
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने उत्तर प्रदेश में एक बड़े अभियान के दौरान नेपाल से तस्करी कर लाया जा रहा 591 किलोग्राम गांजा जब्त किया है।
मुख्य बातें
- राजस्व आसूचना निदेशालय ने 17-18 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश में अभियान चलाया।
- नेपाल से तस्करी कर लाए जा रहे 591.3 किलोग्राम गांजे को जब्त किया गया।
- तस्करों ने ट्रक के बोनट और चालक की सीट के पीछे विशेष गुप्त कक्ष बना रखे थे।
- मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत कार्रवाई की गई।
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए हैं।
डीआरआई गांजा जब्ती मामले की मुख्य बातें
डीआरआई गांजा जब्ती के इस ताज़ा मामले में अधिकारियों ने नेपाल सीमा के रास्ते आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को रोककर 591.3 किलोग्राम गांजा अपने कब्जे में लिया। यह कार्रवाई 17 और 18 अक्टूबर 2026 को की गई, जिसमें कई शहरों की टीमों ने मिलकर काम किया।
सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय और क्षेत्रीय एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। इस बार की कार्रवाई दर्शाती है कि तस्कर किस प्रकार कानून से बचने के लिए नए और जटिल तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। तस्करों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए खुफिया तंत्र को बेहद मजबूत किया गया है, जिसके सटीक परिणामों का यह ताजा मामला एक प्रमाण है।
सोनौली बॉर्डर से गोरखपुर तक कैसे बिछाया गया जाल
खुफिया इनपुट मिलने के बाद गोरखपुर स्थित राजस्व आसूचना निदेशालय के अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई शुरू की। इस मिशन में लखनऊ, पटना और वाराणसी की विशेष टीमों को भी शामिल किया गया ताकि किसी भी तरह की चूक न हो। तस्करों का यह वाहन नेपाल से सोनौली के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुआ था।
अधिकारियों ने लगातार चार घंटे से अधिक समय तक इस संदिग्ध वाहन की कड़ी निगरानी की। आखिरकार गोरखपुर और कुशीनगर के बीच सड़क पर इस ट्रक को घेरकर रोक लिया गया। इतनी लंबी निगरानी और सटीक समन्वय के बाद ही इस बड़े अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश करना संभव हो पाया है।
ट्रक में बने थे विशेष गुप्त कक्ष
जब अधिकारियों ने वाहन की गहराई से तलाशी ली, तो उन्हें तस्करों की शातिर चाल का पता चला। ट्रक के अंदर दो अलग-अलग गुप्त कक्ष विशेष रूप से तैयार किए गए थे, जिनका उपयोग नशीले पदार्थों को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
- पहला गुप्त कक्ष ट्रक के बोनट के ठीक ऊपर बनाया गया था।
- दूसरा गुप्त कक्ष चालक की सीट के पीछे छिपाकर तैयार किया गया था।
- इन गुप्त खानों से कुल 81 पैकेट बरामद किए गए।
- बरामद किए गए सभी पैकेटों का कुल वजन 591.3 किलोग्राम निकला।
इस तरह की परिष्कृत तकनीकों का इस्तेमाल यह साबित करता है कि तस्कर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए कितने जटिल तरीकों का सहारा लेते हैं। हालांकि, प्रशिक्षित अधिकारियों और पक्के खुफिया तंत्र के आगे यह तरीका नाकाम साबित हुआ।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई
पकड़े गए अवैध सामान और वाहन पर कड़े कानूनों के तहत शिकंजा कसा गया है। मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों का पालन करते हुए पूरी खेप को जब्त किया गया है।
इसके साथ ही मादक पदार्थों की ढुलाई में इस्तेमाल किए गए उस ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया गया है जिसके जरिए यह तस्करी की जा रही थी। इस तरह की बड़ी जब्ती न केवल तस्करों को आर्थिक चोट पहुंचाती है, बल्कि अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी बुरी तरह बाधित करती है।
डीआरआई गांजा जब्ती और इसका पृष्ठभूमि प्रभाव
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? यह जब्ती किस एजेंसी ने की है?
उत्तर। यह कार्रवाई राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) के अधिकारियों द्वारा की गई है।
प्रश्न? कुल कितना गांजा जब्त किया गया है?
उत्तर। इस अभियान के दौरान कुल 591.3 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है।
प्रश्न? यह मादक पदार्थ कहां से लाया जा रहा था?
उत्तर। यह गांजा नेपाल से तस्करी करके उत्तर प्रदेश लाया जा रहा था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






