गुरूवार, अक्टूबर 22, 2026

वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम से बदलेगी भारत की 15000 किमी सीमा

Date:

वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम

गृह मंत्रालय द्वारा संचालित वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम के तहत 11,639 करोड़ रुपये के आवंटन से देश के 2,616 से अधिक सीमावर्ती गांवों में पक्की सड़कों, इंटरनेट, स्वास्थ्य और आजीविका का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्य बातें

  • कुल 11,639 करोड़ रुपये के आवंटन से 2,616 से अधिक सीमावर्ती गांवों का कायाकल्प किया जा रहा है।
  • पहला चरण VVP-I उत्तरी सीमा के 662 गांवों के लिए 4,800 करोड़ रुपये के बजट के साथ लागू है।
  • दूसरा चरण VVP-II 6,839 करोड़ रुपये की लागत से 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विस्तारित हुआ।
  • जुलाई 2026 तक गृह मंत्रालय ने 3,020.32 करोड़ रुपये लागत की 1,248 विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी।

केंद्र सरकार की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम को दो चरणों में लागू किया जा रहा है।

वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम क्या है और यह क्यों जरूरी है?

वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम भारत सरकार की एक रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य देश की 15,000 किलोमीटर से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्थित दूरदराज के गांवों का सर्वांगीण विकास करना है। कुल 11,639 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना के माध्यम से 2,616 से अधिक गांवों में सड़क, बिजली, संचार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि सीमावर्ती समुदायों को सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में मजबूत किया जा सके।

भारत सात पड़ोसी देशों के साथ 15,000 किलोमीटर से अधिक की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ 4,096.7 किलोमीटर, चीन के साथ 3,488 किलोमीटर और पाकिस्तान के साथ 3,323 किलोमीटर है। इसके अलावा नेपाल, म्यांमार, भूटान और अफगानिस्तान के साथ भी भारत की जमीनी सीमाएं लगती हैं। दशकों तक कनेक्टिविटी की कमी, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण सीमावर्ती इलाकों से आबादी का पलायन होता रहा। इस पलायन को रोकने और सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम की नींव रखी।

इस योजना को दो मुख्य भागों में बांटा गया है। पहला चरण VVP-I उत्तरी सीमा के गांवों के लिए है, जिसकी घोषणा 2022-23 के बजट में हुई थी। 10 अप्रैल 2023 को अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले स्थित किबिथू गांव से इसे आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया था। इस चरण में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख के 19 जिलों में 662 रणनीतिक गांवों को चुना गया है। इसके लिए 2022-23 से 2026-27 की अवधि हेतु 4,800 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, जिसमें से 2,500 करोड़ रुपये का उपयोग सड़कों के निर्माण के लिए किया जा रहा है।

वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम के दूसरे चरण की विशेषताएं

पहले चरण की सफलता के बाद 2 अप्रैल 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम का विस्तार करते हुए VVP-II को मंजूरी प्रदान की। इसे 20 फरवरी 2026 को असम के कछार जिले के नाथनपुर गांव से औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। दूसरा चरण पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे गृह मंत्रालय संचालित कर रहा है। इसके लिए वर्ष 2028-29 तक 6,839 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम के इस दूसरे चरण में 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 334 ब्लॉकों में स्थित 1,954 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें असम, बिहार, गुजरात, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं। उत्तरी सीमा के जो गांव पहले चरण में कवर हो चुके हैं, उन्हें दूसरे चरण से बाहर रखा गया है ताकि कार्य का दोहराव न हो।

वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम के तहत स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएं

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 तक वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम के तहत बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य विवरण नीचे दिया गया है:

