
पीआईबी के अनुसार, 11वें आयुर्वेद दिवस 2026 के उपलक्ष्य में देश भर के प्रमुख आयुष संस्थानों ने स्वास्थ्य शिविर, वेबिनार और सामुदायिक पहुंच से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए।
मुख्य बातें
- 11वां आयुर्वेद दिवस 2026 देश भर में विभिन्न आयुष संस्थानों द्वारा मनाया गया।
- झांसी, मुंबई, गंगटोक, कोलकाता और अहमदाबाद सहित कई शहरों में कार्यक्रम हुए।
- मुंबई के खारघर में 200 से अधिक लोगों ने आयुर्वेद वॉकाथॉन में हिस्सा लिया।
- सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में एमबीबीएस छात्रों के लिए विशेष शैक्षणिक व्याख्यान हुआ।
- समारोह का मुख्य विषय ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ पर केंद्रित रहा।
देश भर में आयुर्वेद दिवस के मौके पर विभिन्न आयुष संस्थानों ने जन-जागरूकता, सामुदायिक पहुंच और स्वास्थ्य से जुड़ी कई गतिविधियों का आयोजन किया। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, इस वर्ष 11वें आयुर्वेद दिवस 2026 के तहत “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” विषय पर जोर दिया गया। इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आम जनता को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
आयुर्वेद दिवस 2026 पर देश भर में कैसे मना जश्न?
11वां आयुर्वेद दिवस 2026 पर देश भर के आयुष संस्थानों में स्वास्थ्य शिविर, योग सत्र और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। आयुष मंत्रालय के अधीन आने वाले संस्थानों ने आम जनता के साथ-साथ विभिन्न सरकारी और सुरक्षा बलों के कर्मचारियों के लिए भी संवादात्मक सत्र आयोजित किए।
प्रमुख संस्थानों में हुईं ये विशेष गतिविधियां
देश भर के अलग-अलग अनुसंधान संस्थानों और अस्पतालों में इस अवसर पर अनूठी पहल देखने को मिलीं:
- केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), झांसी ने आयुर्वेद शपथ, योग शिविर और औषधीय पौधारोपण अभियान चलाया।
- आर.आर.ए. पोद्दार केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, मुंबई ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आयुष स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किया।
- क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, गंगटोक ने ताडोंग स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों पर तकनीकी सत्र रखे।
- क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, ईटानगर ने 9 से 23 सितंबर के बीच 134 औषधीय पौधों के पौधे वितरित किए।
राजधानी दिल्ली और अन्य शहरों में कार्यक्रम
आयुर्वेद उपचार केंद्र, सफदरजंग अस्पताल, सीसीआरएएस-सीएआरआई, नई दिल्ली ने 23 सितंबर 2026 को “भारत में चिकित्सा की वैकल्पिक प्रणालियां” विषय पर शैक्षणिक व्याख्यान आयोजित किया। इस सत्र में सफदरजंग अस्पताल के एटीसी प्रभारी डॉ. शिवशंकर राजपूत ने प्रथम वर्ष के 164 एमबीबीएस विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों और उपचार पद्धतियों की जानकारी दी। इसके अलावा कोलकाता, अहमदाबाद, ग्वालियर और शिलांग के संस्थानों ने भी धन्वंतरि पूजा और आयुष खाद्य महोत्सव के साथ कार्यक्रमों का समापन किया।
इसका असर और पारंपरिक चिकित्सा का महत्व
इस तरह के आयोजनों से आम आदमी के जीवन में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की पहुंच आसान होती है। आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ के बीच आयुर्वेद, योग और संतुलित आहार के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। विभिन्न विभागों और सुरक्षा बलों के कर्मचारियों को इन सत्रों से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने में मदद मिलती है। वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्य आधारित ज्ञान को बढ़ावा देने से युवा पीढ़ी में इस प्राचीन विज्ञान के प्रति विश्वास और मजबूत हो रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? 11वां आयुर्वेद दिवस किस वर्ष मनाया गया? उत्तर। 11वां आयुर्वेद दिवस वर्ष 2026 में मनाया गया।
प्रश्न? इस वर्ष के आयुर्वेद दिवस का मुख्य विषय क्या था? उत्तर। इस वर्ष का मुख्य विषय “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






