
रणजी ट्रॉफी के इतिहास, एलीट व प्लेट ग्रुप फॉर्मेट, पॉइंट सिस्टम और भारतीय टेस्ट टीम में चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।
मुख्य बातें
- रणजी ट्रॉफी भारत की मुख्य चार दिवसीय फर्स्ट-क्लास लाल गेंद क्रिकेट प्रतियोगिता है।
- BCCI इस टूर्नामेंट को एलीट ग्रुप (32 टीम) और प्लेट ग्रुप (6 टीम) में बाँटकर आयोजित करता है।
- मैच जीतने पर 6 अंक और पारी या 10 विकेट से जीत पर 7 अंक मिलते हैं।
- भारतीय राष्ट्रीय टेस्ट टीम और इंडिया-ए टीम में चयन के लिए रणजी का प्रदर्शन मुख्य आधार है।
रणजी ट्रॉफी भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी (फर्स्ट-क्लास) घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता है, जिसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हर साल आयोजित करता है। भारत के राष्ट्रीय टेस्ट दल और इंडिया-ए टीम तक पहुँचने के लिए यह प्रतियोगिता सबसे मुख्य माध्यम है।
रणजी ट्रॉफी क्या है?
रणजी ट्रॉफी भारत का प्रमुख घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट है, जिसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) संचालित करता है। इसमें विभिन्न राज्यों, संघ शासित प्रदेशों और खेल बोर्डों की कुल 38 टीमें हिस्सा लेती हैं। चार और पांच दिवसीय प्रारूप में खेली जाने वाली इस प्रतियोगिता का प्रदर्शन खिलाड़ियों के लिए भारतीय राष्ट्रीय टेस्ट टीम में चयन का सबसे बड़ा आधार बनता है।
रणजी ट्रॉफी का इतिहास और नामकरण
इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की शुरुआत 1934 में हुई थी। पहला मैच 4 नवंबर 1934 को मद्रास और मैसूर के बीच चेपॉक मैदान पर खेला गया था। इस टूर्नामेंट का नाम भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर नवानगर के महाराजा रणजीतसिंहजी के नाम पर रखा गया था, जिन्हें प्यार से ‘रणजी’ कहा जाता था।
शुरुआत में इसे ‘द इंटर-प्रोविंशियल क्रिकेट चैम्पियनशिप’ कहा जाता था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर रणजी ट्रॉफी कर दिया गया। बॉम्बे (अब मुंबई) इस प्रतियोगिता के इतिहास की सबसे सफल टीम रही है, जिसने 40 से अधिक बार यह खिताब अपने नाम किया है।
रणजी ट्रॉफी का फॉर्मेट और मैच संरचना
रणजी ट्रॉफी लाल गेंद से खेली जाने वाली बहु-दिवसीय (मल्टी-डे) प्रतियोगिता है। इसमें खेल का स्वरूप और नियम अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के समान ही होते हैं। टूर्नामेंट को दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाता है — लीग चरण और नॉकआउट चरण।
- लीग चरण: लीग चरण के सभी मैच चार दिन (4-Day) के होते हैं। इनमें प्रत्येक टीम को प्रतिदिन न्यूनतम 90 ओवर फेंकने होते हैं।
- नॉकआउट चरण: क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मैच पांच दिन (5-Day) के होते हैं।
- पोशाक और गेंद: सभी खिलाड़ी पारंपरिक सफ़ेद कपड़ें पहनते हैं और लाल लेदर की गेंद से खेला जाता है।
एलीट और प्लेट ग्रुप का विभाजन
BCCI प्रतिस्पर्धा का स्तर बनाए रखने के लिए सभी 38 टीमों को दो प्रमुख श्रेणियों में बाँटता है: एलीट ग्रुप और प्लेट ग्रुप।
एलीट ग्रुप में कुल 32 शीर्ष टीमें होती हैं, जिन्हें 8-8 टीमों के 4 अलग-अलग ग्रुप (ग्रुप A, B, C, और D) में बाँटा जाता है। प्लेट ग्रुप में बाकी की 6 उत्तर-पूर्वी और नई राज्य टीमें शामिल होती हैं।
प्रत्येक एलीट ग्रुप से शीर्ष दो-दो टीमें नॉकआउट (क्वार्टर फाइनल) में प्रवेश करती हैं। प्लेट ग्रुप की शीर्ष दो टीमें प्लेट नॉकआउट खेलती हैं, और विजेता टीम को अगले सत्र के लिए एलीट ग्रुप में प्रमोट किया जाता है। वहीं एलीट ग्रुप में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्लेट ग्रुप में डिमोट कर दिया जाता है।
