
आईपीएल ऑक्शन में खिलाड़ियों की खरीद, रिटेंशन, RTM और पर्स बजट के सभी आधिकारिक नियमों की आसान हिंदी व्याख्या।
मुख्य बातें
- आईपीएल टीम में न्यूनतम 18 और अधिकतम 25 खिलाड़ी हो सकते हैं।
- प्रत्येक टीम के लिए कुल 8 विदेशी खिलाड़ी स्क्वाड में रखने की सीमा होती है।
- मेगा ऑक्शन से पहले फ्रैंचाइजी सीमित खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती हैं।
- RTM (राइट टू मैच) कार्ड से पुरानी टीम सबसे ऊंची बोली की बराबरी कर सकती है।
- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हर सत्र के लिए पर्स बजट तय करता है।
आईपीएल नीलामी नियम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा तय किए गए वे दिशानिर्देश हैं जिनके तहत सभी 10 फ्रैंचाइज़ी टीमें खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करती हैं या रिटेन करती हैं।
आईपीएल नीलामी नियम क्या हैं?
आईपीएल नीलामी नियम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा बनाए गए वे नियम हैं जो खिलाड़ियों की खरीद, रिटेंशन और टीम बजट (सैलरी पर्स) को नियंत्रित करते हैं। इन नियमों के तहत हर टीम को एक निश्चित रकम मिलती है, जिससे वे ऑक्शन के दौरान अधिकतम 25 खिलाड़ियों का संतुलित स्क्वाड तैयार करती हैं।
आईपीएल नीलामी नियम: मेगा ऑक्शन और मिनी ऑक्शन में अंतर
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दो तरह की नीलामी का आयोजन किया जाता है—मेगा ऑक्शन और मिनी ऑक्शन। दोनों के नियम और उद्देश्य अलग-अलग होते हैं।
| पहलू | मेगा ऑक्शन (Mega Auction) | मिनी ऑक्शन (Mini Auction) |
|---|---|---|
| आयोजन समय | हर 3 से 4 साल में एक बार | हर साल मेगा ऑक्शन के बीच में |
| रिटेन खिलाड़ी | सीमित संख्या (जैसे 4 से 6 खिलाड़ी) | अधिकांश पुरानी टीम बरकरार रहती है |
| RTM कार्ड | नियमों के अनुसार उपलब्ध | उपलब्ध नहीं होता है |
| टीम का ढांचा | पूरी टीम नए सिरे से बनती है | केवल खाली जगहों को भरा जाता है |
रिटेंशन और RTM (राइट टू मैच) के नियम
मेगा ऑक्शन से पहले टीमों के पास अपने कुछ मुख्य खिलाड़ियों को रोकने यानी रिटेन करने का अधिकार होता है। रिटेंशन के लिए बीसीसीआई विशेष स्लैब और सैलरी कट तय करता है। यदि कोई टीम अपने खिलाड़ी को रिटेन करती है, तो उसकी निर्धारित राशि टीम के कुल पर्स बजट से काट ली जाती है।
RTM (Right To Match) क्या है?
RTM कार्ड का उपयोग ऑक्शन टेबल पर किया जाता है। यदि किसी टीम ने अपने पूर्व खिलाड़ी को रिटेन नहीं किया और वह खिलाड़ी नीलामी में उतरा, तो नीलामी के दौरान जब दूसरी टीम उस खिलाड़ी पर सबसे ऊंची बोली लगा देती है, तब नीलामीकर्ता पुरानी टीम से पूछता है कि क्या वे RTM का इस्तेमाल करना चाहते हैं। यदि पुरानी टीम RTM का उपयोग करती है, तो वह खिलाड़ी उसी उच्चतम बोली की कीमत पर अपनी पुरानी टीम में वापस चला जाता है।
मान लीजिए किसी स्टार खिलाड़ी पर किसी दूसरी टीम ने 10 करोड़ रुपये की अंतिम बोली लगाई। यदि खिलाड़ी की पुरानी टीम के पास RTM कार्ड बचा है, तो वह 10 करोड़ रुपये देकर उस खिलाड़ी को सीधे अपनी टीम में वापस शामिल कर सकती है।
आईपीएल नीलामी के 5 मुख्य चरण
नीलामी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए बीसीसीआई एक व्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करता है। आईपीएल नीलामी नियम के तहत ऑक्शन के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
