
राष्ट्रपति भवन ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति भवन ने 5 सितंबर 2026 को डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति का आदेश जारी किया।
- डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल बनाया गया है।
- यह नियुक्ति उनके पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी।
- उपराज्यपाल केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कार्य करते हैं।
राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी आदेश के तहत अंडमान उपराज्यपाल पद पर डॉ. दिनेश शर्मा को नियुक्त किया गया है। भारत की राष्ट्रपति ने 5 सितंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नियुक्ति की घोषणा की। पीआईबी के अनुसार डॉ. शर्मा का यह कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा। केंद्रशासित प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक पद पर हुई यह नियुक्ति अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के शासन-प्रशासन के संचालन में केंद्रीय भूमिका निभाएगी।
अंडमान उपराज्यपाल की नियुक्ति का मुख्य विवरण क्या है?
भारत की राष्ट्रपति ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान उपराज्यपाल नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 2026 में उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। राष्ट्रपति भवन से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. शर्मा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
प्रेस सूचना कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति सचिवालय ने 5 सितंबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। नए अंडमान उपराज्यपाल के रूप में डॉ. दिनेश शर्मा पद संभालने के बाद द्वीप समूह के प्रशासनिक कार्यों का सीधे पर्यवेक्षण करेंगे। केंद्र शासित प्रदेश में उपराज्यपाल का पद संवैधानिक रूप से अत्यधिक संवेदनशील और उत्तरदायी माना जाता है, क्योंकि वहां राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में शासन का संचालन किया जाता है।
अंडमान उपराज्यपाल की संवैधानिक भूमिका और अधिकार
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239 के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक या उपराज्यपाल के माध्यम से संचालित होता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एक केंद्र शासित प्रदेश है, इसलिए यहां राष्ट्रपति द्वारा अंडमान उपराज्यपाल को प्रशासनिक शक्तियां सौंपी जाती हैं। उपराज्यपाल सीधे केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के प्रति जवाबदेह होते हैं।
केंद्र शासित प्रदेश के मुखिया होने के नाते अंडमान उपराज्यपाल के पास नागरिक प्रशासन, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों के बजट और स्थानीय नीतियों के क्रियान्वयन से संबंधित अधिकार होते हैं। संघ राज्य क्षेत्र में किसी भी नीतिगत फैसले या नए नियमों को लागू करने से पहले उपराज्यपाल की स्वीकृति आवश्यक होती है। अंडमान और निकोबार में स्थानीय निकायों और प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से शासन का कार्य डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा देखा जाएगा।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का रणनीतिक महत्व
बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के मुहाने पर स्थित होने के कारण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत के लिए भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत विशेष स्थान रखता है। इस केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे का निर्माण, समुद्री व्यापार मार्गों की निगरानी और द्वीपीय विकास से जुड़ी योजनाएं प्राथमिक केंद्र में रहती हैं।
हाल के वर्षों में केंद्र सरकार ने द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, हवाई अड्डों के विस्तार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया है। नए अंडमान उपराज्यपाल के सामने इन जारी परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने तथा स्थानीय जनजीवन की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, संवेदनशील जनजातीय क्षेत्रों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए विकास कार्यों को गति देना भी प्रशासनिक प्राथमिकताओं में शामिल है।
केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल पद का इतिहास और व्यवस्था
भारत में केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक ढांचे में राष्ट्रपति का प्रतिनिधि मुख्य भूमिका में रहता है। दिल्ली, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा अंडमान और निकोबार जैसे संघ राज्य क्षेत्रों में उपराज्यपाल का पद सृजित किया गया है। अंडमान और निकोबार में चीफ कमिश्नर व्यवस्था को समाप्त कर उपराज्यपाल का पद स्थापित किया गया था, ताकि द्वीप समूह के प्रशासनिक कामकाज को और अधिक सुचारू बनाया जा सके।
डॉ. दिनेश शर्मा की इस पद पर नियुक्ति के बाद द्वीप समूह के विभिन्न विभागों में प्रशासनिक तालमेल को मजबूती मिलेगी। नए अंडमान उपराज्यपाल कार्यभार ग्रहण करने के बाद स्थानीय पुलिस, तटरक्षक बल, रक्षा बलों के त्रिसेवा कमान (अंडमान एवं निकोबार कमान) और सिविल सेवा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित करेंगे। इससे द्वीपीय सुरक्षा और स्थानीय नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
अंडमान और निकोबार प्रशासन से जुड़े मुख्य बिंदु
- नियुक्ति की तिथि: 5 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन से आधिकारिक आदेश जारी किया गया।
- नवनियुक्त अधिकारी: डॉ. दिनेश शर्मा को नया अंडमान उपराज्यपाल बनाया गया है।
- प्रभाव: यह नियुक्ति डॉ. शर्मा द्वारा पदभार ग्रहण करने की तारीख से लागू होगी।
- प्रशासनिक मुख्यालय: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में राजनिवास स्थित है।
- संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 239 के तहत राष्ट्रपति द्वारा संघ राज्य क्षेत्र का प्रशासन उपराज्यपाल के माध्यम से संचालित होता है।
- सुरक्षा ढांचा: भारत का एकमात्र एकीकृत त्रि-सेवा सैन्य कमान (अंडमान और निकोबार कमान) इसी द्वीप समूह में स्थित है।
द्वीपीय विकास और प्रशासनिक चुनौतियां
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 800 से अधिक छोटे-बड़े द्वीपों का समूह है, जिसमें से केवल कुछ ही द्वीपों पर मानव आबादी निवास करती है। द्वीपों की भौगोलिक स्थिति के कारण परिवहन, बिजली आपूर्ति, इंटरनेट कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन की अपनी अलग चुनौतियां हैं। अंडमान उपराज्यपाल के रूप में कार्य करते हुए डॉ. शर्मा को आपदा संभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव तैयारियों को लगातार बेहतर बनाना होगा।
इसके अलावा द्वीप समूह में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना एक मुख्य लक्ष्य रहा है। पर्यटन उद्योग से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। हालांकि इसके साथ ही स्थानीय जारवा और शोंपेन जैसी संरक्षित जनजातियों के जीवन और अधिकारों की सुरक्षा करना भी शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। नए अंडमान उपराज्यपाल से यह अपेक्षा की जाएगी कि वे सतत विकास मॉडल को अपनाते हुए क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के नए उपराज्यपाल कौन नियुक्त किए गए हैं?
उत्तर: राष्ट्रपति ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया है।
प्रश्न: नए अंडमान उपराज्यपाल की नियुक्ति कब से प्रभावी होगी?
उत्तर: पीआईबी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति उनके द्वारा पदभार संभालने की तिथि से प्रभावी होगी।
प्रश्न: केंद्र शासित प्रदेश में उपराज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239 के प्रावधानों के अनुसार भारत के राष्ट्रपति द्वारा उपराज्यपाल की नियुक्ति की जाती है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






