
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने फिलीपींस की प्रथम महिला लुईस अरानेता-मार्कोस के साथ बैठक में महिला-नेतृत्व वाले विकास और वैश्विक साझेदारी पर विचार साझा किए।
मुख्य बातें
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने फिलीपींस की प्रथम महिला लुईस अरानेता-मार्कोस से दोपहर के भोज पर मुलाकात की।
- बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला-नेतृत्व वाले विकास (Women-Led Development) के विजन को साझा किया गया।
- भारत ने समृद्ध भविष्य के निर्माण में महिलाओं को बराबर का साझेदार और नेतृत्वकर्ता बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- वार्ता में वर्ष 2026 के लिए भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता के संदर्भ और वैश्विक प्राथमिकताओं को शामिल किया गया।
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने फिलीपींस गणराज्य की प्रथम महिला महामहिम श्रीमती लुईस अरानेता-मार्कोस (Louise Araneta-Marcos) के साथ नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय दोपहर के भोज (Luncheon) बैठक के दौरान मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकास और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के विभिन्न आयामों पर विस्तृत बातचीत हुई। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस बैठक में भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को निर्णय लेने वाले पदों पर स्थापित करने के प्रयासों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
महिला नेतृत्व विकास पर भारत और फिलीपींस की बैठक
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने फिलीपींस की प्रथम महिला लुईस अरानेता-मार्कोस के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला-नेतृत्व वाले विकास के विजन को साझा किया। इस दौरान भारत ने महिलाओं को केवल विकास का लाभार्थी मानने के बजाय समाज और अर्थव्यवस्था के निर्माण में बराबर का साझेदार और नेतृत्वकर्ता बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत किस प्रकार महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए दूरगामी कदम उठा रहा है। इस वार्ता में भारत द्वारा वर्ष 2026 में ब्रिक्स (BRICS) समूह की अध्यक्षता के संदर्भ को भी प्रमुखता से शामिल किया गया।
- महिला नेतृत्व वाला विकास: निर्णय प्रक्रिया और नीति निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
- समान भागीदारी: समृद्ध और समावेशी भविष्य के निर्माण में महिलाओं को बराबर का अधिकार देना।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: ब्रिक्स 2026 (BRICS 2026) की भारत की अध्यक्षता के तहत वैश्विक मंचों पर लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे को बढ़ावा देना।
- अनुभवों का आदान-प्रदान: भारत और फिलीपींस के बीच महिला कल्याण और बाल विकास से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना।
महिला-नेतृत्व वाला विकास: नीतिगत बदलाव और भारत का विजन
अन्नपूर्णा देवी ने बैठक के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत अब केवल ‘महिलाओं के विकास’ (Women’s Development) तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ (Women-Led Development) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस दृष्टिकोण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं और सहायता का प्राप्तकर्ता या लाभार्थी बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें देश की प्रगति की मुख्यधारा में लाकर नीति-निर्माता और नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना है। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, यह विजन देश के समग्र सामाजिक और आर्थिक ढांचे में महिलाओं की भूमिका को नया आयाम दे रहा है।
भारत में इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए हैं। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ इसी दिशा में उठाया गया एक कानूनी प्रावधान है। इसके अलावा, देश भर में करोड़ों महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें वित्तीय सेवाएं, ऋण और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता और वैश्विक मंचों पर अन्नपूर्णा देवी की पहल
वर्ष 2026 में ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता भारत के पास है। इस अध्यक्षता के तहत भारत वैश्विक मंच पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास के एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व में मंत्रालय ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ मिलकर महिला उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में काम कर रहा है।
ब्रिक्स समूह में भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील के साथ-साथ नए सदस्य देश भी शामिल हैं। भारत की प्राथमिकता यह है कि ब्रिक्स के माध्यम से महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन मिले, डिजिटल साक्षरता का प्रसार हो और वित्तीय समावेश के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग बढ़े। केंद्रीय मंत्री द्वारा फिलीपींस की प्रथम महिला के साथ बैठक के दौरान साझा किया गया संदेश यह स्पष्ट करता है कि भारत ब्रिक्स के माध्यम से विकासशील दुनिया में महिला-नेतृत्व वाले विकास की सोच को व्यापक रूप से स्थापित करना चाहता है।
भारत और फिलीपींस के बीच सामाजिक संबंधों का विस्तार
भारत और फिलीपींस के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक, रक्षा और रणनीतिक सहयोग के साथ-साथ सामाजिक एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में भी साझेदारी मजबूत हुई है। फिलीपींस की प्रथम महिला लुईस अरानेता-मार्कोस की इस भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
फिलीपींस भी दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN) का एक प्रमुख देश है, जहां महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अन्नपूर्णा देवी के साथ हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात से दोनों देशों को एक-दूसरे के अनुभवों और सफल मॉडलों से सीखने का अवसर मिलेगा। भारत का मानना है कि दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देश मिलकर महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए अधिक प्रभावी रणनीति बना सकते हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की प्रमुख योजनाएं
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय देश में महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं संचालित कर रहा है। इनमें से प्रमुख योजनाएं निम्नलिखित हैं:
मिशन शक्ति: यह योजना महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई है। इसके दो उप-घटक ‘संबल’ (सुरक्षा और संरक्षण के लिए) और ‘सामर्थ्य’ (सशक्तिकरण के लिए) हैं।
मिशन पोषण 2.0: बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण को दूर करने और स्वास्थ्य सुधार के लिए यह एक राष्ट्रीय अभियान है।
मिशन वात्सल्य: बाल संरक्षण सेवाओं को मजबूत करने और संकटग्रस्त बच्चों को संस्थागत देखरेख प्रदान करने का कार्य इस मिशन के तहत किया जाता है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सहायता के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किससे मुलाकात की?
उत्तर: केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने फिलीपींस गणराज्य की प्रथम महिला महामहिम श्रीमती लुईस अरानेता-मार्कोस से नई दिल्ली में मुलाकात की।
प्रश्न: इस बैठक का मुख्य विषय क्या था?
उत्तर: बैठक का मुख्य विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला-नेतृत्व वाले विकास के विजन को साझा करना और समृद्ध भविष्य के निर्माण में महिलाओं को समान भागीदार व नेतृत्वकर्ता के रूप में सशक्त बनाना था।
प्रश्न: इस बैठक में किस अंतरराष्ट्रीय समूह का संदर्भ दिया गया?
उत्तर: इस बैठक में वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता और उसके तहत महिला सशक्तिकरण के एजेंडे का संदर्भ दिया गया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






