मंगलवार, सितम्बर 8, 2026

बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस भारत के विकास के लिए जरूरी: डॉ. जितेंद्र सिंह

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि देश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पेशेवर उत्कृष्टता का होना अत्यंत आवश्यक है।

कॉर्पोरेट गवर्नेंस क्या है और यह देश के विकास के लिए क्यों ज़रूरी है?

कॉर्पोरेट गवर्नेंस वह नियम-प्रणाली है जिससे कंपनियाँ पारदर्शिता, जवाबदेही और हितधारकों के हितों की रक्षा के साथ चलती हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार यह घरेलू व विदेशी निवेश आकर्षित करती है, वित्तीय धोखाधड़ी घटाती है और कंपनियों की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता तथा देश की आर्थिक प्रगति को मज़बूत करती है।

मुख्य बातें

  • डॉ. जितेंद्र सिंह से मिला ‘इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया’ (आईसीएसआई) का प्रतिनिधिमंडल।
  • वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले 26वें आईसीएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह के लिए मुख्य अतिथि का निमंत्रण दिया गया।
  • आईसीएसआई के वर्तमान में 80,000 से अधिक सदस्य और लगभग 2,50,000 छात्र हैं।
  • पंचायतों और स्थानीय निकायों के कामकाज के लिए बहुभाषी मैनुअल और प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने की सराहना की गई।

पीआईबी के अनुसार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस भारत के विकास के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने यह बात ‘इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया’ (आईसीएसआई) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के दौरान कही। यह प्रतिनिधिमंडल उन्हें 2027 में आयोजित होने वाले ‘कॉर्पोरेट गवर्नेंस में उत्कृष्टता के लिए 26वें आईसीएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण देने आया था। देश की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ ही शासन प्रणालियों में सुधार की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, जिस पर इस बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

भारत के विकास में बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस की भूमिका

केंद्रीय मंत्री ने बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पेशेवर उत्कृष्टता के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने भारत की शासन व्यवस्था में कंपनी सचिवों की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उनके अनुसार, जिम्मेदार शासन व्यवस्था, नैतिक कार्यप्रणाली और संस्थागत जवाबदेही को बढ़ावा देने में कॉर्पोरेट क्षेत्र के पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत जैसे विकासशील देश में जहां कॉरपोरेट क्षेत्र तेजी से पैर पसार रहा है, वहां पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद अनिवार्य हो जाता है। ऐतिहासिक रूप से कॉरपोरेट मामलों में नियमों की रूपरेखा समय के साथ सख्त होती गई है ताकि निवेशकों का भरोसा कायम रहे और आर्थिक स्थिरता बनी रहे।

पेशेवर उत्कृष्टता और संस्थागत जवाबदेही

केंद्रीय मंत्री ने भारत की विकास यात्रा में कंपनी सचिवों के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट तथा आर्थिक व्यवस्था में सुशासन की प्रक्रियाओं को मजबूत करने में उनकी पेशेवर विशेषज्ञता महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। भारत के विकास के सफर में पेशेवर उत्कृष्टता और अच्छे कॉर्पोरेट गवर्नेंस को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। इसके अलावा, नैतिक उद्यमिता और सुशासन की मजबूत संस्कृति विकसित करने के महत्व पर भी बल दिया गया। आईसीएसआई जैसे पेशेवर संस्थानों की भूमिका शासन के मानकों को बढ़ावा देने और ऐसी कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने में अहम है।

आईसीएसआई की पहल और डिजिटल प्रयास

  • संस्थान के 80,000 से अधिक पेशेवर सदस्य और लगभग 2,50,000 छात्र हैं।
  • पंचायतों और स्थानीय निकायों के कामकाज से जुड़ी आईसीएसआई की पहलों पर ध्यान दिया गया।
  • कई भाषाओं में मैनुअल और प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने के संस्थान के प्रयास सराहनीय हैं।
  • संस्थान की प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के तहत इलेक्ट्रॉनिक और प्राथमिकता आधारित मतदान प्रणाली अपनाई गई।

भविष्य की दिशा और पारदर्शिता का महत्व

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कंपनी सेक्रेटरी अपनी पारंपरिक पेशेवर जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर गवर्नेंस सिस्टम को मजबूत करने में लगे हैं। वे अपनी विशेषज्ञता के जरिए संस्थानों को पूरा सहयोग दे रहे हैं। यह पेशा पारदर्शिता, जिम्मेदारी और सुशासन की संस्कृति को बढ़ावा देकर भारत के विकास में व्यापक योगदान दे सकता है। सामान्य नागरिकों और निवेशकों के लिए इस प्रकार की व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी वित्तीय या प्रशासनिक मोर्चे पर पारदर्शिता बनी रहे, जिससे अंततः देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कॉर्पोरेट गवर्नेंस क्या है और यह ज़रूरी क्यों है? कॉर्पोरेट गवर्नेंस वह नियम-प्रणाली है जिससे कंपनियाँ पारदर्शिता, जवाबदेही और हितधारकों के हितों की रक्षा के साथ संचालित होती हैं; यह निवेशकों का भरोसा और आर्थिक स्थिरता बढ़ाती है।

आईसीएसआई क्या करता है? इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया कंपनी सचिवों को प्रशिक्षित और नियंत्रित करने वाली वैधानिक संस्था है, जो कॉर्पोरेट अनुपालन में अहम भूमिका निभाती है।

बेहतर गवर्नेंस से देश के विकास में क्या लाभ है? यह घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करती है, वित्तीय धोखाधड़ी घटाती है और कंपनियों की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता मज़बूत करती है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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