
भारतीय घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी के अलावा दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी का खास स्थान है। ये टूर्नामेंट खिलाड़ियों को भारतीय टेस्ट टीम तक पहुंचने का रास्ता दिखाते हैं।
मुख्य बातें
- दलीप ट्रॉफी क्षेत्रीय या चुनिंदा टीमों के बीच खेली जाने वाली प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता है।
- ईरानी ट्रॉफी में मौजूदा रणजी ट्रॉफी चैंपियन और शेष भारत की टीम के बीच मुकाबला होता है।
- दोनों टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित किए जाते हैं।
- इन मुकाबलों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के सामने युवा और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परखना है।
दलीप ईरानी ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट के दो बेहद प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट हैं, जो देश के उदीयमान और अनुभवी क्रिकेटर्स के लिए राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खोलते हैं।
दलीप ईरानी ट्रॉफी क्या हैं?
दलीप ईरानी ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई (BCCI) के कैलेंडर का मुख्य हिस्सा हैं। दलीप ट्रॉफी में देश के विभिन्न क्षेत्रों या चुनिंदा टीमों के बीच मुकाबले होते हैं, जबकि ईरानी ट्रॉफी पिछले सीजन की रणजी चैंपियन टीम और शेष भारत की टीम के बीच खेली जाने वाली एक मैच की श्रृंखला है। दोनों ही टूर्नामेंट पारंपरिक रूप से सफेद कपड़ों और लाल गेंद से खेले जाते हैं, जो टेस्ट क्रिकेट का फॉर्मेट है।
दलीप ट्रॉफी का इतिहास और फॉर्मेट
दलीप ट्रॉफी की शुरुआत साल 1961-62 में की गई थी, जिसका नाम भारत के नवानगर के कुमार श्री दलीपसिंहजी के नाम पर रखा गया था। इस प्रतियोगिता का फॉर्मेट समय-समय पर बदलता रहा है। पहले इसमें देश के अलग-अलग भौगोलिक जोन (जैसे उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र) की टीमें आपस में मुकाबला करती थीं। हाल के वर्षों में चयन समिति द्वारा चुनी गई टीमों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य भारत के सर्वश्रेष्ठ रेड-बॉल क्रिकेटर्स को एक ही मंच पर लाकर उनके कौशल की कड़ी परीक्षा लेना है।
ईरानी ट्रॉफी का महत्व और मुकाबला
ईरानी ट्रॉफी की शुरुआत 1959-60 में रणजी ट्रॉफी के रजत जयंती वर्ष को मनाने के लिए की गई थी। इसका नाम बीसीसीआई के लंबे समय तक प्रशासक रहे स्वर्गीय जल ईरानी के नाम पर रखा गया था। इस टूर्नामेंट में ठीक पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन का खिताब जीतने वाली टीम का सामना ‘रेस्ट ऑफ इंडिया’ यानी शेष भारत की टीम से होता है। शेष भारत की टीम में देश के उन बेहतरीन खिलाड़ियों को चुना जाता है जो रणजी विजेता टीम में शामिल नहीं थे। यह मुकाबला आमतौर पर घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत या समाप्ति का एक बड़ा आकर्षण होता है।
राष्ट्रीय चयन में इन टूर्नामेंट्स की भूमिका
घरेलू क्रिकेट में इन दोनों टूर्नामेंट्स को खिलाड़ी के चयन का पैमाना माना जाता है। जब कोई युवा खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में लगातार रन बनाता है या विकेट लेता है, तो उसे दलीप ट्रॉफी या शेष भारत की टीम में जगह मिलती है। यहां उसका मुकाबला देश के अन्य शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ होता है। राष्ट्रीय चयनकर्ता इन मैचों के प्रदर्शन को बेहद बारीकी से देखते हैं। यदि कोई खिलाड़ी यहाँ अपनी छाप छोड़ता है, तो उसे भारतीय टेस्ट टीम में बुलावा मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी टी20 मैच होते हैं? उत्तर। नहीं, ये दोनों प्रथम श्रेणी यानी मल्टी-डे (चार दिवसीय) मैच होते हैं जो पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट नियमों के तहत खेले जाते हैं।
प्रश्न? ईरानी ट्रॉफी में कौन सी दो टीमें खेलती हैं? उत्तर। रणजी ट्रॉफी की मौजूदा चैंपियन टीम और देश के बाकी हिस्सों से चुने गए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की ‘शेष भारत’ टीम।
प्रश्न? इन टूर्नामेंट्स का आयोजन कौन करता है? उत्तर। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इन दोनों प्रतियोगिताओं का संचालन करता है।
यह लेख सामान्य खेल जानकारी के लिए है। नियम और फॉर्मेट में समय-समय पर बोर्ड द्वारा बदलाव किए जा सकते हैं, जिसकी पुष्टि बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर की जा सकती है।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






