
किडनी को बीमारियों से बचाने के लिए सही आहार, ब्लड प्रेशर नियंत्रण और रूटीन टेस्ट से जुड़े जरूरी नियम जानिए।
मुख्य बातें
- दिन में 2 से 3 लीटर पानी पिएं, बहुत अधिक पानी पीने से बचें।
- नमक की मात्रा घटाएं और डिब्बाबंद/प्रोसेस्ड भोजन से परहेज करें।
- बिना डॉक्टरी सलाह के दर्द निवारक (NSAIDs) दवाएं न लें।
- ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रित रखकर किडनी डैमेज रोकें।
किडनी स्वस्थ रखना आपके शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और आपको गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए सबसे जरूरी काम है। हमारी दोनों किडनियां रोजाना लगभग 180 लीटर तरल पदार्थ को साफ करती हैं और पेशाब के जरिए अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती हैं। जब किडनी का काम बाधित होता है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं जिसका असर दिल और लिवर पर भी पड़ता है।
किडनी स्वस्थ रखना क्यों ज़रूरी है?
किडनी स्वस्थ रखना आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर में पानी व मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है। जब किडनी सही से काम करती है, तो खून में क्रिएटिनिन और यूरिया का स्तर सामान्य रहता है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित जांच से किडनी की बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है।
किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली मुख्य वजहें
ज्यादातर मामलों में किडनी अचानक खराब नहीं होती, बल्कि हमारी कुछ आदतें धीरे-धीरे इसे नुकसान पहुंचाती हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज: अनियंत्रित शुगर और बढ़ा हुआ बीपी किडनी की बारीक रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
- बिना सलाह पेनकिलर लेना: दर्द मिटाने वाली दवाएं जैसे इबूप्रोफेन या डाइक्लोफेनाक का अत्यधिक सेवन किडनी के लिए घातक है।
- आहार में अधिक नमक: ज्यादा सोडियम खाने से शरीर में पानी रुकता है और बीपी बढ़ता है।
- कम पानी पीना या धूम्रपान करना: शरीर में डिहाइड्रेशन और सिगरेट का धुआं किडनी की रक्त आपूर्ति को धीमा कर देता है।
किडनी स्वस्थ रखना: रोजाना अपनाएं ये 6 आदतें
अगर आप अपनी किडनी को लंबे समय तक सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो अपनी जीवनशैली में ये बदलाव करें:
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं: दिन में 2 से 3 लीटर यानी 8-10 गिलास पानी पिएं। बहुत अधिक पानी पीना भी सही नहीं है; अपनी प्यास और शारीरिक गतिविधि के अनुसार पानी पिएं।
- नमक की खपत कम करें: रोजाना 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच) से कम नमक खाएं। ऊपर से नमक छिड़कना और नमकीन पैकेट बंद चीजें खाना बंद करें।
- ब्लड प्रेशर और शुगर जांचते रहें: यदि आपको डायबिटीज या बीपी है, तो इसे सख्त नियंत्रण में रखें। फास्टिंग शुगर 100 mg/dL से नीचे और बीपी 120/80 mmHg के आसपास होना चाहिए।
- पेनकिलर्स से दूरी बनाएं: सिरदर्द या बदन दर्द होते ही खुद से कोई दवा न लें। केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं खाएं।
- वजन और व्यायाम पर ध्यान दें: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट हल्की वॉकिंग या एक्सरसाइज करें। इससे रक्त संचार बेहतर रहता है।
- धूम्रपान और शराब से बचें: तंबाकू का सेवन किडनी में खून के बहाव को कम करता है, जिससे किडनी के फिल्टर होने की क्षमता घट जाती है।
किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण
किडनी की बीमारी को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि 70-80% नुकसान होने तक इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। फिर भी शरीर कुछ संकेत देता है:
| संकेत | लक्षण का कारण |
|---|---|
| पैरों और टखनों में सूजन | शरीर में सोडियम व पानी का जमाव होना |
| पेशाब में झाग या खून आना | फिल्टर खराब होने से प्रोटीन का बाहर निकलना |
| ज्यादा थकान और कमजोरी | रेड ब्लड सेल्स (RBC) की कमी और टॉक्सिन बढ़ना |
| रात में बार-बार पेशाब आना | किडनी के फिल्टरिंग मैकेनिज्म में खराबी |
कौन से टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से कब मिलें?
यदि आपकी उम्र 40 से अधिक है, या आपको डायबिटीज या हाई बीपी की समस्या है, तो साल में एक बार ये साधारण जांचें जरूर करवाएं:
- सीरम क्रिएटिनिन (Serum Creatinine): यह खून की जांच है। सामान्य स्तर 0.6 से 1.2 mg/dL के बीच होना चाहिए।
- यूरिन रूटीन एवं एल्ब्यूमिन (Urine Routine/ACR): यह जांच पेशाब में प्रोटीन के रिसाव का पता लगाती है।
- ब्लड यूरिया नाइट्रोजन (BUN): यह खून में नाइट्रोजन अपशिष्ट की मात्रा बताती है।
यदि आपको आंखों के नीचे सूजन, पेशाब के रंग में बदलाव या बिना वजह उल्टी जैसा महसूस हो, तो तुरंत नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी विशेषज्ञ) से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या बहुत ज्यादा पानी पीने से किडनी साफ होती है?
उत्तर: नहीं, जरूरत से ज्यादा पानी पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सामान्य व्यक्ति के लिए दिन में 2 से 3 लीटर पानी पर्याप्त है।
प्रश्न 2: किडनी खराब होने पर पहला लक्षण क्या दिखता है?
उत्तर: शुरुआती लक्षणों में टखनों व चेहरे पर सुबह की सूजन, पेशाब में झाग बनना और बेवजह थकान महसूस होना शामिल है।
प्रश्न 3: क्या नारियल पानी किडनी के लिए सुरक्षित है?
उत्तर: स्वस्थ लोगों के लिए नारियल पानी अच्छा है, लेकिन जिन्हें किडनी की गंभीर बीमारी (CKD) है, उन्हें पोटेशियम की अधिकता के कारण नारियल पानी नहीं पीना चाहिए।
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी उपाय अपनाने, दवा लेने या आहार बदलने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
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यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






