
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 360-डिग्री मॉडल के साथ नमस्ते, स्माइल, छात्रवृत्ति और नशा मुक्त भारत जैसी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
मुख्य बातें
- केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने नई दिल्ली में मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों, ब्यूरो और संस्थानों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।
- अधिकारियों को योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन और निगरानी के लिए 360-डिग्री दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया गया।
- नमस्ते, स्माइल, पीएम-अजॉय, नशा मुक्त भारत अभियान और छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा की गई।
- लाभार्थियों तक सीधी जानकारी पहुंचाने के लिए प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया।
सामाजिक न्याय मंत्रालय ने देश के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए नई रणनीति तैयार की है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सभी प्रभागों, ब्यूरो, निगमों और संस्थानों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के 360-डिग्री क्रियान्वयन, डिजिटल निगरानी और अंतिम छोर पर स्थित लाभार्थी तक सहायता पहुंचाना है।
सामाजिक न्याय मंत्रालय की समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सामाजिक न्याय मंत्रालय की समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाना और लक्षित समूहों तक उनका त्वरित लाभ पहुंचाना है। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के समाज कल्याण विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर प्रत्येक योजना का जमीनी स्तर पर असरदार क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
360-डिग्री दृष्टिकोण और अंतिम व्यक्ति तक सहायता
समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के निर्माण से लेकर उनके लागू होने तक 360-डिग्री मॉडल अपनाया जाए। इस मॉडल में संभावित लाभार्थियों की वास्तविक आवश्यकताओं को सबसे पहले रखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सामाजिक सशक्तीकरण के लिए पूरे प्रशासनिक ढांचे और समाज को मिलकर काम करना होगा।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों और संयुक्त सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली अड़चनों को पहचानें और समय पर सुधारात्मक उपाय लागू करें। इससे सरकारी सहायता की राह में आने वाली देरी खत्म होगी और पात्र लोगों को हक का लाभ मिलेगा।
मंत्रालय की इन प्रमुख योजनाओं पर रहा विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़े कई बड़े कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया। मंत्रालय द्वारा संचालित इन प्रमुख योजनाओं की सूची इस प्रकार है:
- नमस्ते (NAMASTE) योजना: मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के तहत सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और उनका आर्थिक पुनर्वास।
- स्माइल (SMILE) पहल: भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास और ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए लक्षित कार्यक्रम।
- नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA): नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने और युवाओं में जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPDDR)।
- अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY): वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, आश्रय और स्वास्थ्य सहायता के लिए संचालित योजना।
- पीएम-अजॉय (PM-AJAY): अनुसूचित जाति बहुल गांवों के बुनियादी विकास और कौशल विकास से जुड़ी अभ्युदय योजना।
- छात्रवृत्ति योजनाएं: अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और विमुक्त व घुमंतू जनजातियों (DNT) के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप।
सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा जन-जागरूकता और प्रचार-प्रसार पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं जब पात्र लोगों को आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की सही जानकारी हो। सामाजिक न्याय मंत्रालय अब प्रिंट, डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी प्रमुख पहलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक सूचनाएं पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
इसके अलावा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के कानूनी प्रवर्तन तंत्र को सुदृढ़ करने के कदमों की जानकारी भी जनता तक बढ़ाई जाएगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों के निर्माण कार्य को भी गति देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका असर: लाभार्थियों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा?
मंत्रालय की इस उच्चस्तरीय समीक्षा का सीधा प्रभाव देश के करोड़ों वंचितों, बुजुर्गों, सफाई कर्मचारियों, दिव्यांगों और छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा। जब केंद्र और राज्य सरकारों का प्रशासनिक तंत्र एक साथ तालमेल में काम करेगा, तो आवेदनों का निपटारा तेजी से होगा और डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) जैसी प्रक्रियाओं में देरी नहीं होगी।
अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग और जमीनी निरीक्षण होने से योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। बैठक शुरू होने से पहले मंत्री ने स्वयं मंत्रालय के विभिन्न अनुभागों का दौरा कर कर्मचारियों के काम की समीक्षा की थी और उनकी कार्यकुशलता को सराहा था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: सामाजिक न्याय मंत्रालय की इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की?
उत्तर: इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में की।
प्रश्न: नमस्ते (NAMASTE) योजना किससे संबंधित है?
उत्तर: यह योजना मशीनीकृत स्वच्छता के माध्यम से सीवर और सेप्टिक टैंक सफाईकर्मियों की सुरक्षा, उपकरणों के उपयोग और उनके सम्मानजनक पुनर्वास से संबंधित है।
प्रश्न: स्माइल (SMILE) योजना का लाभ किन वर्गों को मिलता है?
उत्तर: स्माइल योजना का लाभ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण और भिक्षावृत्ति में संलग्न लोगों के समग्र पुनर्वास के लिए दिया जाता है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






