रविवार, अक्टूबर 25, 2026

भारत को वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग के लिए कौशल विकास पर देना होगा जोर: एचडी कुमारस्वामी

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कौशल विकास

पीआईबी के अनुसार केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा है कि भारत को वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग के लिए भविष्य के कार्यबल का निर्माण करना होगा।

मुख्य बातें

  • केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने नई दिल्ली में एएसडीसी वार्षिक सम्मेलन 2026 को संबोधित किया।
  • रोमानिया में रोजगार के लिए 43 कुशल उम्मीदवारों को रवाना किया गया।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में एएसडीसी से 5,08,173 शिक्षार्थियों को लाभ मिला।
  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऑटोमेशन के कारण ऑटोमोटिव क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है।

पीआईबी के अनुसार केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने देश में कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि भारत के युवा वर्ग के लिए नए अवसर पैदा करना आवश्यक है। नई दिल्ली में ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एएसडीसी) के वार्षिक सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि देश विकसित भारत@2047 की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि हमारी युवा पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों के मुताबिक तैयार किया जाए।

ऑटोमोटिव क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और कौशल विकास

मंत्री ने बताया कि भारत का ऑटोमोटिव क्षेत्र इस समय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऑटोमेशन, कनेक्टेड टेक्नोलॉजीज और इंडस्ट्री 4.0 की वजह से एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि विनिर्माण और प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बन रहा है। इस तेज बदलाव के बीच कौशल विकास के जरिए ही देश के युवाओं को सार्थक रोजगार मिल सकता है और वे वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।

ऑटोमोबाइल निर्माण से लेकर बैटरी उत्पादन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा हो रही हैं। इन नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष इंजीनियरों और तकनीशियनों की आवश्यकता है। इसलिए पारंपरिक शिक्षा प्रणालियों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देना और निरंतर कौशल विकास करना आज के समय की सबसे बड़ी मांग बन गया है ताकि युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें।

उद्योग और शिक्षा का तालमेल

उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी के बिना आधुनिक समय की जरूरतों को पूरा करना असंभव है। निर्माताओं और डीलरों को आगे आकर यह बताना होगा कि कार्यस्थल की वास्तविक मांग क्या है। पीआईबी के अनुसार, कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योग की बदलती जरूरतों के हिसाब से लगातार अपडेट किया जाना चाहिए ताकि छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ जमीनी हकीकत का भी पूरा अनुभव मिल सके।

  • ऑटोमोटिव उद्योग में लगातार हो रहे तकनीकी बदलावों से निपटने के लिए प्रशिक्षण जरूरी है।
  • रोमानिया भेजे गए 43 उम्मीदवार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते अवसरों का प्रमाण हैं।
  • वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 5 लाख से अधिक शिक्षार्थियों ने एएसडीसी के माध्यम से लाभ उठाया।
  • सरकार और उद्योग जगत की संयुक्त भागीदारी से ही भविष्य के कार्यबल का निर्माण संभव है।

वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिभा

कार्यक्रम के दौरान रोमानिया के लिए 43 उम्मीदवारों को रवाना किया गया, जो यह दर्शाता है कि दुनिया भर में कुशल भारतीय युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। एएसडीसी जैसी संस्थाएं भविष्य की जरूरतों का आकलन करके युवाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं। कौशल विकास के इस मॉडल से न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।

सरकार विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जब तक हमारे पास सही योजना और मजबूत बुनियादी ढांचा नहीं होगा, तब तक इस महान विजन को पूरा करना कठिन होगा। कौशल विकास, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के माध्यम से ही भारत की जनसांख्यिकीय ताकत को दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक संपत्ति में बदला जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? एएसडीसी वार्षिक सम्मेलन 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या था? उत्तर। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग के लिए भविष्य के कुशल कार्यबल का निर्माण करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना था।

प्रश्न? वित्त वर्ष 2025-26 में कितने शिक्षार्थियों को एएसडीसी से लाभ मिला? उत्तर। इस अवधि के दौरान कुल 5,08,173 शिक्षार्थियों को एएसडीसी से लाभ प्राप्त हुआ।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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