
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में आरबीआई के डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया।
- देश में जनधन खातों की संख्या करीब 59 से 60 करोड़ तक पहुंच गई है।
- मुद्रा योजना के तहत 13 करोड़ लोगों को पहली बार उद्यमी बनने का अवसर मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर ओडिशा के राज्यपाल ब्रजमोहन राम, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नई सुविधा ओडिशा और देश के लोगों के लिए बेहद हितकारी साबित होगी।
आरबीआई डेटा सेंटर से बैंकिंग व्यवस्था होगी मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बीता हुआ दशक बैंकिंग को वंचित लोगों तक पहुंचाने का था, जबकि आने वाला दशक बैंकिंग को अधिक एफिशिएंट और भरोसेमंद बनाने का है। भुवनेश्वर में शुरू किया गया आरबीआई डेटा सेंटर इस दिशा में एक बड़ा कदम है। बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए इसके डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अनिवार्य है, जिसके लिए शक्तिशाली डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है।
साइबर खतरों से निपटने की तैयारी
बदलते समय के साथ वित्तीय अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं और साइबर लुटेरों से अर्थव्यवस्था की रक्षा करना जरूरी हो गया है। भुवनेश्वर में स्थापित किया गया नया साइबर सुरक्षा संस्थान आधुनिक तकनीक और कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा। पुराने तौर-तरीकों से आधुनिक साइबर खतरों का मुकाबला नहीं किया जा सकता, इसलिए यह संस्थान देश के वित्तीय तंत्र को सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
ओडिशा बनेगा विकास का ग्रोथ इंजन
पूर्वी भारत अब देश के विकसित भारत के विजन का एक सशक्त ग्रोथ इंजन बन रहा है। ओडिशा में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद विकास कार्यों को नई गति मिली है। राज्य अब प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। माइन्स से लेकर माइक्रोचिप्स तक, ओडिशा का यह नया सफर राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के नए रास्ते खोल रहा है।
यह भी जानें: बैंकिंग सुधार और जनधन योजना का असर
वर्ष 2014 से पहले देश की आधी से अधिक आबादी बैंकिंग प्रणाली से बाहर थी और ऋण केवल कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित थे। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद देश में लगभग 59 से 60 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं। मुद्रा योजना के माध्यम से 13 करोड़ लोगों को बिना गारंटी के ऋण मिला है और वे उद्यमी बने हैं। इसके अलावा, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से करोड़ों देशवासियों को वित्तीय सुरक्षा का कवच मिला है।
- भुवनेश्वर में आरबीआई के डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का लोकार्पण हुआ।
- लगभग 59-60 करोड़ जनधन खाते पूरे देश में खोले जा चुके हैं।
- मुद्रा योजना से 13 करोड़ लोगों को अपना काम शुरू करने में मदद मिली है।
- अटल पेंशन योजना से 9 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा मिली है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भुवनेश्वर में किन नई आरबीआई सुविधाओं का उद्घाटन हुआ है?
उत्तर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया है।
प्रश्न? इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर। इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करना और आधुनिक साइबर खतरों से निपटने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






