
आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल और NSDL पर अपना रिफंड स्टेटस चेक करने का सही और स्टेप-बाय-स्टेप तरीका जानें।
मुख्य बातें
- ई-फाइलिंग पोर्टल incometax.gov.in पर लॉगिन करके रिफंड स्टेटस आसानी से चेक किया जा सकता है।
- रिफंड केवल उसी बैंक खाते में आता है जो पैन (PAN) से लिंक और प्री-वैलिडेट (Pre-validated) होता है।
- रिफंड चेक करने के लिए स्थायी खाता संख्या (PAN) और संबंधित असेसमेंट ईयर (AY) की जरूरत होती है।
- रिफंड बैंक खाते में न आने पर ई-फाइलिंग पोर्टल से Refund Re-issue Request भेजी जा सकती है।
टैक्स रिफंड स्टेटस चेक करने के लिए आयकर विभाग का आधिकारिक पोर्टल incometax.gov.in और NSDL TIN पोर्टल सबसे सुरक्षित माध्यम हैं। जब कोई करदाता अपनी कुल कर देयता से अधिक एडवांस टैक्स या टीडीएस (TDS) जमा कर देता है, तो आयकर विभाग वह अतिरिक्त राशि वापस करता है जिसे आयकर रिफंड कहा जाता है।
टैक्स रिफंड स्टेटस क्या है?
टैक्स रिफंड स्टेटस वह आधिकारिक अपडेट है जो बताता है कि आपके द्वारा फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की प्रक्रिया किस चरण में है। इसमें यह स्पष्ट होता है कि आपका रिफंड स्वीकार कर लिया गया है, बैंक को भेज दिया गया है, या किसी दस्तावेज की कमी के कारण अटका हुआ है।
टैक्स रिफंड स्टेटस चेक करने के लिए आवश्यक चीजें
ऑनलाइन रिफंड की स्थिति जांचने से पहले आपके पास निम्नलिखित जानकारी और सुविधाएं होनी चाहिए:
- पैन कार्ड नंबर (PAN): आपका 10 अंकों का स्थायी खाता संख्या।
- असेसमेंट ईयर (Assessment Year): जिस वित्त वर्ष के लिए आपने रिटर्न फाइल किया है उसका अगला निर्धारण वर्ष (जैसे FY 2024-25 के लिए AY 2025-26)।
- ई-फाइलिंग पोर्टल का यूजर आईडी और पासवर्ड: इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए।
- प्री-वैलिडेटेड बैंक खाता: आपका रिफंड सीधे उसी खाते में आता है जो ई-फाइलिंग पोर्टल पर पैन के साथ सत्यापित हो।
आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल से टैक्स रिफंड स्टेटस चेक करने का तरीका
आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करके आप कुछ ही मिनटों में अपने रिफंड का सही स्टेटस जान सकते हैं। चरण-दर-चरण प्रक्रिया नीचे दी गई है:
- आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल incometax.gov.in पर जाएं।
- अपनी यूजर आईडी (पैन नंबर) और पासवर्ड की मदद से पोर्टल में लॉगिन करें।
- मुख्य डैशबोर्ड पर ‘e-File’ टैब पर जाएं, फिर ‘Income Tax Returns’ विकल्प चुनें और ‘View Filed Returns’ पर क्लिक करें।
- आपके द्वारा फाइल किए गए सभी रिटर्न की सूची दिखाई देगी। वांछित असेसमेंट ईयर का चयन करें।
- चयनित वर्ष के सामने ‘View Details’ पर क्लिक करें, जहां आपको टैक्स रिफंड स्टेटस, रिफंड जारी करने की तारीख और रिफंड की राशि दिखाई देगी।
मान लीजिए आपने असेसमेंट ईयर 2025-26 का रिटर्न जुलाई में दाखिल किया था। यदि पोर्टल पर ‘Refund Processed’ लिखा आता है, तो इसका अर्थ है कि आयकर विभाग ने आपकी रिफंड राशि बैंक ट्रांसफर के लिए भेज दी है।
NSDL / TIN वेबसाइट के जरिए टैक्स रिफंड स्टेटस देखना
यदि आप ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन किए बिना सीधा स्टेटस देखना चाहते हैं, तो NSDL TIN पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं:
- NSDL के आधिकारिक रिफंड ट्रैकिंग पेज पर जाएं।
- निर्धारित बॉक्स में अपना पैन नंबर दर्ज करें।
- संबंधित असेसमेंट ईयर (Assessment Year) का चयन करें।
- स्क्रीन पर दिखाई दे रहा कैप्चा कोड भरें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
- आपकी स्क्रीन पर रिफंड की स्थिति, भुगतान का तरीका और रिफंड जारी होने की तारीख आ जाएगी।
रिफंड स्टेटस के विभिन्न मैसेज का क्या अर्थ है?
