
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान ने पुस्तकालय और सूचना विज्ञान पेशेवरों के लिए एआई और डिजिटलीकरण पर आधारित विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया।
मुख्य बातें
- प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया गया
- देश भर के विभिन्न संस्थानों से कुल 16 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया
- कोहा और डीस्पेस सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए
- कार्यक्रम का समन्वय सुश्री मिताली भारती ने किया
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) ने हाल ही में एक विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया है। यह आयोजन सीएसआईआर एकीकृत कौशल पहल के तीसरे चरण के तहत किया गया, जो 5 से 16 अक्टूबर 2026 तक चला। इस दो सप्ताह के शैक्षणिक सत्र का मुख्य उद्देश्य पुस्तकालय और सूचना विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों की तकनीकी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था।
कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में किन विषयों पर हुआ फोकस?
पुस्तकालयों के लिए पुस्तकालय स्वचालन (लाइब्रेरी ऑटोमेशन), डिजिटलीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में कौशल प्रशिक्षण विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में कुल 16 प्रतिभागियों ने भाग लिया। ये प्रतिभागी देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और पुस्तकालयों से जुड़े थे। संस्थान के प्रशिक्षण प्रभाग द्वारा आयोजित इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य पुस्तकालय सेवाओं में डिजिटल रिपॉजिटरी और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना था।
संस्थान की निदेशक डॉ. गीता वाणी रसायम ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और प्रतिभागियों को अनुसंधान तथा पुस्तकालय आधुनिकीकरण में सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया था। प्रशिक्षण प्रभाग के प्रमुख श्री मुकेश ए. पुंड ने पुस्तकालय स्वचालन और नई तकनीकों को अपनाने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र की शुरुआत श्री सलीम अंसारी के संचालन के साथ हुई थी।
व्यावहारिक सत्र और सॉफ्टवेयर का ज्ञान
इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनुभवात्मक शिक्षण मॉडल था, जिसमें थ्योरी के साथ-साथ लाइव सॉफ्टवेयर पर काम करने का मौका मिला। प्रतिभागियों को निम्नलिखित प्रमुख तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया:
- कोहा एकीकृत पुस्तकालय प्रबंध प्रणाली (कोहा आईएलएमएस) का इंस्टॉलेशन और कैटलॉग प्रबंधन
- डीस्पेस डिजिटल रिपॉजिटरी सॉफ्टवेयर के जरिए संस्थागत ज्ञान का संरक्षण
- लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम और सर्कुलेशन वर्कफ़्लो की कार्यप्रणाली
- डबलिन कोर और बिटस्ट्रीम रजिस्ट्री प्रबंधन का एडमिनिस्ट्रेशन
एआई और डिजिटल टूल्स का बढ़ता दायरा
बदलते दौर के साथ पुस्तकालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते अनुप्रयोगों को भी इस पाठ्यक्रम में प्रमुखता से जगह दी गई। 15 अक्टूबर 2026 को ‘आई-थेन्टीकेट’ पर एक विशेष सत्र रखा गया, जहां टेक्स्ट समानता की जांच और जिम्मेदार शैक्षणिक लेखन के महत्व को समझाया गया। इसके अलावा, एआई टूल्स की मदद से मेटाडेटा निकालने की तकनीक भी सिखाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय विज्ञान पुस्तकालय का दौरा भी किया, जिससे उन्हें वहां उपलब्ध संसाधनों की जमीनी हकीकत का पता चल सके। इन अकादमिक सत्रों को श्री संजय बर्डे, डॉ. अविनाश क्षितिज और श्री भरत नटराजन जैसे विशेषज्ञों ने भी संबोधित किया।
यह भी जानें: कैसे काम करती है सीएसआईआर एकीकृत कौशल पहल?
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) देश भर में वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है। इसी कड़ी में चलाई जा रही सीएसआईआर एकीकृत कौशल पहल का तीसरा चरण युवाओं और शोधकर्ताओं को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने का काम कर रहा है। पुस्तकालयों का डिजिटलीकरण होने से शोधार्थियों को एक क्लिक पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का डेटा मिल जाता है, जिससे देश में रिसर्च की रफ्तार तेज होती है।
इस पूरे प्रशिक्षण का समन्वय प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर और नोडल प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर सुश्री मिताली भारती ने किया। उनके साथ श्री सलीम अंसारी और श्री मुकेश ए. पुंड ने कोर्स को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी निभाई। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को अपने संस्थानों में लौटकर इन डिजिटल तकनीकों को लागू करने और पुस्तकालय सेवाओं को उन्नत बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किस संस्थान ने किया था?
उत्तर। यह कार्यक्रम सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) द्वारा आयोजित किया गया था।
प्रश्न? इस पाठ्यक्रम में किन मुख्य सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया गया?
उत्तर। प्रतिभागियों को ‘कोहा’ लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम और ‘डीस्पेस’ डिजिटल रिपॉजिटरी सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






