
सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण रूपरेखा 2026 पर राष्ट्रीय स्तर की परामर्श बैठक आयोजित की गई।
मुख्य बातें
- बैठक का आयोजन 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में किया गया।
- सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने इस परामर्श बैठक का उद्घाटन किया।
- त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय और सहकारिता मंत्रालय ने मिलकर इस बैठक का आयोजन किया।
- यह बैठक प्रस्तावित दो राष्ट्रीय परामर्श बैठकों में से पहली है, इसके बाद पांच क्षेत्रीय बैठकें होंगी।
राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण रूपरेखा (NCTF) 2026 को लेकर नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि के विजन को आगे बढ़ाने के लिए की जा रही है।
राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण और रूपरेखा 2026 बैठक की मुख्य बातें
राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण रूपरेखा 2026 पर आयोजित इस राष्ट्रीय परामर्श बैठक में सहकारिता क्षेत्र को पेशेवर और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। बैठक का आयोजन 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय’ (TSU) और भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्घाटन सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने किया। इस अवसर पर सहकारिता मंत्रालय तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्तर के सहकारी महासंघों, राज्य सहकारी संघों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
सहकारी क्षेत्र के प्रशिक्षण में गुणवत्ता पर जोर
सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की केवल संख्या बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण के तहत अब सारा फोकस गुणवत्ता, पेशेवर दक्षताओं और संस्थागत क्षमताओं को सुधारने पर होगा, जिससे सीधे तौर पर सहकारी संस्थाओं और उनके सदस्यों को फायदा मिल सके।
त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर एस पी सिंह ने भी इस दौरान अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की विविध आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण ढांचे को एक साथ लाने की जरूरत है। इससे पूरे पारितंत्र में अधिक समन्वय और निरंतरता बनी रहेगी।
यह भी जानें: NCTF 2026 की आगामी योजनाएं और रूपरेखा
- यह परामर्श बैठक NCTF प्रक्रिया के अंतर्गत प्रस्तावित दो राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में से पहली बैठक थी।
- इसके बाद देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर हिस्सों को कवर करने के लिए पांच क्षेत्रीय स्तर की परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सहकारी समितियों के कार्मिकों की कार्यकुशलता को बढ़ाना है।
- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पूरे देश में सहकारी संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण रूपरेखा 2026 की यह बैठक कहां आयोजित हुई थी? उत्तर। यह परामर्श बैठक नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? इस बैठक का उद्घाटन किसने किया? उत्तर। इसका उद्घाटन सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने किया था।
प्रश्न? इस आयोजन में किस विश्वविद्यालय की प्रमुख भूमिका रही? उत्तर। इसमें ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय’ (TSU) ने सहकारिता मंत्रालय के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