पोर्टल पर रिफंड जांचते समय अलग-अलग संदेश दिखाई दे सकते हैं। नीचे दी गई तालिका से समझें कि किस मैसेज का क्या मतलब है:
| स्टेटस मैसेज | इसका अर्थ क्या है |
|---|---|
| Processed with Refund | आपका रिटर्न प्रोसेस हो गया है और रिफंड स्वीकृत हो चुका है। |
| Refund Paid | आयकर विभाग द्वारा पैसा आपके बैंक खाते में भेजा जा चुका है। |
| Refund Failed | तकनीकी या गलत बैंक विवरण के कारण रिफंड विफल हो गया है। |
| Under Processing | आपका रिटर्न अभी जांच के चरण में है, प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। |
टैक्स रिफंड अटकने या देरी होने के प्रमुख कारण
कई बार टैक्सपेयर्स का रिफंड समय पर खाते में नहीं पहुंचता। इसके पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण होते हैं:
- बैंक खाता प्री-वैलिडेट न होना: यदि आपका बैंक अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेट नहीं है, तो रिफंड रोक दिया जाता है।
- पैन और बैंक खाते में नाम में अंतर: यदि आपके पैन कार्ड और बैंक खाते के नाम में कोई स्पेलिंग मिस्टेक है, तो ट्रांजेक्शन फेल हो जाता है।
- आईटीआर का ई-वेरिफिकेशन न होना: फाइल करने के 30 दिनों के भीतर यदि ITR-V को ई-वेरीफाई नहीं किया गया, तो रिटर्न अमान्य माना जाता है।
- आयकर विभाग की ओर से नोटिस (Section 143(1)): यदि आपकी दाखिल की गई आय और विभाग के आंकड़ों में अंतर है, तो विभाग नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगता है।
रिफंड फेल होने पर क्या करें? (Refund Re-issue Request)
यदि पोर्टल पर स्टेटस ‘Refund Failed’ दिखाई दे रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से दोबारा रिफंड जारी करने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर लॉगिन करें, ‘Services’ सेक्शन में जाएं और ‘Refund Re-issue’ का चयन करें। इसके बाद अपना सही और प्री-वैलिडेटेड बैंक खाता चुनकर सबमिट कर दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: आईटीआर फाइल करने के कितने दिनों बाद रिफंड आता है?
उत्तर: सामान्यतः ITR ई-वेरीफाई होने के 15 से 45 दिनों के भीतर रिफंड बैंक खाते में आ जाता है। यदि प्रक्रिया में कोई विसंगति नहीं है, तो यह समय और कम हो सकता है।
प्रश्न 2: क्या बिना लॉगिन किए रिफंड स्टेटस देखा जा सकता है?
उत्तर: हां, आप NSDL TIN पोर्टल पर केवल अपने पैन नंबर और असेसमेंट ईयर की जानकारी डालकर बिना लॉगिन किए भी रिफंड स्टेटस देख सकते हैं।
प्रश्न 3: रिफंड पर ब्याज कब मिलता है?
उत्तर: यदि रिफंड में देरी आयकर विभाग की ओर से होती है और रिफंड राशि कुल टैक्स का 10% या उससे अधिक है, तो विभाग धारा 244A के तहत 0.5% प्रति माह की दर से ब्याज प्रदान करता है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी योग्य/सेबी-पंजीकृत सलाहकार से परामर्श करें।
आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://www.incometax.gov.in
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






