
हार्ट अटैक आने से पहले शरीर कई संकेत देता है। सही समय पर हार्ट अटैक के लक्षण पहचानकर मरीज की जान बचाई जा सकती है।
मुख्य बातें
- सीने के बीच में भारीपन या दबाव महसूस होना सबसे आम संकेत है।
- यह दर्द बाएं हाथ, जबड़े, गर्दन या पीठ तक फैल सकता है।
- अचानक पसीना आना और सांस फूलना गंभीर खतरे की घंटी है।
- महिलाओं और डायबिटीज के मरीजों में लक्षण अलग और हल्के हो सकते हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है ताकि मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। जब हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिलती, तब यह स्थिति पैदा होती है।
हार्ट अटैक के लक्षण क्या हैं?
हार्ट अटैक के लक्षण में सबसे प्रमुख है सीने में तेज दर्द या जकड़न। यह दर्द छाती के बीचों-बीच शुरू होता है और धीरे-धीरे बाएं हाथ, कंधे, जबड़े या पीठ तक फैल जाता है। कई बार लोगों को ऐसा लगता है जैसे सीने पर कोई भारी वजन रखा हो या सीने में जलन हो रही हो।
इसके अलावा सांस लेने में परेशानी होना, अचानक ठंडा पसीना छूटना, चक्कर आना, बिना किसी कारण के घबराहट होना और उल्टी जैसा महसूस होना भी इसके मुख्य संकेत हैं। यदि ये लक्षण कुछ मिनटों से ज्यादा समय तक रहें, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें।
महिलाओं और डायबिटीज के मरीजों में अलग संकेत
पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं। महिलाओं को सीने में तेज दर्द के बजाय अत्यधिक थकान, जबड़े में दर्द, अपच, और पीठ के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस होता है।
डायबिटीज के मरीजों की नर्व्स कमजोर होने के कारण उन्हें सीने का दर्द महसूस नहीं होता। इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है। ऐसे मरीजों को अचानक कमजोरी, सांस फूलना या चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है।
हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या करें?
मरीज की स्थिति गंभीर होने पर बिना देर किए एम्बुलेंस को कॉल करें। मरीज को जमीन पर सीधा लिटा दें और उनके तंग कपड़े ढीले कर दें ताकि उन्हें सांस लेने में आसानी हो।
अगर डॉक्टर ने पहले से एस्पिरिन लेने की सलाह दी है, तो मरीज को डॉक्टर की पर्ची के अनुसार वह गोली दी जा सकती है। खुद से अपनी मर्जी से कोई भी दवा न दें। मरीज को तुरंत नजदीकी कार्डियोलॉजी अस्पताल ले जाएं।
हार्ट अटैक से बचाव के तरीके
स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित रूप से व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें और संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां और फल शामिल हों।
- धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से पूरी तरह दूर रहें।
- ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित जांच करवाते रहें।
- तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें।
- फास्ट फूड और अत्यधिक तली-भुनी चीजों से परहेज करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या गैस का दर्द और हार्ट अटैक के दर्द में अंतर कैसे पहचानें? उत्तर। गैस का दर्द पेट के ऊपरी हिस्से में होता है और डकार आने से आराम मिलता है। वहीं हार्ट अटैक का दर्द सीने के बीच में भारीपन के साथ शुरू होकर बाएं हाथ या जबड़े तक जाता है और आराम करने से ठीक नहीं होता।
प्रश्न? कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक क्यों आ रहा है? उत्तर। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान, सिगरेट-शराब की लत, तनाव और नींद की कमी के कारण युवा भी तेजी से इसके शिकार हो रहे हैं।
प्रश्न? क्या बिना सीने में दर्द के भी हार्ट अटैक आ सकता है? उत्तर। हां, इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहते हैं जिसमें सिर्फ पसीना आना, थकान और सांस फूलना जैसे लक्षण दिखते हैं।
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी उपाय अपनाने, दवा लेने या आहार बदलने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