- खिलाड़ियों का पंजीकरण: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नीलामी में शामिल होने के लिए अपना नाम पंजीकृत कराते हैं और अपना बेस प्राइस तय करते हैं।
- शॉर्टलिस्ट तैयार करना: सभी फ्रैंचाइजी अपनी पसंद के खिलाड़ियों की सूची बीसीसीआई को सौंपती हैं, जिसके आधार पर अंतिम ऑक्शन लिस्ट बनती है।
- मार्की सेट की नीलामी: ऑक्शन की शुरुआत दुनिया के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों (मार्की सेट) की बोली से होती है।
- सेट-वार बोली: खिलाड़ियों को उनकी भूमिका के आधार पर बांटा जाता है—जैसे बल्लेबाज, गेंदबाज, ऑलराउंडर और विकेटकीपर।
- एक्सेलेरेटेड ऑक्शन: नीलामी के अंतिम भाग में बची हुई खाली जगहों को भरने के लिए बिना बिके खिलाड़ियों पर तेजी से बोली लगाई जाती है।
स्क्वाड की सीमाएं और विदेशी खिलाड़ियों के नियम
हर फ्रैंचाइजी को ऑक्शन टेबल पर अपनी टीम बनाते समय कुछ कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है:
- कुल खिलाड़ी सीमा: एक टीम में कम से कम 18 और अधिकतम 25 खिलाड़ी हो सकते हैं।
- विदेशी खिलाड़ियों की संख्या: किसी भी टीम के 25 खिलाड़ियों के दल में अधिकतम 8 विदेशी (ओवरसीज) खिलाड़ी ही शामिल हो सकते हैं।
- प्लेइंग इलेवन में विदेशी खिलाड़ी: मैदान पर खेलने वाली 11 खिलाड़ियों की मुख्य टीम में एक समय पर अधिकतम 4 विदेशी खिलाड़ी ही खेल सकते हैं।
- अनकैप्ड खिलाड़ी: जिन भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है, उन्हें अनकैप्ड श्रेणी में रखा जाता है। नियम के मुताबिक हर टीम में अनकैप्ड प्रतिभाओं को शामिल करना जरूरी होता है।
सैलरी पर्स बजट और बेस प्राइस नियम
हर ऑक्शन से पहले बीसीसीआई सभी टीमों के लिए एक समान पर्स बजट की घोषणा करता है। जब भी कोई टीम खिलाड़ी को खरीदती या रिटेन करती है, उसकी राशि इस पर्स बजट से घटती जाती है।
खिलाड़ियों का न्यूनतम मूल्य (बेस प्राइस) भी पहले से तय होता है। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए बेस प्राइस आमतौर पर 50 लाख, 1 करोड़, 1.5 करोड़ या 2 करोड़ रुपये तक हो सकता है। अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेस प्राइस 20 लाख, 30 लाख या 40 लाख रुपये तय किया जाता है। ऑक्शन के दौरान कोई भी बोली बेस प्राइस से कम नहीं हो सकती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: आईपीएल ऑक्शन में RTM कार्ड कितनी बार इस्तेमाल किया जा सकता है?
उत्तर: बीसीसीआई हर मेगा ऑक्शन से पहले RTM कार्ड की अधिकतम संख्या तय करता है। आमतौर पर रिटेन किए गए खिलाड़ियों की संख्या और RTM कार्ड मिलाकर कुल सीमा निर्धारित की जाती है।
प्रश्न: यदि किसी टीम का पर्स बजट खत्म हो जाए तो क्या होगा?
उत्तर: अगर किसी टीम का बजट समाप्त हो जाता है, तो वह नीलामी में आगे किसी भी खिलाड़ी पर बोली नहीं लगा सकती, भले ही उसकी टीम में न्यूनतम 18 खिलाड़ी पूरे न हुए हों।
प्रश्न: क्या ऑक्शन के बाद खिलाड़ियों की अदला-बदली हो सकती है?
उत्तर: हां, ट्रेड विंडो (Trade Window) के नियम के तहत टूर्नामेंट शुरू होने से पहले टीमें आपस में खिलाड़ियों की अदला-बदली कर सकती हैं, बशर्ते बीसीसीआई इसकी अनुमति दे।
प्रश्न: चोटिल खिलाड़ी के स्थान पर रिप्लेसमेंट का क्या नियम है?
उत्तर: यदि कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट से बाहर होता है, तो टीम बीसीसीआई की स्वीकृति से नीलामी में अनसोल्ड रहे खिलाड़ियों में से समान या कम कीमत का रिप्लेसमेंट चुन सकती है।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






