
भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से केंद्र सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए ट्रेजरी बिलों की नीलामी का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके तहत कुल 2,99,000 करोड़ रुपये के बिल जारी किए जाएंगे।
मुख्य बातें
- अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए ट्रेजरी बिल नीलामी का कैलेंडर जारी हुआ।
- इस तिमाही में कुल 2,99,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिल जारी किए जाएंगे।
- 91 दिन और 182 दिन के ट्रेजरी बिलों के लिए प्रत्येक नीलामी में 8,000-8,000 करोड़ रुपये अधिसूचित किए गए हैं।
- 364 दिन के ट्रेजरी बिल के लिए प्रत्येक नीलामी में 7,000 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है।
भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ परामर्श के बाद दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए ट्रेजरी बिल (Treasury Bills) की नीलामी का नया कैलेंडर जारी कर दिया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कैलेंडर अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए है, जिसमें विभिन्न अवधियों के बिलों की नीलामी की तारीखें और अधिसूचित राशि तय की गई हैं।
ट्रेजरी बिल नीलामी 2026 अक्टूबर-दिसंबर तिमाही का पूरा शेड्यूल
अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक की इस तिमाही के दौरान सरकार कुल 2,99,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिल बाजार में उतारेगी। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस पूरी तिमाही में नीलामी का यह क्रम हर हफ्ते नियमित रूप से जारी रहेगा, जिससे निवेशकों और वित्तीय संस्थानों को अपनी योजना बनाने में मदद मिलेगी।
- 91 दिन के ट्रेजरी बिल: कुल 1,04,000 करोड़ रुपये
- 182 दिन के ट्रेजरी बिल: कुल 1,04,000 करोड़ रुपये
- 364 दिन के ट्रेजरी बिल: कुल 91,000 करोड़ रुपये
हर सप्ताह कितनी राशि होगी अधिसूचित
जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रत्येक सप्ताह मंगलवार को नीलामी होगी और उसके अगले दिन यानी बुधवार को इन्हें जारी किया जाएगा। हर नीलामी के दौरान 91 दिन के ट्रेजरी बिल के लिए 8,000 करोड़ रुपये और 182 दिन के ट्रेजरी बिल के लिए भी 8,000 करोड़ रुपये अधिसूचित किए गए हैं। इसके अलावा 364 दिन के ट्रेजरी बिल के लिए प्रत्येक नीलामी में 7,000 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। इस तरह हर सप्ताह कुल 23,000 करोड़ रुपये की राशि के बिल नीलाम किए जाएंगे।
इसका असर और बाजार की स्थितियां
सरकार की वित्तीय जरूरतों और बाजार में नकदी के संतुलन को बनाए रखने के लिए ट्रेजरी बिल एक अहम जरिया होते हैं। आम निवेशकों और वित्तीय बाजार के जानकारों के लिए यह कैलेंडर पहले से ही निवेश की रूपरेखा तैयार करने का अवसर देता है। हालांकि, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकार के पास बाजार की बदलती परिस्थितियों, आवश्यकताओं और बीच में आने वाले अवकाश जैसे कारकों को देखते हुए इस कैलेंडर में बदलाव करने का अधिकार सुरक्षित है। ऐसा कोई भी बदलाव करने से पहले बाजार को इसकी पूर्व सूचना दी जाएगी।
ट्रेजरी बिल क्या होते हैं और यह कैसे काम करते हैं
ट्रेजरी बिल भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले अल्पकालिक ऋण उपकरण (Short-term Debt Instruments) होते हैं, जिनका उपयोग सरकार अपनी अल्पकालिक नकदी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करती है। वर्तमान में ये तीन अवधियों यानी 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन की परिपक्वता अवधि में जारी किए जाते हैं। इन पर कोई निश्चित ब्याज नहीं मिलता है, बल्कि इन्हें अंकित मूल्य से कम कीमत पर डिस्काउंट पर बेचा जाता है और परिपक्वता पर पूरा अंकित मूल्य निवेशकों को वापस मिल जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक सरकार की ओर से इन बिलों की नीलामी का प्रबंधन करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए कुल कितने ट्रेजरी बिल जारी होंगे?
उत्तर। इस तिमाही में कुल 2,99,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिल नीलाम किए जाएंगे।
प्रश्न? ट्रेजरी बिलों की नीलामी का प्रबंधन कौन करता है?
उत्तर। ट्रेजरी बिलों की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा भारत सरकार के परामर्श से की जाती है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






