (2021-22 से 2025-26) के दौरान कुल ₹7,873.85 करोड़ की बिक्री दर्ज की है। बाजार दरों की तुलना में इन सस्ती दवाओं और मेडिकल सामानों की बिक्री से देश के नागरिकों को लगभग ₹37,200 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बचत हुई है।
यह भी जानें: जनऔषधि बास्केट में जल्द शामिल होंगे कौन से उत्पाद?
सरकार दवाओं से आगे बढ़कर किफायती स्वास्थ्य सेवा के दायरे को लगातार बढ़ा रही है। आने वाले समय में जनऔषधि केंद्रों पर कई नए पुनर्वास और सहायक उपकरण बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। पाइपलाइन में शामिल नए उत्पादों में मोशन-नी ब्रेस, वॉकर (सिट असिस्ट-टू-स्टैंड सपोर्ट), मेडिकल स्टीम वेपोराइजर, फुट एलिवेटर पिलो, प्रेग्नेंसी बैक सपोर्ट बेल्ट और सर्वाइकल कॉलर शामिल हैं।
इन नए सामानों के जुड़ने से मरीजों को अस्पताल के बाद घर पर ठीक होने के दौरान लगने वाली महंगी मेडिकल एसेसरीज के लिए ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? जनऔषधि केंद्रों पर कौन-कौन से मेडिकल सामान उपलब्ध हैं?
उत्तर। इन केंद्रों पर 2,110 प्रकार की दवाइयां और 315 सर्जिकल/मेडिकल उत्पाद मिलते हैं, जिनमें बेबी वाइप्स, नेबुलाइजर, एडल्ट डायपर, ग्लूकोमीटर स्ट्रिप्स और पल्स ऑक्सीमीटर शामिल हैं।
प्रश्न? बीते पांच वर्षों में जनऔषधि योजना से देशवासियों को कितनी बचत हुई है?
उत्तर। वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच ₹7,873.85 करोड़ के सामान की बिक्री हुई, जिससे जनता को करीब ₹37,200 करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई है।
प्रश्न? जनऔषधि केंद्रों पर शिशु देखभाल के लिए क्या खास उत्पाद हैं?
उत्तर। ‘जनऔषधि बचपन’ के तहत ₹45 में बेबी वाइप्स का 20 का पैक, ₹937.50 में नेबुलाइजर मशीन और फीडिंग बोतल जैसी चीजें उपलब्ध हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






