
रोजमर्रा की गलत आदतों और गलत बैठने के तरीके से होने वाले पीठ दर्द से राहत पाने के लिए अपनाएं ये आसान और वैज्ञानिक तरीके।
मुख्य बातें
- लंबे समय तक एक ही जगह पर न बैठें, हर 45 मिनट पर उठकर थोड़ा टहलें।
- वजन उठाते समय कमर को मोड़ने के बजाय घुटनों को मोड़कर नीचे झुकें।
- नियमित रूप से पीठ की स्ट्रेचिंग और कोर-स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करें।
- दर्द ज्यादा होने पर शुरुआती 48 घंटों में बर्फ की सिंकाई करें और बाद में गर्म सिंकाई लें।
कमर दर्द के उपाय ढूंढ रहे हैं तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अधिकांश पीठ दर्द हमारी जीवनशैली और गलत शारीरिक मुद्रा (पोश्चर) के कारण होते हैं। लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठना, भारी सामान गलत तरीके से उठाना और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण हैं। सही आदतों को अपनाकर इस दर्द से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
कमर दर्द के उपाय क्या हैं?
कमर दर्द के उपाय में सक्रिय रहना, सही पोश्चर अपनाना, पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करना, और बर्फ या गर्म सिंकाई करना शामिल है। अधिकांश पीठ दर्द बिना किसी गंभीर मेडिकल ट्रीटमेंट के कुछ दिनों या हफ्तों में खुद ठीक हो जाते हैं, बशर्ते आप कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखें।
जीवनशैली में क्या बदलाव करें?
आपकी रोजमर्रा की आदतें तय करती हैं कि आपकी रीढ़ की हड्डी कितनी स्वस्थ रहेगी। काम के दौरान बार-बार अपनी स्थिति बदलें। कुर्सी पर बैठते समय अपनी पीठ सीधी रखें और पैरों को जमीन पर सपाट रखें। गद्दे का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि वह बहुत ज्यादा मुलायम न हो, बल्कि मध्यम रूप से सख्त (फर्म) हो, जो आपकी रीढ़ को सही सहारा दे सके।
वजन उठाने का सही तरीका
गलत तरीके से भारी सामान उठाना कमर की मांसपेशियों में खिंचाव का सबसे बड़ा कारण बनता है। कभी भी सीधे खड़े रहकर कमर के बल भारी वस्तु न उठाएं। हमेशा अपने घुटनों को मोड़कर नीचे बैठें, सामान को अपने शरीर के करीब रखें और पैरों की ताकत का इस्तेमाल करते हुए ऊपर उठें।
घरेलू और प्राकृतिक उपाय
दर्द की शुरुआत होने पर शुरुआती 48 घंटों तक बर्फ के टुकड़े को कपड़े में लपेटकर प्रभावित हिस्से पर 15 मिनट के लिए लगाएं। इससे सूजन कम होती है। इसके बाद के दिनों में गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड से सिंकाई करें, जिससे मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं। हल्दी वाला दूध पीना भी पारंपरिक रूप से सूजन कम करने में मददगार माना जाता है।
- हर दिन सुबह या शाम को हल्के स्ट्रेचिंग व्यायाम करें।
- काम के बीच में हर घंटे पांच मिनट का ब्रेक लेकर टहलें।
- पीठ को सहारा देने वाले एर्गोनोमिक चेयर का इस्तेमाल ऑफिस या घर में करें।
- नियमित रूप से हल्की वॉक या तैराकी जैसी गतिविधियां करें।
- शरीر में पानी की कमी न होने दें क्योंकि डिहाइड्रेशन से भी मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
हर कमर दर्द सामान्य नहीं होता है। यदि दर्द आपके पैरों तक फैल रहा है, पैर सुन्न पड़ रहे हैं, पेशाब या मल पर नियंत्रण कम हो गया है, या फिर किसी चोट के बाद अचानक तेज दर्द शुरू हुआ है, तो यह खतरे के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिना देर किए ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? कमर दर्द में कौन सा गद्देदार बिस्तर सही रहता है? उत्तर। बहुत अधिक मुलायम गद्दे से रीढ़ की हड्डी धंस जाती है, इसलिए मध्यम रूप से कड़ा (फर्म) गद्दा पीठ दर्द के मरीजों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
प्रश्न? क्या कमर दर्द में एक्सरसाइज करना बंद कर देना चाहिए? उत्तर। पूरी तरह बिस्तर पर लेटने से मांसपेशियां और कमजोर हो जाती हैं। डॉक्टर की सलाह से हल्के स्ट्रेचिंग और वॉक जारी रखनी चाहिए।
प्रश्न? क्या गर्म सिंकाई हमेशा फायदेमंद होती है? उत्तर। नहीं, चोट लगने के तुरंत बाद (शुरुआती 48 घंटे में) गर्म सिंकाई से बचें क्योंकि इससे सूजन बढ़ सकती है। इस दौरान ठंडी सिंकाई (आइस पैक) करनी चाहिए।
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी उपाय अपनाने, दवा लेने या आहार बदलने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