रणजी ट्रॉफी का अंक गणित (पॉइंट सिस्टम)
रणजी ट्रॉफी में मैचों के नतीजे और पहली पारी की बढ़त के आधार पर अंक दिए जाते हैं। चूंकि मैच चार दिवसीय होते हैं, इसलिए कई बार मैच का सीधा नतीजा (जीत या हार) नहीं निकलता। ऐसे में पहली पारी की बढ़त से अंक तय होते हैं।
| मैच का परिणाम | मिलने वाले अंक |
|---|---|
| सीधी जीत (Direct Win) | 6 अंक |
| पारी से जीत या 10 विकेट से जीत | 7 अंक (6 + 1 बोनस) |
| ड्रॉ होने पर पहली पारी में बढ़त | 3 अंक |
| ड्रॉ होने पर पहली पारी में पिछड़ना | 1 अंक |
| मैच टाई होने पर | 3-3 अंक दोनों टीमों को |
| बिना पहली पारी समाप्त हुए मैच रद्द/ड्रॉ | 1-1 अंक दोनों टीमों को |
मान लीजिए एक खिलाड़ी रणजी में प्रदर्शन करता है: चयन कैसे होता है?
मान लीजिए दिल्ली या मुंबई का कोई युवा खिलाड़ी राज्य की रणजी टीम में चुना जाता है। वह एक सत्र में 7 लीग मैच खेलता है। यदि वह इन 7 मैचों में 4 या 5 शतक लगाकर 800 से अधिक रन बनाता है, तो राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान उस पर जाता है।
रणजी ट्रॉफी में निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पहले इंडिया-ए (India A) टीम और बाकी शेष भारत (Rest of India) टीम में दलीप ट्रॉफी या ईरानी कप के लिए चुना जाता है। वहाँ भी अच्छा प्रदर्शन करने पर राष्ट्रीय टेस्ट टीम का दरवाजा खुलता है। जसप्रीत बुमराह, यशस्वी जायसवाल और मोहम्मद सिराज जैसे कई दिग्गज खिलाड़ियों की यात्रा रणजी के शानदार सत्रों से ही शुरू हुई थी।
रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए पात्रता और नियम
किसी भी खिलाड़ी को रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तों को पूरा करना होता है:
- राज्य संघ से पंजीकरण: खिलाड़ी का संबंधित राज्य क्रिकेट संघ (जैसे DDCA, MCA, BCA) में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
- स्थानीय निवासी या कट-ऑफ नियम: खिलाड़ी को उस राज्य का मूल निवासी होना चाहिए या वह पिछले 3 से 5 वर्षों से उस राज्य में पढ़ रहा हो या नौकरी कर रहा हो।
- आउटसाइडर/गेस्ट खिलाड़ी: प्रत्येक राज्य टीम को अधिकतम 3 बाहरी (गेस्ट) खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने की अनुमति होती है।
- उम्र सीमा: रणजी ट्रॉफी ओपन कैटेगरी का टूर्नामेंट है। इसके लिए कोई न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा नहीं है, लेकिन प्रदर्शन के आधार पर सीनियर ट्रायल पास करना होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: रणजी ट्रॉफी का मैच कितने दिनों का होता है?
उत्तर: लीग चरण के मैच 4 दिन के होते हैं, जबकि क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल जैसे नॉकआउट मैच 5 दिन के होते हैं।
प्रश्न: रणजी ट्रॉफी में कितनी टीमें भाग लेती हैं?
उत्तर: वर्तमान में रणजी ट्रॉफी में कुल 38 टीमें भाग लेती हैं, जिन्हें एलीट और प्लेट ग्रुप में बाँटा गया है।
प्रश्न: रणजी ट्रॉफी में विजेता टीम को क्या मिलता है?
उत्तर: विजेता टीम को ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी ट्रोफी और BCCI द्वारा तय की गई नकद पुरस्कार राशि दी जाती है।
प्रश्न: क्या रणजी ट्रॉफी के मैच टीवी पर या ऑनलाइन लाइव देखे जा सकते हैं?
उत्तर: हां, रणजी ट्रॉफी के प्रमुख मैचों का लाइव प्रसारण स्पोर्ट्स चैनलों और आधिकारिक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर किया जाता है।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






