
मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने प्रमुख आध्यात्मिक संस्थानों के साथ साझेदारी का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।
मुख्य बातें
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नए समझौतों पर हस्ताक्षर करेगा।
- अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, चिन्मय मिशन, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान और हरे कृष्णा मूवमेंट बनेंगे साझीदार।
- यह हस्ताक्षर समारोह बुधवार को नई दिल्ली स्थित मंत्रालय के कार्यालय में आयोजित होगा।
- इससे पहले आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्मा कुमारी और पतंजलि विश्वविद्यालय जैसे संस्थान जुड़ चुके हैं।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय देश भर में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करने के लिए आध्यात्मिक संगठनों के साथ साझेदारी का लगातार विस्तार कर रहा है। पीआईबी के अनुसार, समुदायों का मार्गदर्शन करने और मूल्य-आधारित जीवन को बढ़ावा देने में इन संस्थानों की भूमिका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
नशा मुक्त भारत अभियान के नए समझौते
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग चार प्रमुख आध्यात्मिक संस्थानों के साथ आधिकारिक तौर पर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने जा रहा है। इनमें अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, चिन्मय मिशन, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान और हरे कृष्णा मूवमेंट शामिल हैं। यह विशेष हस्ताक्षर समारोह बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित मंत्रालय के कार्यालय में तय किया गया है, जहां विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत और विभिन्न आध्यात्मिक गुरु मौजूद रहेंगे।
मंत्रालय का मानना है कि इन संस्थाओं के जुड़ने से जमीनी स्तर पर जन जागरूकता कार्यक्रमों को बल मिलेगा। स्वयंसेवकों को संगठित करने तथा नशामुक्ति के प्रयासों में योग, ध्यान और आध्यात्मिक परामर्श को जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित संगठनों के साथ ऐसे समझौते किए जा चुके हैं।
पहले से जुड़े संस्थान और उनका योगदान
इस अभियान के साथ पिछले चरणों में आर्ट ऑफ लिविंग, ब्रह्मा कुमारी, संत निरंकारी मिशन, इस्कॉन, श्री राम चंद्र मिशन, ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार, शिवानंद योग वेदांत धनवंतरी आश्रम और पतंजलि विश्वविद्यालय को जोड़ा गया था। इन सभी संगठनों के माध्यम से रोकथाम और पुनर्प्राप्ति का संदेश समाज के दूर-दराज के कोनों तक पहुंचाया जा रहा है।
- अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र के साथ नया समझौता।
- चिन्मय मिशन और दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की भागीदारी।
- हरे कृष्णा मूवमेंट द्वारा जागरूकता अभियानों को समर्थन।
- बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित होगा विशेष हस्ताक्षर समारोह।
सामूहिक संकल्प और आगामी दिशा
आध्यात्मिक शक्ति को सामाजिक एकजुटता के साथ मिलाकर नशा मुक्त भारत अभियान समाज के हर वर्ग तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। क्यूआर कोड स्कैन करके नागरिक नशा मुक्ति मित्र के रूप में पंजीकरण कर सकते हैं और एनएमबीए ई-प्रतिज्ञा ले सकते हैं। मंत्रालय का लक्ष्य एक स्वस्थ, मजबूत और विकसित राष्ट्र की नींव रखना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नए समझौते कब और कहां होंगे? उत्तर। यह हस्ताक्षर समारोह बुधवार को नई दिल्ली में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के कार्यालय में आयोजित किया जाएगा।
प्रश्न? इस चरण में कौन-से नए संगठन जुड़ रहे हैं? उत्तर। इस चरण में अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, चिन्मय मिशन, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान और हरे कृष्णा मूवमेंट शामिल हो रहे हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






