रविवार, सितम्बर 6, 2026

नीति आयोग क्या है? जानिए इसके कार्य, संरचना और योजना आयोग से अंतर

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नीति आयोग

1 जनवरी 2015 को गठित नीति आयोग भारत सरकार के थिंक टैंक के रूप में काम करता है। जानिए इसके गठन का उद्देश्य और प्रशासनिक ढांचा।

मुख्य बातें

  • नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर बनाया गया एक सलाहकारी थिंक टैंक है।
  • इसके अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसकी गवर्निंग काउंसिल के सदस्य हैं।
  • नीति आयोग के पास वित्तीय फंड आवंटित करने का अधिकार नहीं है, यह अधिकार वित्त मंत्रालय के पास है।
  • यह संस्था सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) और बॉटम-अप दृष्टिकोण पर काम करती है।

नीति आयोग भारत सरकार का एक प्रमुख थिंक टैंक (Think Tank) है जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए दीर्घकालिक नीतियां और नीतिक ढांचा तैयार करता है। 1 जनवरी 2015 को भारत सरकार ने पूर्ववर्ती योजना आयोग (Planning Commission) को समाप्त करके इसके स्थान पर नीति आयोग का गठन किया था। इसका पूरा नाम ‘राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान’ (National Institution for Transforming India) है।

नीति आयोग क्या है?

नीति आयोग भारत सरकार की नीति निर्माण करने वाली शीर्ष सलाहकारी संस्था है। 1 जनवरी 2015 को स्थापित यह निकाय देश में आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण और सतत विकास लक्ष्यों को दिशा देने के लिए केंद्र और राज्यों को तकनीकी व रणनीतिक सलाह देता है। नीति आयोग खुद वित्तीय फंड आवंटित नहीं करता, बल्कि यह एक नीतिगत थिंक टैंक की तरह काम करता है।

पुराने योजना आयोग और इस नए निकाय में सबसे बड़ा बदलाव काम करने के तरीके को लेकर है। योजना आयोग में नीतियां ऊपर से तय होकर नीचे लागू की जाती थीं (Top-Down Approach)। वहीं, नीति आयोग में नीतियां जमीनी स्तर से ऊपर की ओर बनाई जाती हैं (Bottom-Up Approach), जिसमें राज्यों की भागीदारी सबसे अहम होती है।

नीति आयोग और योजना आयोग में मुख्य अंतर

नीति आयोग और योजना आयोग के बीच अंतर को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि दोनों की कार्यप्रणाली एक-दूसरे से काफी अलग है। नीचे तालिका में इन दोनों के मुख्य अंतर दिए गए हैं:

आधारयोजना आयोग (1950 – 2014)नीति आयोग (2015 से वर्तमान)
प्रकृतिएक केंद्रीय संस्था जो नीतियां थोपती थी।एक सलाहकार थिंक टैंक।
फंड आवंटनमंत्रालयों और राज्यों को फंड आवंटित करता था।फंड आवंटन का कोई अधिकार नहीं (यह काम वित्त मंत्रालय करता है)।
राज्यों की भूमिकाराष्ट्रीय विकास परिषद तक सीमित थी।शासी परिषद (Governing Council) में सीधी भागीदारी।
दृष्टिकोणऊपर से नीचे (Top-Down Approach)।नीचे से ऊपर (Bottom-Up Approach)।
सदस्य संरचनासीमित पूर्णकालिक सदस्य होते थे।विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और अंशकालिक सदस्यों का बड़ा ढांचा।

नीति आयोग की संरचना और ढांचा

नीति आयोग का प्रशासनिक ढांचा इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसमें केंद्र के साथ-साथ सभी राज्यों की बराबर भागीदारी रहे। इसके प्रमुख पद और निकाय निम्नलिखित हैं:

  • अध्यक्ष (Chairperson): भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।
  • शासी परिषद (Governing Council): इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल (Lieutenant Governors) शामिल होते हैं। यह संस्था का सबसे बड़ा नीतिगत मंच है।
  • क्षेत्रीय परिषदें (Regional Councils): विशिष्ट क्षेत्रों या दो से अधिक राज्यों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए समय-समय पर गठित की जाती हैं।
  • उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson): इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है और इन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है।
  • मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO): केंद्र सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी जिन्हें एक निश्चित कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है।
  • पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित: केंद्रीय मंत्रिमंडल से अधिकतम 4 पदेन सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होते हैं।

नीति आयोग का मुख्य काम क्या है?

नीति आयोग मुख्य रूप से चार दिशाओं में काम करता है: नीतिगत ढांचा तैयार करना, सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना, अनुश्रवण (Monitoring) एवं मूल्यांकन करना और ज्ञान व नवाचार का केंद्र बनना।

1. सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा

नीति आयोग राज्यों को केवल नीति लागू करने वाला माध्यम नहीं मानता, बल्कि उन्हें नीति निर्माण में बराबर का साझेदार बनाता है। इसके साथ ही यह राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है ताकि राज्य अपने प्रदर्शन में सुधार करें।

2. ग्राम स्तर पर योजनाएं बनाना

यह संस्था ऐसे तंत्र विकसित करती है जिससे ग्रामीण स्तर पर विश्वसनीय योजनाएं बनाई जा सकें और धीरे-धीरे उन्हें सरकार के उच्च स्तरों तक एकीकृत किया जा सके।

3. नवाचार और शोध (Research & Innovation)

नीति आयोग देश के भीतर अनुसंधान, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए एक थिंक-टैंक नेटवर्क के रूप में कार्य करता है। यह देश-विदेश के शैक्षणिक संस्थानों और नीति विशेषज्ञों की मदद लेता है।

4. योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन

सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर नज़र रखना नीति आयोग का प्रमुख कार्य है। यह देखता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं।

नीति आयोग द्वारा जारी प्रमुख इंडेक्स और कार्यक्रम

देश में विकास की गति को मापने और राज्यों के प्रदर्शन का आंकलन करने के लिए नीति आयोग कई सूचकांक जारी करता है:

  • एसडीजी इंडिया इंडेक्स (SDG India Index): यह सूचकांक मापता है कि भारत के राज्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को पूरा करने में कितना आगे हैं।
  • स्वास्थ्य सूचकांक (State Health Index): राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी चिकित्सा ढांचे की स्थिति का मूल्यांकन करता है।
  • इंडिया इनोवेशन इंडेक्स (India Innovation Index): राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नवाचार (Innovation) के माहौल को जांचता है।
  • आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme): देश के सबसे पिछड़े 112 से अधिक जिलों का त्वरित विकास करने के लिए यह एक विशेष पहल है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1. नीति आयोग की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव के माध्यम से की गई थी। इसने 65 वर्ष पुराने योजना आयोग का स्थान लिया।

प्रश्न 2. नीति आयोग का अध्यक्ष कौन होता है?
उत्तर: भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री ही नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष होते हैं।

प्रश्न 3. क्या नीति आयोग राज्यों को पैसा या फंड आवंटित करता है?
उत्तर: नहीं, नीति आयोग के पास राज्यों या मंत्रालयों को वित्तीय फंड आवंटित करने की शक्ति नहीं है। फंड आवंटन का कार्य भारत सरकार का वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) करता है।

प्रश्न 4. NITI का फुल फॉर्म क्या है?
उत्तर: NITI का फुल फॉर्म ‘National Institution for Transforming India’ (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) है।

नियमों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं या सरकारी पोर्टलों से जुड़ी प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी आधिकारिक बदलाव की पुष्टि के लिए हमेशा भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल niti.gov.in पर जाएं।

आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://niti.gov.in

यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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