
भारतीय डाक सेवा के अधिकारी डॉ. विनय प्रकाश सिंह को सर्वसम्मति से लगातार दूसरी बार एशियाई-प्रशांत डाक संघ का महासचिव चुना गया है।
मुख्य बातें
- डॉ. विनय प्रकाश सिंह निर्विरोध एशियाई-प्रशांत डाक संघ (APPU) के महासचिव चुने गए।
- बैंकॉक में आयोजित 14वें एपीपीयू सम्मेलन में निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
- उनका दूसरा कार्यकाल जनवरी 2027 से शुरू होकर दिसंबर 2030 तक चलेगा।
- 1988 बैच के IPoS अधिकारी डॉ. सिंह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के गोल्ड मेडलिस्ट और IIT दिल्ली से PhD हैं।
भारतीय डाक सेवा के 1988 बैच के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनय प्रकाश सिंह को सर्वसम्मति से एपीपीयू महासचिव पद पर लगातार दूसरी बार चुना गया है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित 14वें एशियाई-प्रशांत डाक संघ सम्मेलन में उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। डॉ. सिंह का यह नया कार्यकाल जनवरी 2027 से शुरू होकर दिसंबर 2030 तक चार वर्षों के लिए चलेगा।
एपीपीयू महासचिव पद पर दोबारा चुनाव का क्या महत्व है?
बैंकॉक में आयोजित 14वें सम्मेलन में भारत के डॉ. विनय प्रकाश सिंह को निर्विरोध एपीपीयू महासचिव चुना गया है, जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रशासनिक नेतृत्व को दर्शाता है। उनका अगला चार वर्षीय कार्यकाल जनवरी 2027 से दिसंबर 2030 तक रहेगा। इस चुनाव से एशिया-प्रशांत महाद्वीप के 32 देशों के बीच डाक सेवाओं के विकास, लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
डॉ. विनय प्रकाश सिंह की यह ऐतिहासिक जीत एशिया-प्रशांत क्षेत्र के डाक प्रशासनों के उनके कुशल नेतृत्व में अटूट विश्वास को दर्शाती है। इससे पहले वे 2022 में आयोजित 13वें सम्मेलन में पहली बार इस पद पर चुने गए थे और उन्होंने जनवरी 2023 में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया था। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल परिवर्तन और सदस्य देशों के बीच सीमा पार डाक लेनदेन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एपीपीयू महासचिव डॉ विनय प्रकाश सिंह का दूसरा कार्यकाल
अपने पहले कार्यकाल में एपीपीयू महासचिव के पद पर रहते हुए डॉ. सिंह ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कई प्रमुख डाक पहलों का नेतृत्व किया। उन्होंने सदस्य देशों के बीच ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, डाक नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का काम किया। उनका पुनः चुनाव इस बात का प्रमाण है कि 32 सदस्य देशों ने उनके रणनीतिक दृष्टिकोण को स्वीकार किया है।
नए कार्यकाल में एपीपीयू महासचिव डॉ. विनय प्रकाश सिंह के सामने डाक सेवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, पर्यावरण-अनुकूल डाक परिचालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल डाक कनेक्टिविटी का विस्तार करने जैसी जिम्मेदारियां होंगी। इसके अलावा, सदस्य देशों के बीच वित्तीय समावेशन और सीमा पार व्यापार को सुगम बनाने के लिए नए मानक स्थापित किए जाएंगे।
एशियाई-प्रशांत डाक संघ की भूमिका और महत्व
एशियाई-प्रशांत डाक संघ (APPU) 32 सदस्य राष्ट्रों का एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका मुख्यालय थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में स्थित है। यह संगठन संयुक्त राष्ट्र की डाक क्षेत्र के लिए विशेष एजेंसी ‘यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन’ (UPU) के एक क्षेत्रीय संघ के रूप में कार्य करता है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र की डाक प्रणाली विश्व की सबसे विशाल और विविध प्रणालियों में से एक है, जहां वैश्विक आबादी का एक बड़ा हिस्सा निवास करता है।
इस संगठन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच डाक संबंधों का विस्तार, संवर्धन तथा सुधार करना है। एपीपीयू का ढांचा इस प्रकार काम करता है:
- मुख्यालय: बैंकॉक, थाईलैंड में केंद्रीय कार्यालय स्थित है जहां से संपूर्ण क्षेत्रीय गतिविधियों का संचालन होता है।