  • कुल स्वीकृत परियोजनाएं: गृह मंत्रालय ने 3,020.32 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 1,248 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जबकि अन्य मंत्रालयों ने 1,655 अतिरिक्त परियोजनाएं स्वीकृत की हैं।
  • सड़क व पुल निर्माण: 2,481.93 करोड़ रुपये की लागत से 111 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे ऐसे 134 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है जहां अब तक कोई सड़क नहीं थी। इसके साथ ही 35 लंबे पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है।
  • सीमावर्ती पर्यटन: 145 करोड़ रुपये के बजट से 327 पर्यटन परियोजनाओं की घोषणा की गई है, जिनमें व्यू प्वाइंट, ट्रैकिंग रूट, इको-रिसॉर्ट और पर्यटन केंद्र बनाए जा रहे हैं।
  • राज्यवार MHA परियोजनाएं: अरुणाचल प्रदेश में 832, उत्तराखंड में 152, हिमाचल प्रदेश में 98, सिक्किम में 87 और लद्दाख में 79 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई है।
  • आउटरीच कार्यक्रम: 31 जुलाई 2026 तक सीमावर्ती गांवों में 8,800 से अधिक स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, कौशल विकास और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा चुका है।

सुरक्षा और रिवर्स माइग्रेशन पर वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम का प्रभाव

सीमावर्ती गांव देश के रक्षक के रूप में काम करते हैं। इसका उदाहरण 1999 के करगिल युद्ध के दौरान मिला था, जब 3 मई 1999 को स्थानीय निवासियों ने ही सबसे पहले संदिग्ध घुसपैठ की सूचना दी थी। इसी तरह वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती निवासियों को सुरक्षा बलों की आंख और कान बनाना है। जब सीमा पर आबादी बनी रहेगी, तो देश की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।

इस योजना के कारण अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे, दिबांग घाटी और शी-योमी जिलों में लोगों का अपने पुराने गांवों में वापस लौटने यानी ‘रिवर्स माइग्रेशन’ का रुझान देखा जा रहा है। सड़क, मोबाइल नेटवर्क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से लोग अब अपने पैतृक गांवों में आजीविका कमा रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) स्थानीय ग्रामीणों से ही दूध, सब्जियां, अंडे और खाद्यान्न की खरीद कर रही है, जिससे ग्रामीणों को एक स्थायी बाजार मिल गया है।

1986-87 में शुरू किए गए सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (BADP) ने जिन बुनियादी विकास कार्यों की शुरुआत की थी, वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम उसी सोच को और अधिक आधुनिक तथा योजनाबद्ध रूप से आगे बढ़ा रहा है। इसमें ‘वन-ब्लॉक-वन-प्रोडक्ट’ और ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के आधार पर स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम का कुल बजट कितना है?
उत्तर। वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम का कुल बजट 11,639 करोड़ रुपये है, जिसमें पहले चरण के लिए 4,800 करोड़ रुपये और दूसरे चरण के लिए 6,839 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्रश्न? वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम किस मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है?
उत्तर। यह योजना गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन संचालित की जा रही है, जो राज्यों और सीमा सुरक्षा बलों के साथ मिलकर गांव-विशिष्ट कार्य योजनाओं को लागू कर रहा है।

प्रश्न? VVP के तहत किन क्षेत्रों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है?
उत्तर। इसके तहत 111 सड़क परियोजनाओं के जरिए 134 ऐसे गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है जहां पहले कोई सड़क कनेक्टिविटी नहीं थी।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

आयुष वर्मा ने एशियाई पैरा खेलों में जीता स्वर्ण पदक, पीएम मोदी ने दी बधाई

आयुष वर्मा ने एशियाई पैरा खेल 2026 की शॉट पुट स्पर्धा में शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई।

एशियाई पैरा खेल 2026: राकेशभाई भट्ट के कांस्य पदक पर पीएम मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई पैरा खेल 2026 में कांस्य पदक जीतने पर राकेशभाई भट्ट को बधाई दी है और उनके बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना की है।

एशियाई पैरा खेल 2026: शॉट पुट में मोहम्मद यासिर ने जीता रजत पदक

एशियाई पैरा खेल की पुरुष शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में मोहम्मद यासिर ने रजत पदक हासिल किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके प्रदर्शन की सराहना की।

विजयदशमी संबोधन: प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन और एकजुटता पर दिया बल

विजयदशमी संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुशासन, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकजुटता पर दिया जोर। जानिए 2026 के इस भाषण की मुख्य बातें।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika