गुरूवार, अक्टूबर 29, 2026

ईएसआईसी अस्पताल में सफल सुलह: 37 अनुबंध कर्मचारी बहाल और वेतन का भुगतान

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ईएसआईसी अस्पताल

श्रम और रोजगार मंत्रालय के हस्तक्षेप से कर्नाटक के कर्मचारी राज्य बीमा निगम मॉडल अस्पताल में नौकरी से निकाले गए 37 अनुबंध कर्मचारियों को वापस काम पर रख लिया गया है।

मुख्य बातें

  • कर्नाटक स्थित ईएसआईसी मॉडल अस्पताल में 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया।
  • कर्मचारियों को सितंबर 2026 के लिए लगभग 7.40 लाख रुपये के बकाए वेतन का भुगतान मिला।
  • बेंगलुरु के उप मुख्य श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्त के मार्गदर्शन में सुलह प्रक्रिया पूरी हुई।
  • अनुबंध अवधि समाप्त होने से पहले नर्सिंग अर्दली और सहायक कर्मचारियों को हटाने पर विवाद उठा था।

भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के तंत्र द्वारा समय पर किए गए हस्तक्षेप से एक औद्योगिक विवाद का सफलतापूर्वक समाधान हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, कर्नाटक स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) मॉडल अस्पताल में 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया है और उनके लगभग 7.40 लाख रुपये के बकाए वेतन का भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है।

ईएसआईसी अस्पताल में कैसे सुलझा विवाद?

ईएसआईसी अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों की बहाली और उनके अधिकारों की रक्षा श्रम मंत्रालय की मध्यस्थता से संभव हो पाई है। इस विवाद को कर्नाटक राज्य ईएसआईसी मॉडल अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों के संघ द्वारा उठाया गया था। यह विवाद अनुबंध की अवधि समाप्त होने से पहले ही नर्सिंग अर्दली और सहायक कर्मचारियों को काम से हटाए जाने से संबंधित था। इस मामले को तुरंत सुलह-वार्ता के लिए लिया गया और मुख्य नियोक्ता के रूप में ईएसआईसी तथा ठेकेदार को इस सुलह प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बुलाया गया। बेंगलुरु स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के मार्गदर्शन में, बेंगलुरु के सहायक श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के प्रभावी और समय पर किए गए हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप प्रभावित सभी 37 अनुबंध श्रमिकों को 23.10.2026 से पुनः काम पर रख लिया गया। इसके अलावा, सितंबर 2026 के महीने के उनके बकाए वेतन, जो लगभग 7.40 लाख रुपये था, का भुगतान भी कर दिया गया।

श्रमिकों के अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा

इस विवाद का समय पर समाधान होने से प्रभावित श्रमिकों के रोजगार की रक्षा हुई और उनके बकाए वेतन का भुगतान सुनिश्चित हुआ, जिससे श्रम से जुड़ी उचित कार्यप्रणालियों और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा मिला। यह सफल सुलह प्रक्रिया श्रमिकों के हितों की रक्षा करने, औद्योगिक विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद करने और श्रमिकों, नियोक्ताओं तथा अन्य हितधारकों के बीच रचनात्मक बातचीत को बढ़ावा देने के प्रति मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आधुनिक श्रम बाजार में ऐसे त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप अनिश्चितता का सामना कर रहे दैनिक वेतन भोगी और अनुबंधित कर्मियों के लिए एक बड़ा संबल बनते हैं। श्रम कानूनों के अनुपालन से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि संस्थानों के भीतर कार्य संस्कृति भी पारदर्शी और उत्तरदायी बनती है।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम और श्रम विभाग की भूमिका

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) देश भर के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला एक प्रमुख संगठन है। ऐसे अस्पतालों और संस्थानों में प्रत्यक्ष और अनुबंध दोनों तरह के कर्मचारी महत्वपूर्ण सेवाएं देते हैं। जब कभी श्रम विवाद या संविदा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, तो केन्द्रीय श्रम आयुक्त का तंत्र मध्यस्थ की भूमिका निभाता है। इस तंत्र का उद्देश्य अदालती मुकदमों में समय गंवाने के बजाय बातचीत और सुलह के माध्यम से समस्याओं का त्वरित समाधान निकालना होता है। कर्नाटक की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही समय पर प्रशासनिक कदम उठाए जाएं, तो कर्मचारियों और प्रबंधन दोनों के हितों का संतुलन बनाया जा सकता है।

आगे की प्रक्रिया और देखरेख

इस प्रकार के मामलों के समाधान के बाद श्रम विभाग यह सुनिश्चित करता है कि भविष्य में इस तरह की अचानक छंटनी न हो। अनुबंध कर्मचारियों को उनके तय सेवा नियमों के तहत काम करने का अधिकार मिलता है और ठेकेदारों को भी श्रम कानूनों का पूरी तरह से पालन करना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया पर बेंगलुरु स्थित श्रम कार्यालय की नजर रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के गतिरोध से बचा जा सके। श्रमिकों के संघ ने भी इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी उनके अधिकारों की रक्षा इसी तरह होती रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? कर्नाटक के ईएसआईसी अस्पताल में कितने कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया है? उत्तर। कर्नाटक के ईएसआईसी मॉडल अस्पताल में कुल 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया है।

प्रश्न? कर्मचारियों को कुल कितने वेतन का भुगतान किया गया है? उत्तर। कर्मचारियों को सितंबर 2026 के महीने के लगभग 7.40 लाख रुपये के बकाए वेतन का भुगतान किया गया है।

प्रश्न? इस विवाद को किसने उठाया था? उत्तर। इस विवाद को कर्नाटक राज्य ईएसआईसी मॉडल अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों के संघ द्वारा उठाया गया था।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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