- सदस्यता: एशिया और प्रशांत महासागरीय क्षेत्र के 32 प्रमुख राष्ट्र इस अंतर-सरकारी निकाय के सदस्य हैं।
- संबद्धता: यह वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) से जुड़ा क्षेत्रीय संगठन है।
- कार्यकाल की अवधि: निर्वाचित एपीपीयू महासचिव का कार्यकाल 4 वर्षों का होता है, जिसे चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से चुना जाता है।
- मुख्य उद्देश्य: सदस्य देशों के डाक प्रशासनों के बीच सहयोग, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और सीमा पार ई-कॉमर्स को बढ़ावा देना।
भारतीय डाक सेवा अधिकारी के रूप में अनुभव और उपलब्धियां
भारतीय डाक सेवा (IPoS) में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. विनय प्रकाश सिंह ने भारत सरकार में कई अत्यंत महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। एशियाई-प्रशांत क्षेत्र में जाने से पहले उन्होंने भारतीय डाक विभाग में वरिष्ठ उप महानिदेशक और मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वह डाक सेवा बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं, जो भारतीय डाक का सर्वोच्च नीति-निर्धारक निकाय है।
इसके अलावा, डॉ. सिंह उत्तर प्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल (CPMG) और नई दिल्ली स्थित इंडिया पोस्ट मुख्यालय में मुख्य महाप्रबंधक (CGM) के पद पर तैनात रहे हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव की सीमा केवल डाक विभाग तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), सेना डाक सेवा कोर और अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) में भी उल्लेखनीय कार्य किया है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि के मामले में भी डॉ. सिंह का रिकॉर्ड बेहद प्रतिभाशाली रहा है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आधुनिक इतिहास विषय में स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसके पश्चात, उन्होंने भारत के शीर्ष संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), दिल्ली से प्रबंधन में अपनी पीएचडी की उपाधि पूरी की। उनकी इस उच्च शैक्षणिक योग्यता और व्यापक प्रशासनिक अनुभव ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर एक सक्षम प्रशासक के रूप में स्थापित किया है।
अंतर्राष्ट्रीय डाक सहयोग में भारत की भूमिका
वैश्विक डाक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक पत्रों और पत्राचार की जगह अब ई-कॉमर्स पार्सल, डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं ने ले ली है। ऐसे दौर में एपीपीयू महासचिव पद पर भारतीय अधिकारी का दूसरी बार चयन भारत के वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करता है।
भारतीय डाक विभाग ने डॉ. विनय प्रकाश सिंह के दोबारा चुने जाने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई संदेश दिया है। विभाग ने विश्वास जताया है कि उनका दूसरा कार्यकाल (जनवरी 2027 से दिसंबर 2030) एशिया-प्रशांत क्षेत्र के डाक नेटवर्क को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और कुशल बनाएगा। भारत हमेशा से विकासशील देशों के लिए डाक प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता साझा करने में अग्रणी रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एपीपीयू के नए महासचिव के रूप में किसे चुना गया है?
उत्तर। भारतीय डाक सेवा के 1988 बैच के अधिकारी डॉ. विनय प्रकाश सिंह को लगातार दूसरी बार सर्वसम्मति से एपीपीयू महासचिव चुना गया है।
प्रश्न? एपीपीयू का मुख्यालय कहां स्थित है और इसमें कितने सदस्य देश हैं?
उत्तर। एशियाई-प्रशांत डाक संघ (APPU) का मुख्यालय बैंकॉक (थाईलैंड) में स्थित है और इसमें 32 सदस्य देश शामिल हैं।
प्रश्न? डॉ. विनय प्रकाश सिंह का दूसरा कार्यकाल कब से कब तक रहेगा?
उत्तर। डॉ. सिंह का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2027 से प्रारंभ होकर दिसंबर 2030 तक चलेगा।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






