बुधवार, सितम्बर 9, 2026

आईपीएल नीलामी नियम क्या हैं: पर्स, रिटेंशन और पूरी प्रक्रिया

Date:

आईपीएल नीलामी नियम

क्रिकेट प्रेमियों के लिए आईपीएल नीलामी नियम समझना बेहद दिलचस्प है क्योंकि इसी प्रक्रिया से खिलाड़ियों की किस्मत तय होती है और नई टीमों का गठन होता है।

मुख्य बातें

  • प्रत्येक फ्रेंचाइजी के लिए खिलाड़ियों को खरीदने के लिए एक निश्चित सैलरी पर्स यानी बजट सीमा तय होती है।
  • नीलामी से पहले टीमें अपने कुछ मौजूदा खिलाड़ियों को रिटेंशन और राइट टू मैच कार्ड के जरिए रोक सकती हैं।
  • खिलाड़ी नीलामी में अपनी बेस प्राइस यानी न्यूनतम कीमत खुद तय करते हैं।
  • प्लेइंग इलेवन में विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम सीमा चार ही हो सकती है।

आईपीएल नीलामी नियम वे दिशा-निर्देश हैं जिनके तहत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हर साल या मेगा-ऑक्शन के समय फ्रेंचाइजी टीमों और खिलाड़ियों के बीच अनुबंध तय करता है। क्रिकेट की दुनिया की इस सबसे बड़ी व्यावसायिक नीलामी में हर टीम अपनी रणनीति के हिसाब से खिलाड़ियों पर बोली लगाती है।

आईपीएल नीलामी नियम क्या हैं?

आईपीएल नीलामी नियम वे तयशुदा पैमाने हैं जिनके अनुसार हर फ्रेंचाइजी को एक निश्चित बजट (पर्स) के भीतर अपनी टीम तैयार करनी होती है। इसमें खिलाड़ियों की बेस प्राइस, टीमों का कुल खर्च, विदेशी खिलाड़ियों का कोटा और नीलामी की चरणबद्ध प्रक्रिया शामिल होती है, ताकि सभी फ्रेंचाइजी के बीच निष्पक्ष मुकाबला बना रहे।

आईपीएल नीलामी में सैलरी पर्स और बजट का गणित

हर साल होने वाली नीलामी के लिए बीसीसीआई द्वारा सभी टीमों को एक निश्चित पर्स लिमिट दी जाती है। इस कुल राशि से ही फ्रेंचाइजी को अपने न्यूनतम और अधिकतम खिलाड़ियों का कोटा भरना होता है। कोई भी टीम इस निर्धारित पर्स सीमा से अधिक पैसे खर्च नहीं कर सकती है। यदि किसी टीम के पास पैसे खत्म हो जाते हैं, तो वह आगे बोली नहीं लगा सकती है।

खिलाड़ियों की श्रेणियां और बेस प्राइस

नीलामी प्रक्रिया शुरू होने से पहले देश-विदेश के सैकड़ों खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। इसके बाद फ्रेंचाइजी की मांग के आधार पर खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है।

  • हर खिलाड़ी अपनी इच्छा और अनुभव के अनुसार न्यूनतम कीमत यानी बेस प्राइस तय करता है।
  • बेस प्राइस की श्रेणियां आमतौर पर 20 लाख रुपये से शुरू होकर दो करोड़ रुपये तक जाती हैं।
  • नीलामी के दौरान बोली इसी बेस प्राइस से आगे बढ़ती है।
  • अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों के लिए अलग और कम बेस प्राइस के नियम होते हैं।

रिटेंशन और राइट टू मैच (RTM) के नियम

मेगा-ऑक्शन से पहले हर फ्रेंचाइजी को अपनी पुरानी टीम से कुछ खिलाड़ियों को अपने पास रखने की छूट मिलती है। इसे रिटेंशन कहा जाता है। इसके अलावा राइट टू मैच कार्ड का विकल्प भी होता है जिसके जरिए पुरानी टीम नीलामी में किसी अन्य फ्रेंचाइजी द्वारा लगाई गई सबसे ऊंची बोली के बराबर रकम चुकाकर अपने पुराने खिलाड़ी को वापस खरीद सकती है।

खिलाड़ियों को चुनने का चरण-दर-चरण तरीका

<पर्स और नियमों के तहत ऑक्शन हॉल में नीलामी का संचालन एक ऑक्शनर द्वारा किया जाता है।>

  1. पंजीकृत खिलाड़ियों को उनकी भूमिका के आधार पर मार्की खिलाड़ियों और अन्य सेटों में बांटा जाता है।
  2. ऑक्शनर हर खिलाड़ी का नाम और उसकी शुरुआती बेस प्राइस पुकारता है।
  3. फ्रेंचाइजी उस खिलाड़ी को खरीदने के लिए अपने पैड उठाकर बोली लगाना शुरू करती हैं।
  4. जिस टीम की बोली सबसे ज्यादा होती है, खिलाड़ी को उस टीम के पाले में बेच दिया जाता है।
  5. यदि कोई भी टीम बोली नहीं लगाती है, तो खिलाड़ी अनसोल्ड यानी बिना बिके रह जाता है।

विदेशी खिलाड़ियों का कोटा और अन्य पाबंदियां

किसी भी टीम में कुल खिलाड़ियों की संख्या सीमित होती है जिसमें भारतीय और विदेशी दोनों शामिल होते हैं। मैच के दिन मैदान पर उतरने वाली प्लेइंग इलेवन में अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। यह नियम सभी टीमों के लिए अनिवार्य होता है ताकि घरेलू प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? आईपीएल नीलामी कौन आयोजित करता है? उत्तर। आईपीएल नीलामी का आयोजन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा हर साल किया जाता है।

प्रश्न? क्या बिना बिके खिलाड़ी दोबारा नीलामी में आ सकते हैं? उत्तर। हां, यदि किसी खिलाड़ी को पहले राउंड में कोई खरीदार नहीं मिलता है, तो फ्रेंचाइजी के अनुरोध पर उन्हें एक्सीलेरेटेड राउंड में दोबारा बुलाया जा सकता है।

प्रश्न? क्या टीमें आपस में खिलाड़ियों की अदला-बदली कर सकती हैं? उत्तर। हां, नीलामी से पहले ट्रेडिंग विंडो के दौरान टीमेंस आपसी सहमति से खिलाड़ियों का ट्रेड कर सकती हैं।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी योग्य/सेबी-पंजीकृत सलाहकार से परामर्श करें।

यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

वोटर लिस्ट नाम ऑनलाइन कैसे चेक करें?

वोटर लिस्ट नाम घर बैठे ऑनलाइन चेक करने का आसान तरीका जानें। ECI पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप की मदद से मतदाता सूची में अपना नाम आसानी से खोजें।

सेहतमंद रहने के लिए रोज कितना पानी पीना चाहिए?

रोज कितना पानी पीना चाहिए? स्वस्थ रहने के लिए वयסकों को प्रतिदिन कितना तरल पदार्थ लेना चाहिए, इसके सही नियम और संकेतों के बारे में पूरी जानकारी जानें।

RBI ने सितंबर 2026 के लिए रूरल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे की शुरुआत की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सितंबर 2026 दौर के रूरल कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे का शुभारंभ किया है जिससे मौद्रिक नीति निर्माण में मदद मिलेगी।

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आध्यात्मिक संगठनों संग बढ़ेगा दायरा

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सामाजिक न्याय मंत्रालय आध्यात्मिक संगठनों से हाथ मिला रहा है। जानिए इस नई पहल और समझौतों से जुड़ी पूरी जानकारी।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika