
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने अपनी 54वीं वार्षिक आम बैठक में रिकॉर्ड 1.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार और वैल्यू ऐडेड स्टील के बंपर उत्पादन की घोषणा की है।
मुख्य बातें
- SAIL ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1,09,000 करोड़ रुपये से अधिक का अब तक का सर्वोच्च कारोबार दर्ज किया।
- कंपनी ने 10.7 मिलियन टन वैल्यू-ऐडेड स्टील का उत्पादन किया, जो कुल सेलेबल स्टील का 56% है।
- बोर्ड ने 2.35 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है।
- वित्त वर्ष 2030-31 तक क्रूड स्टील क्षमता को बढ़ाकर लगभग 35 मिलियन टन प्रति वर्ष करने का लक्ष्य है।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने नई दिल्ली में अपनी 54वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया। इस बैठक में कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. ए. के. पंडा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। वैश्विक बाजार में चुनौतियों के बावजूद भारत का इस्पात उत्पादन मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
SAIL एजीएम 2026: जानिए मुख्य बातें और वित्तीय प्रदर्शन
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की 54वीं वार्षिक आम बैठक में सीएमडी डॉ. ए. के. पंडा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने ₹1,09,000 करोड़ से अधिक का अब तक का सबसे ज्यादा कारोबार दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8% अधिक है। कंपनी ने अपने कर्ज में भी ₹5,000 करोड़ से अधिक की कमी की है। बेहतर परिचालन दक्षता के कारण कर पूर्व लाभ (PBT) और कर पश्चात लाभ (PAT) में क्रमशः 44% और 50.5% का सुधार दर्ज किया गया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए ₹2.35 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश (फाइनल डिविडेंड) की सिफारिश की है।
वैल्यू-ऐडेड स्टील और राष्ट्र निर्माण में योगदान
समीक्षाधीन वर्ष के दौरान कंपनी ने क्रूड स्टील, फिनिश्ड स्टील और सेलेबल स्टील का अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन किया। वैल्यू क्रिएशन पर विशेष ध्यान देते हुए 10.7 मिलियन टन वैल्यू-ऐडेड स्टील का उत्पादन हुआ, जो कुल सेलेबल स्टील का 56% हिस्सा है। इसके अलावा बुनियादी ढांचे, ऑटोमोटिव, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए 28 नए उत्पाद बाजार में उतारे गए। स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत ट्रेनों के पहियों की पहली खेप भी इसी अवधि में रवाना की गई। नौसेना के पांच जहाजों—आईएनएस अर्नाला, उदयगिरि, हिमगिरि, एंड्रोथ और अंजदीप के लिए भी इस्पात की आपूर्ति की गई है।
- वित्त वर्ष 2025-26 में 1.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार।
- 10.7 मिलियन टन वैल्यू-ऐडेड स्टील का उत्पादन, जो पिछले साल से 7% अधिक है।
- आईएनएस अर्नाला और उदयगिरि सहित पांच नौसेना जहाजों के लिए इस्पात की आपूर्ति।
- इस्को स्टील प्लांट में 4 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर प्लांट से 5.61 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन।
हरित ऊर्जा और भविष्य की योजनाएं
पर्यावरण और स्थिरता को ध्यान में रखते हुए SAIL ने अपने इस्को स्टील प्लांट (IISCO) में स्थापित पहले 4 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर प्लांट से 5.61 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा उत्पन्न की है। भिलाई स्टील प्लांट में 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट निर्माणाधीन है, जबकि अन्य संयंत्रों में 278.5 मेगावाट की सौर परियोजनाओं पर विचार चल रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030-31 तक अपनी क्रूड स्टील क्षमता को बढ़ाकर लगभग 35 मिलियन टन प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? SAIL की 54वीं एजीएम में किस वित्तीय वर्ष के प्रदर्शन पर चर्चा हुई? उत्तर। बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन पर चर्चा की गई।
प्रश्न? कंपनी ने शेयरधारकों के लिए कितना लाभांश तय किया है? उत्तर। बोर्ड ने 2.35 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






