
नई दिल्ली में आयोजित सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए 25 बड़े समझौते किए गए।
मुख्य बातें
- सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन 25 प्रमुख समझौते और घोषणाएं की गईं।
- कार्यक्रम के पहले दिन लगभग 12,000 आगंतुक पहुंचे और प्रदर्शनी में 600 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं।
- भारत के पहले स्वदेशी System-on-Module ‘ISC-VEGA-SOM’ का शुभारंभ किया गया।
- जापान और सिंगापुर के पवेलियन में 30-30 से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया।
सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के विभिन्न क्षेत्रों में 25 प्रमुख घोषणाएं और समझौते किए गए हैं। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इन समझौतों में सेमीकंडक्टर निर्माण, सामग्री, लॉजिस्टिक्स, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और कार्यबल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इस आयोजन को उद्योग जगत से भारी प्रतिक्रिया मिल रही है और पहले दिन लगभग 12,000 आगंतुक पहुंचे थे, जिनमें अधिकांश पेशेवर शामिल थे।
सेमिकॉन इंडिया 2026 में क्या खास है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में 25 प्रमुख समझौते हुए, जो भारत को वैश्विक चिप निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। इसमें जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, बेल्जियम, नीदरलैंड और स्वीडन जैसे देशों की मजबूत भागीदारी देखी गई।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि दूसरे दिन बिजनेस-टू-बिजनेस गतिविधियों में जोरदार भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि बढ़ती भागीदारी भारत में सेमीकंडक्टर गतिविधियों के विस्तार में वैश्विक रुचि को दर्शाती है। जापान और सिंगापुर के पवेलियन में 30-30 से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया, जबकि दक्षिण कोरिया और यूरोपीय देशों की उपस्थिति भी अहम रही।
सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स को मजबूती
सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और निप्पॉन एक्सप्रेस के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत निप्पॉन एक्सप्रेस भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, कस्टम्स और सप्लाई चेन संबंधी अन्य जरूरतों में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगी। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय उद्यमियों के लिए लागत, गुणवत्ता, निर्माण क्षमता और बिजली की खपत जैसे पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत पर भी जोर दिया।
- टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और आइनॉक्स Air प्रोडक्ट्स लिमिटेड के बीच हाई-प्योरिटी गैसों की स्थानीय सप्लाई चेन के लिए सहयोग।
- टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और सुमितोमो केमिकल लिमिटेड ने फ्रंट-एंड निर्माण के लिए हाई-प्योरिटी वेट केमिकल्स और एडवांस्ड मैटेरियल पर साझेदारी की।
- C-MET पुणे और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बीच कच्चे माल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एमओयू हुआ।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और निप्पॉन एक्सप्रेस के बीच लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का समझौता हुआ।
यह भी जानें: भारत का सेमीकंडक्टर सफर और इसका असर
भारत सरकार देश को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण का आत्मनिर्भर केंद्र बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कुछ साल पहले तक भारत अपनी चिप जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर था, लेकिन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के आने के बाद वैश्विक दिग्गज देश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में, कार्यक्रम के दौरान भारत के पहले स्वदेशी System-on-Module ‘ISC-VEGA-SOM’ का भी शुभारंभ किया गया, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (C-DAC) की पहल के तहत विकसित किया गया है।
यह आयोजन नई दिल्ली के यशोभूमि में 19 सितंबर तक चल रहा है। प्रदर्शनी में 52 देशों के प्रतिनिधि, 600 से अधिक कंपनियां और करीब 50,000 आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन के साथ 12 राज्य पवेलियन भी शामिल हैं, जो आने वाले समय में देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? सेमिकॉन इंडिया 2026 का आयोजन कहाँ हो रहा है? उत्तर। यह आयोजन नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है।
प्रश्न? इस कार्यक्रम में कितने देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं? उत्तर। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, इस कार्यक्रम में 52 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






