
दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में वन्यजीव संरक्षण और जैव-विविधता की निगरानी के लिए विशेष बर्ड और बटरफ्लाई वॉक का आयोजन किया गया।
मुख्य बातें
- तीसरी बटरफ्लाई एंड ड्रैगनफ्लाई वॉक और 13वीं संडे बर्ड वॉक का आयोजन किया गया।
- भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने 44 प्रजातियों के 700 से अधिक पक्षियों का दस्तावेजीकरण किया।
- तालाब के पास 300 से अधिक पेंटेड स्टॉर्क ने घोंसले बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।
- अगली संडे इंसेक्ट एंड स्पाइडर वॉक और 14वीं संडे बर्ड वॉक 20 सितंबर 2026 को होगी।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में जैव-विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रकृति भ्रमण का आयोजन किया गया। पीआईबी के अनुसार, नई दिल्ली स्थित इस संस्थान ने तीसरी ‘बटरफ्लाई एंड ड्रैगनफ्लाई वॉक @एनज़ीपी’ और 13वीं ‘संडे बर्ड वॉक @एनज़ीपी’ का सफल आयोजन किया। यह विशेष कार्यक्रम सुबह 6 बजकर 45 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 30 मिनट तक चला, जिसमें प्रकृति प्रेमियों और छात्रों ने हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में पक्षी और तितली अवलोकन
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान देश के प्रमुख वन्यजीव केंद्रों में से एक है जहाँ समय-समय पर ऐसी शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस रविवार के सत्र में तितली और ड्रैगनफ्लाई विशेषज्ञ संजय तिवारी तथा सी. बी. मौर्य ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना और वन्यजीवों के दस्तावेजीकरण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
भ्रमण के दौरान दर्ज की गई प्रजातियां
इस विशेष अभियान के दौरान कुल 16 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उद्यान के अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर सभी ने प्रकृति के विभिन्न रूपों को नजदीक से देखा।
- 44 प्रजातियों के 700 से अधिक पक्षियों का दस्तावेजीकरण किया गया।
- तितलियों की 4 प्रजातियां, एक ड्रैगनफ्लाई और एक डैमसेल्फ्लाई दर्ज की गईं।
- 300 से अधिक पेंटेड स्टॉर्क पक्षी तालाब के पास पेड़ों पर घोंسले बनाते दिखे।
तितलियों और ड्रैगनफ्लाई की कम संख्या दर्ज होने की मुख्य वजह बीच-बीच में होने वाली बारिश को बताया गया। पेंटेड स्टॉर्क का आना और वहां घोंسले बनाना इस बात का संकेत है कि उद्यान का पारिस्थितिक तंत्र इन जीवों के लिए अनुकूल है। विशेषज्ञों ने परागणकर्ता और प्राकृतिक कीट नियंत्रक के रूप में इन जीवों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
आगे के आयोजनों की रूपरेखा
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे भ्रमण से प्रजातियों की पहचान करने की क्षमता मजबूत होती है। हर रविवार आयोजित होने वाली इस नेचर वॉक में प्रत्येक सत्र में 20 से 25 लोगों को ही शामिल किया जाता है। इसमें भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य होता है और प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलता है। इच्छुक लोग इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट या एनज़ीपी साथी मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। अगली तीसरी संडे इंसेक्ट एंड स्पाइडर वॉक और 14वीं संडे बर्ड वॉक 20 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में अगली बर्ड वॉक कब होगी?
उत्तर। अगली संडे बर्ड वॉक रविवार, 20 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
प्रश्न? इस भ्रमण में भाग लेने के लिए पंजीकरण कैसे करें?
उत्तर। पंजीकरण राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की आधिकारिक वेबसाइट और एनज़ीपी साथी मोबाइल ऐप पर उपलब्ध गूगल फॉर्म के माध्यम से किया जा सकता है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






