बुधवार, सितम्बर 9, 2026

नमस्ते सुय पहल से बदले दिन: दिवाकर बने सफल स्वच्छता उद्यमी

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नमस्ते सुय पहल

पीआईबी के अनुसार, बिहार के युवा दिवाकर कुमार ने सरकारी सहायता के बल पर मशीनीकृत स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

मुख्य बातें

  • दिवाकर कुमार ने नमस्ते सुय पहल (एसयूवाई) के तहत स्वच्छता उद्यमी के रूप में सफलता हासिल की है।
  • उन्हें कुल 14,77,500 रुपये की परियोजना लागत पर 7,38,750 रुपये की पूंजी सब्सिडी और इतना ही ऋण 3 अक्टूबर 2025 को मिला था।
  • इस सहायता से उन्होंने जेटिंग-कम-ग्रैबर मशीन और महिंद्रा मैक्स सिटी वाहन खरीदा।
  • वर्तमान में उनकी मासिक आय 40,000 से 50,000 रुपये के बीच है और ईएमआई चुकाने के बाद वे 25,000 से 30,000 रुपये बचा लेते हैं।

बिहार के मूल निवासी दिवाकर कुमार ने अपनी मेहनत और सरकारी मदद के दम पर साबित कर दिया है कि लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। पीआईबी के अनुसार, 26 वर्षीय दिवाकर ने नमस्ते सुय पहल के अंतर्गत एक कुशल सीवर कार्यकर्ता से लेकर एक आत्मनिर्भर स्वच्छता उद्यमी तक का सफर तय किया है। उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो अपने कौशल और तकनीकी ज्ञान के बल पर बेहतर भविष्य की तलाश में हैं। बेहतर आजीविका की तलाश में दिवाकर अपने गृहनगर से नोएडा आए थे जहाँ उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के तहत काम करने वाली कंपनी शिवा एंड शिवा में मशीनीकृत स्वच्छता सेवाओं का अनुभव प्राप्त किया।

नमस्ते सुय पहल ने बदली किस्मत

नमस्ते सुय पहल ने दिवाकर कुमार के जीवन में एक नया मोड़ ला दिया है, जिससे वे आज आर्थिक रूप से पूरी तरह मजबूत हो चुके हैं। इस योजना के स्वच्छ उद्यमी घटक के तहत उन्हें स्वच्छता मशीनरी और वाहन खरीदने के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी मिली थी। कुल 14,77,500 रुपये की इस परियोजना लागत में से उन्हें 7,38,750 रुपये का ऋण और 7,38,750 रुपये की पूंजी सब्सिडी प्रदान की गई थी। यह वित्तीय सहायता उन्हें 3 अक्टूबर 2025 को जारी की गई थी, जिसके माध्यम से उन्होंने जेटिंग-कम-ग्रैबर मशीन और महिंद्रा मैक्स सिटी सीबीसी 1.3 एलएक्स वाहन खरीदा। मशीनरी और वाहन मिलने से उन्हें अपने काम को स्वतंत्र रूप से संभालने का पूरा अवसर और आत्मविश्वास मिला।

मशीनीकृत स्वच्छता और आजीविका के नए रास्ते

  • दिवाकर ने जेटिंग-कम-ग्रैबर मशीनों को चलाना और उनका संचालन करना सीखा।
  • उन्होंने एक वर्ष के भीतर ही व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी अनुभव प्राप्त कर लिया।
  • वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग 40,000 से 50,000 रुपये के बीच है।
  • मासिक 22,000 रुपये की ईएमआई चुकाने के बाद भी वे 25,000 से 30,000 रुपये बचा लेते हैं।

मशीनीकृत स्वच्छता के इस क्षेत्र ने न केवल उन्हें सुरक्षा और सम्मान दिलाया, बल्कि उनकी कमाई की क्षमता को भी कई गुना बढ़ा दिया। आज वे अपनी मेहनत के बल पर एक सुरक्षित जीवन जी रहे हैं और व्यक्तिगत मोर्चे पर भी बड़े सपने देख रहे हैं। बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण वे अब अपने विवाह की तैयारी कर रहे हैं और एक नया घर खरीदने की योजना बना रहे हैं ताकि वे अपने माता-पिता को अपने साथ एक बेहतर माहौल में रख सकें।

नमस्ते सुय पहल का व्यापक प्रभाव

सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन किस प्रकार किसी आम नागरिक की पूरी जिंदगी बदल सकता है, इसका यह एक बेहतरीन उदाहरण है। तकनीकी अनुभव हासिल करने के बाद स्वतंत्र रूप से काम शुरू करने वाले दिवाकर आज अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनके इस सफर से यह स्पष्ट होता है कि यदि युवाओं को समय पर उचित वित्तीय सहायता और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो वे अपनी किस्मत खुद लिख सकते हैं। अपने वाहन के पास गर्व से खड़े दिवाकर आज इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि कौशल और अवसर मिलने पर किस तरह सामाजिक और आर्थिक बदलाव आ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? दिवाकर कुमार को वित्तीय सहायता किस योजना के तहत मिली थी? उत्तर। उन्हें नमस्ते सुय पहल के स्वच्छ उद्यमी योजना (एसयूवाई) घटक के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई थी।

प्रश्न? उन्हें कुल कितनी सब्सिडी और ऋण प्रदान किया गया था? उत्तर। कुल 14,77,500 रुपये की परियोजना लागत में से 7,38,750 रुपये का ऋण और 7,38,750 रुपये की पूंजी सब्सिडी दी गई थी, जो 3 अक्टूबर 2025 को प्रदान की गई थी।

प्रश्न? वर्तमान में दिवाकर की मासिक आय कितनी है? उत्तर। उनकी मासिक आय लगभग 40,000 से 50,000 रुपये है, जिसमें से वे सभी खर्चे और ईएमआई चुकाने के बाद 25,000 से 30,000 रुपये की बचत कर लेते हैं।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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