रविवार, सितम्बर 6, 2026

अमित शाह ने पणजी में गोवा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

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अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गोवा की राजधानी पणजी में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ राज्य से जुड़े सुरक्षा और विकास के विभिन्न मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की है।

मुख्य बातें

  • पीआईबी के अनुसार 6 सितंबर 2026 को पणजी में बैठक हुई।
  • अमित शाह ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
  • नवीन न्याय संहिताओं के लागू होने से दोषसिद्धि दर 22% से बढ़कर 53% हुई।
  • बैठक में तटीय सुरक्षा, एनडीपीएस मामलों और अवैध प्रवासियों पर चर्चा हुई।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 6 सितंबर 2026 को गोवा की राजधानी पणजी में राज्य से संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा मुद्दों पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। पीआईबी के अनुसार, इस अहम बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के इस तटीय राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक मजबूत करना तथा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लेना था।

अमित शाह ने पणजी में की गोवा की सुरक्षा समीक्षा

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ली गई इस महत्वपूर्ण बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा गोवा सरकार, भारतीय तटरक्षक बल और अन्य संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस उच्चस्तरीय मंथन के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने गृह मंत्री के सामने कानून-व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट पेश की। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में हिंसक अपराधों के आंकड़ों में कमी दर्ज की जा रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

चर्चा के दौरान एजेंडे में तीन नवीन न्याय संहिताओं को जमीन पर उतारने, एनडीपीएस (NDPS) से जुड़े मामलों, तटीय सुरक्षा व्यवस्था, भगोड़ों के मामलों, आपदा प्रबंधन तथा पुलिस आधुनिकीकरण जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा दुश्मन की संपत्तियों के प्रशासन और अवैध प्रवासियों, खासकर अपराधों तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को वापस भेजने पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। गृह मंत्री ने राज्य सरकार और पुलिस महकमे के अब तक के कामों की सराहना की।

अमित शाह और गोवा में कानून व्यवस्था के नए आयाम

गृह मंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय द्वारा उठाए गए सभी कदमों का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गोवा देश में कानून-व्यवस्था के मामले में शीर्ष राज्य बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का लगातार व्यापक आकलन किया जाना बेहद जरूरी है। अपराधों के बदलते ट्रेंड्स, अपराधियों की अंतर-राज्यीय आवाजाही और तटीय सुरक्षा की चौबीसों घंटे निगरानी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों को प्रशासनिक और विकास कार्यों में पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।

गोवा पुलिस के महानिदेशक ने बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के हवाले से बताया कि तीन नई न्याय संहिताओं को लागू करने तथा आईसीजेएस (ICJS) के प्रभावी कार्यान्वयन के बाद राज्य में दोषसिद्धि दर में जबरदस्त उछाल आया है। यह दर पहले 22 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 53 प्रतिशत हो गई है। पुलिस महानिदेशक ने यह भी जानकारी दी कि अब कई मामलों में अदालतें मात्र 6 से 8 महीने के भीतर ही आपराधिक मुकदमों का फैसला सुनाने में पूरी तरह सक्षम हो रही हैं।

  • बैठक में केंद्रीय गृह सचिव और आईबी निदेशक रहे मौजूद।
  • दोषसिद्धि दर 22% से बढ़कर 53% हुई।
  • नशामुक्त और साइबर अपराध मुक्त गोवा बनाने पर जोर।
  • तटीय सुरक्षा और अवैध प्रवासियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश।

मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने बैठक के बाद विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के विजन के अनुरूप गोवा को हर क्षेत्र में देश का एक ‘मॉडल राज्य’ बनाया जाएगा। राज्य में साइबर अपराधों और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में गोवा अपनी मजबूत और सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध नजर आ रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? पणजी में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की? उत्तर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पणजी में गोवा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

प्रश्न? बैठक में गोवा का प्रतिनिधित्व किसने किया? उत्तर। गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने इस बैठक में राज्य का प्रतिनिधित्व किया।

प्रश्न? राज्य में दोषसिद्धि दर बढ़कर कितनी हो गई है? उत्तर। नवीन न्याय संहिताओं के प्रभावी कार्यान्वयन के बाद गोवा में दोषसिद्धि दर बढ़कर 53 प्रतिशत हो गई है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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