
केवीआईसी ने राजघाट पर सेवा संकल्प खादी महोत्सव 2026 की शुरुआत की। PMEGP के तहत 289 करोड़ की सब्सिडी वितरित की गई और 5 नए डिजिटल पोर्टल लॉन्च हुए।
मुख्य बातें
- खादी महोत्सव 2026 का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देश भर में किया जाएगा।
- पीएमईजीपी के तहत 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई।
- 3,366 नई परियोजनाओं से लगभग 37,026 लोगों के लिए नए रोजगार पैदा होंगे।
- केवीआईसी ने ई-कॉमर्स पोर्टल और मोबाइल ऐप समेत 5 नई डिजिटल सेवाएं लॉन्च कीं।
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी दर्शन परिसर में खादी महोत्सव 2026 (सेवा संकल्प, खादी महोत्सव-2026) का औपचारिक उद्घाटन किया। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तत्वाधान में यह राष्ट्रव्यापी अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक पूरे देश में संचालित किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल और दिल्ली के पूर्व मेयर जय प्रकाश ने कई नई डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया और कारीगरों को वित्तीय सहायता वितरित की।
खादी महोत्सव 2026 क्या है?
खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित खादी महोत्सव 2026 एक महीने तक चलने वाला राष्ट्रीय उत्सव है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों, ग्रामीण उद्योगों और खादी कारीगरों को प्रोत्साहन देना है। इस अभियान के माध्यम से देश भर में जागरूकता कार्यक्रम, कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट वितरण और स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं।
खादी महोत्सव 2026 का उद्घाटन और मुख्य घोषणाएं
राजघाट पर आयोजित उद्घाटन समारोह में देश भर के कारीगर, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, पीएमईजीपी लाभार्थी और प्रशिक्षु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में कारीगरों ने ‘आशीर्वाद का दिया’ के साथ केक काटा और सार्वजनिक सेवा के प्रतीक के रूप में ‘संकल्प से सिद्धि’ के 25 दीये जलाए। देश भर से हजारों कारीगर इस आयोजन में ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े।
समारोह को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं है, बल्कि यह स्वाभिमान, ग्रामीण रोजगार और स्वदेशी आंदोलन का सशक्त आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसी पहलों ने भारत के पारंपरिक शिल्प को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी है। इस अवसर पर दिल्ली तथा पूर्वोत्तर भारत के कारीगरों को आधुनिक मशीनें और उन्नत टूलकिट वितरित किए गए।
PMEGP के तहत 289 करोड़ रुपये की सब्सिडी
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का वितरण किया गया। इस सब्सिडी सहायता से देश भर में 3,366 नई औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इन परियोजनाओं के संचालन के लिए बैंकों की ओर से 873 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया है।
केवीआईसी के आंकड़ों के मुताबिक, इन नई परियोजनाओं के शुरू होने से लगभग 37,026 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। इसके साथ ही 5,000 नई पीएमईजीपी इकाइयों की ऑनलाइन शुरुआत की गई। इस योजना का मुख्य लक्ष्य युवाओं और महिलाओं को नौकरी की तलाश करने वाले के बजाय नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है।
- आयोजन अवधि: 17 सितंबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक
- सब्सिडी राशि: 289 करोड़ रुपये (मार्जिन मनी सब्सिडी)
- सृजित रोजगार: 37,026 नए अवसर
- कुल बैंक ऋण: 873 करोड़ रुपये
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: 5 नए पोर्टल और मोबाइल ऐप जारी
- वार्षिक कारोबार: वित्त वर्ष 2025-26 में 1.87 लाख करोड़ रुपये
KVIC ने लॉन्च की 5 नई डिजिटल सेवाएं
केवीआईसी ने अपनी प्रशासनिक और व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए पांच डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। इनमें केवीआईसी ई-कॉमर्स पोर्टल, पीएमईजीपी ऑनलाइन ईडीपी पोर्टल, पीएमईजीपी ऑनलाइन ईडीपी मोबाइल ऐप, हिंदी वैभव पोर्टल और केवीआईसी डिजिटल 2.0 शामिल हैं।
इन डिजिटल माध्यमों से ग्रामीण उद्यमी और कारीगर घर बैठे योजनाओं का लाभ ले सकेंगे और ई-प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा देश भर में 760 व्यक्तिगत तथा समूह कार्यशालाओं और नए रूप में तैयार किए गए खादी स्टोरों का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया।
इसका असर: ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का प्रदर्शन हाल के वर्षों में मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र का कुल कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है और इससे 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। केवीआईसी ने आने वाले वर्षों में कुल कारोबार को 2.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
स्थानीय स्तर पर मशीनों और वित्तीय प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण कारीगरों का पलायन रुकेगा। खादी उत्पादों की बिक्री बढ़ने से सीधे तौर पर बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं की आय में सुधार दर्ज किया जा रहा है।
स्वच्छता ही सेवा अभियान से जुड़ा कार्यक्रम
इस वर्ष ‘सेवा संकल्प, खादी महोत्सव 2026’ को राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के साथ जोड़ा गया है। इस वर्ष स्वच्छता अभियान की मुख्य थीम ‘स्वच्छता में भागीदारी, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। 17 अक्टूबर तक देश भर के विद्यालयों, पंचायतों और खादी परिसरों में सफाई अभियान, पौधरोपण, खादी यात्राएं और कारीगर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समारोह के समापन पर गांधी दर्शन परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया और पौधरोपण किया गया। विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को पूरा करने वाले युवाओं को कौशल प्रमाण पत्र भी सौंपे गए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न? खादी महोत्सव 2026 कब से कब तक चलेगा?
उत्तर। यह राष्ट्रव्यापी महोत्सव 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक एक महीने की अवधि के लिए चलेगा।
प्रश्न? खादी महोत्सव 2026 के दौरान PMEGP के तहत कितनी सब्सिडी जारी की गई?
उत्तर। कार्यक्रम के दौरान पीएमईजीपी के तहत 289 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई, जिससे 3,366 नई परियोजनाएं स्थापित होंगी।
प्रश्न? वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग का कुल कारोबार कितना रहा?
उत्तर। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






